
वनडे इंटरनेशनल (ODI) क्रिकेट के इतिहास में जब भी 400 से अधिक रनों का स्कोर स्कोरबोर्ड पर टंगता है, तो अमूमन यही माना जाता है कि मैच का नतीजा पहली पारी में ही तय हो चुका है। लेकिन रावलपिंडी के ऐतिहासिक मैदान पर गुरुवार, 22 अक्टूबर 2026 को त्रिकोणीय सीरीज (Tri-Series) के महामुकाबले में जो कुछ हुआ, उसने पूरी दुनिया के क्रिकेट प्रेमियों और विशेषज्ञों को हैरत में डाल दिया। इंग्लैंड ने निर्धारित 50 ओवरों में 4 विकेट के नुकसान पर 430 रनों का विशालकाय और अजेय दिखने वाला स्कोर खड़ा किया था। इसके बावजूद श्रीलंकाई शेरों ने उम्मीद का दामन नहीं छोड़ा और अंतिम ओवर की पांचवीं गेंद तक चले रोंगटे खड़े कर देने वाले संघर्ष में 430 रनों का लक्ष्य हासिल कर इतिहास के पन्नों में अपना नाम अमर कर दिया। 49.5 ओवरों में 8 विकेट खोकर दर्ज की गई इस अविश्वसनीय जीत ने वनडे क्रिकेट के इतिहास में सबसे बड़े सफल रन चेज़ की बहस को एक बार फिर गरमा दिया है। आइए विस्तार से जानते हैं वनडे क्रिकेट इतिहास के उन पांच सबसे विशाल और चमत्कारी रन चेज़ के बारे में, जिन्होंने असंभव को संभव कर दिखाया।
वनडे क्रिकेट के इतिहास में सबसे बड़े और सबसे रोमांचक सफल रन चेज़ का विश्व रिकॉर्ड आज भी दक्षिण अफ्रीका की टीम के नाम दर्ज है। 12 मार्च 2006 को जोहान्सबर्ग के न्यू वांडरर्स स्टेडियम में खेले गए उस ऐतिहासिक मुकाबले में रिकी पोंटिंग के 164 रनों के दम पर ऑस्ट्रेलिया ने 4 विकेट पर 434 रनों का तब तक का सबसे बड़ा वनडे स्कोर खड़ा किया था। उस दौर में 435 रनों के लक्ष्य का पीछा करने की कल्पना भी किसी ने नहीं की थी। लेकिन दक्षिण अफ्रीका के बल्लेबाजों, खासकर हर्शल गिब्स (175 रन) और कप्तान ग्रीम स्मिथ (90 रन) ने अविश्वसनीय जवाबी हमला बोला। अंतिम क्षणों में मार्क बाउचर के अर्धशतक और अंतिम ओवर की पांचवीं गेंद पर लगाए गए चौके की बदौलत दक्षिण अफ्रीका ने 49.5 ओवर में 9 विकेट खोकर 438 रन बनाए और एक विकेट से जीत दर्ज कर ली। यह मैच आज भी क्रिकेट पंडितों द्वारा सदी का सबसे महान वनडे मैच माना जाता है।
रावलपिंडी में 22 अक्टूबर 2026 को खेला गया यह मुकाबला वनडे इतिहास का दूसरा सबसे बड़ा सफल रन चेज़ बन गया है। इंग्लैंड के बल्लेबाजों ने श्रीलंकाई गेंदबाजों की जमकर धुनाई करते हुए 4 विकेट पर 430 रन ठोके थे। इतने बड़े स्कोर का पीछा करने उतरी श्रीलंकाई टीम की शुरुआत भले ही दबाव भरी रही हो, लेकिन मध्यक्रम ने इतिहास रचने की ठान ली थी। युवा बल्लेबाज पवन रथनायके ने मैदान के चारों तरफ चौकों-छक्कों की बारिश करते हुए 130 रनों की धुआंधार शतकीय पारी खेली। उनका बखूबी साथ दिया सलामी बल्लेबाज अविष्का फर्नांडो और अनुभवी दसुन शनाका ने, जिन्होंने 97-97 रनों की विस्फोटक पारियां खेलीं। अंतिम ओवर में जब जीत के लिए जरूरी रनों की दरकार थी, तब पुछल्ले बल्लेबाजों ने संयम बनाए रखा और 49.5 ओवर में 8 विकेट पर लक्ष्य हासिल कर इंग्लैंड के जबड़े से जीत छीन ली।
