Friday , September 4 2026

PM Modi Marathon Meeting: पांच देशों की यात्रा से लौटते ही पीएम मोदी की मैराथन बैठक, मंत्रियों को दिए कड़े निर्देश

अंतरराष्ट्रीय मोर्चे और कूटनीतिक दौरों के बीच देश की आंतरिक नीतियों और आर्थिक सुरक्षा को लेकर एक बहुत बड़ी खबर सामने आई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पांच देशों की अपनी महत्वपूर्ण और सफल विदेश यात्रा पूरी कर गुरुवार को दिल्ली लौटते ही एक बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया। पीएम मोदी ने राजधानी के भारत मंडपम (Bharat Mandapam) में केंद्रीय मंत्रिपरिषद की एक लंबी और गहन मैराथन बैठक की अध्यक्षता की।

सीएनएन-न्यूज18 (CNN-News18) की रिपोर्ट के मुताबिक, यह उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक गुरुवार शाम करीब 5:00 बजे शुरू हुई और लगभग साढ़े चार घंटे तक लगातार चली। इस बैठक में प्रधानमंत्री ने सभी मंत्रियों को दो टूक शब्दों में निर्देश दिया कि उनके मंत्रालयों में जो भी जन-कल्याणकारी काम या नीतियां अभी तक अधूरी पड़ी हैं, उन्हें बिना किसी देरी के जल्द से जल्द अंतिम रूप देकर खत्म किया जाए।

मिडिल ईस्ट संकट और ₹100 के पार कच्चा तेल: देश में महंगाई का बड़ा खतरा

कूटनीतिक और आर्थिक जानकारों के मुताबिक, इस बैठक का समय और एजेंडा बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण है। दरअसल, पश्चिम एशिया (मिडल ईस्ट) में लगातार बढ़ते सैन्य तनाव और संघर्ष के कारण इस समय पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को लेकर वैश्विक चिंताएं आसमान पर पहुंच गई हैं। इसी अंतरराष्ट्रीय तनाव के चलते वैश्विक बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर चुकी हैं, जिससे भारत में महंगाई का एक नया चक्र शुरू होने का खतरा पैदा हो गया है।

आर्थिक वास्तविकता: भारत अपनी कुल घरेलू तेल जरूरतों का लगभग 85 प्रतिशत हिस्सा विदेशी देशों (मुख्य रूप से खाड़ी देशों) से आयात (खरीद) करता है। वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतों में होने वाली किसी भी बढ़ोतरी का सीधा असर देश में पेट्रोल-डीजल के रिटेल दामों, माल ढुलाई (ट्रांसपोर्ट खर्च) और अंततः रोजमर्रा के खाने-पीने की चीजों पर पड़ता है। इस महंगाई की वजह से कई क्षेत्रों में सामान और विभिन्न सेवाएं महंगी होने की प्रबल आशंका है।

गौरतलब है कि यह महत्वपूर्ण कैबिनेट बैठक ऐसे समय में आयोजित की गई है, जब कुछ ही दिनों पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के नागरिकों से देशहित में ईंधन (फ्यूल), सोने (Gold) की खरीद और विदेश यात्राओं पर होने वाले गैर-जरूरी खर्चों को कम से कम करने की विशेष अपील की थी, ताकि देश के विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव कम हो सके।

9 जून को मोदी सरकार पूरे करेगी ऐतिहासिक 12 साल

यह समीक्षा बैठक राजनीतिक और प्रशासनिक लिहाज से भी एक बड़ा माइलस्टोन मानी जा रही है, क्योंकि आगामी 9 जून 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार केंद्र की सत्ता में अपने ऐतिहासिक 12 वर्ष पूरे करने जा रही है। विदेश दौरे से थकान मिटाए बिना सीधे काम पर लौटे पीएम मोदी ने इस बैठक के लिए ‘सेवा तीर्थ’ को चुना।

आधिकारिक सूत्रों और मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो इस लंबी बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ने एक-एक कर सभी प्रमुख मंत्रालयों की प्रोग्रेस रिपोर्ट देखी, लंबित सरकारी योजनाओं की ग्राउंड रियलिटी का जायजा लिया और पश्चिम एशिया संकट के चलते भारतीय बाजारों और आपूर्ति श्रृंखला (सप्लाई चेन) पर पड़ने वाले असर की गहराई से समीक्षा की। पीएम के इस सख्त और सक्रिय रुख से साफ है कि सरकार अपने 12वें वर्ष के कार्यकाल में विकास कार्यों की रफ्तार को किसी भी कीमत पर धीमा नहीं पड़ने देना चाहती।