वनडे क्रिकेट में 400 से अधिक रनों का सफल पीछा करने वाले विशिष्ट क्लब में भारतीय क्रिकेट टीम का नाम भी प्रमुखता से शामिल है। वर्ष 2026 में गुवाहाटी के एसीए स्टेडियम में खेले गए एक रोमांचक वनडे मैच में वेस्टइंडीज ने पहले बल्लेबाजी करते हुए भारतीय गेंदबाजों के खिलाफ रनों का पहाड़ खड़ा किया था और 405 रन बनाए थे। 406 रनों के विशाल लक्ष्य के जवाब में भारतीय टॉप ऑर्डर ने ऐसी तूफानी बल्लेबाजी की कि कैरेबियाई गेंदबाज बेबस नजर आए। टीम इंडिया ने मैदान पर चौतरफा आक्रमण करते हुए महज 43.3 ओवर में सिर्फ 2 विकेट खोकर 406 रन बना लिए और मैच को एकतरफा अंदाज में जीत लिया। 39 गेंदें शेष रहते इतना बड़ा लक्ष्य हासिल करना भारतीय बल्लेबाजी क्रम के आधुनिक प्रभुत्व और ताकत का सबसे बड़ा प्रमाण बना।
वनडे इतिहास के सबसे सनसनीखेज मुकाबलों में एसोसिएट देश नीदरलैंड्स की वह जीत हमेशा याद रखी जाएगी जो उसने आईसीसी वनडे विश्व कप क्वालिफायर 2023 के दौरान हरारे में दर्ज की थी। वेस्टइंडीज ने पहले बैटिंग करते हुए 50 ओवर में 374 रन बनाए थे और नीदरलैंड्स के सामने 375 रनों का बेहद कठिन लक्ष्य रखा था। डच ऑलराउंडर तेजा निदामनुरु के शानदार शतक और लोगान वैन बीक की ताबड़तोड़ पारी की बदौलत नीदरलैंड्स ने ठीक 50 ओवर में 9 विकेट पर 375 रन बनाकर मुकाबला टाई करा दिया। इसके बाद सुपर ओवर में लोगान वैन बीक ने वेस्टइंडीज के गेंदबाज जेसन होल्डर के एक ही ओवर में 30 रन ठोक डाले और फिर गेंद से भी कमाल करते हुए कैरेबियाई टीम को रोककर नीदरलैंड्स को ऐतिहासिक जीत दिलाई।
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बड़े स्कोर चेज करने के मामले में दक्षिण अफ्रीका का रिकॉर्ड हमेशा से असाधारण रहा है। 5 अक्टूबर 2016 को डरबन के किंग्समीड मैदान पर खेले गए सीरीज के तीसरे वनडे में ऑस्ट्रेलिया ने डेविड वॉर्नर और स्टीव स्मिथ के शतकों की बदौलत 6 विकेट पर 371 रनों का मजबूत स्कोर बनाया था। 372 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी प्रोटीज टीम ने लगातार विकेट गिरने के बावजूद रन गति को धीमा नहीं पड़ने दिया। डेविड मिलर ने 79 गेंदों पर नाबाद 118 रनों की आंधी जैसी पारी खेली और ऑलराउंडर एंडिले फेहलुकवायो के साथ मिलकर सातवें विकेट के लिए अटूट शतकीय साझेदारी की। दक्षिण अफ्रीका ने 49.2 ओवर में 6 विकेट खोकर 372 रन बना लिए और 4 विकेट से यादगार जीत दर्ज कर सीरीज अपने नाम की थी।
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