
भारतीय शेयर बाजार में पिछले कुछ सत्रों से उतार-चढ़ाव का दौर जारी है। ११ जून के कारोबारी सत्र में भी निफ्टी ने लगातार दूसरे दिन एक बेहद सीमित दायरे (रेंज-बाउंड) में कारोबार किया। हालांकि, राहत की बात यह रही कि इंडेक्स किसी तरह २३,१०० के मनोवैज्ञानिक स्तर को बचाने में कामयाब रहा। बाजार का ओवरऑल सेंटीमेंट अभी भी मंदड़ियों (Bears) के थोड़ा ज्यादा करीब दिख रहा है, क्योंकि निफ्टी अपने सभी महत्वपूर्ण मूविंग एवरेज से नीचे फिसल चुका है।
दूसरी तरफ, बैंक निफ्टी में थोड़ी मजबूती लौटती दिख रही है, जिससे शॉर्ट-टर्म ट्रेडर्स को राहत मिली है। आइए विस्तार से समझते हैं कि टेक्निकल चार्ट, आरएसआई (RSI), और पिवट पॉइंट्स आज की ट्रेडिंग के लिए क्या बड़े संकेत दे रहे हैं।
1. निफ्टी (Nifty 50) का टेक्निकल एनालिसिस और अहम लेवल्स
डेली चार्ट पर नजर डालें तो निफ्टी ने एक छोटी बॉडी वाली बुलिश कैंडल बनाई है, जिसकी ऊपरी शैडो (Upper Shadow) काफी लंबी है। आसान शब्दों में कहें तो बाजार जब भी ऊपरी स्तरों पर जाने की कोशिश कर रहा है, वहां बिकवाली का भारी दबाव (Profit Booking) देखने को मिल रहा है। इंडेक्स इस समय अपने लोअर बोलिंगर बैंड के पास ट्रेड कर रहा है।
-
आरएसआई (RSI): यह गिरकर ३७.८६ पर आ चुका है, जो बाजार में लगातार बनी कमजोरी को दर्शाता है।
-
एमएसीडी (MACD): यह अभी भी सिग्नल लाइन के नीचे है, हालांकि इसका रेड हिस्टोग्राम बार अब छोटा हो रहा है, जो संकेत देता है कि गिरावट की रफ्तार थोड़ी धीमी पड़ सकती है।
-
अहम जोन: जानकारों के मुताबिक, निफ्टी के लिए २३,४००–२३,५०० का एरिया एक बहुत बड़ा रोड़ा (रेजिस्टेंस) है। इसके ऊपर टिकने पर ही नई तेजी आएगी। वहीं, नीचे की तरफ २३,०५०–२३,००० की रेंज एक मजबूत दीवार (सपोर्ट) का काम कर रही है। अगर यह दीवार टूटी, तो मंदी का नया दौर शुरू हो सकता है।
पिवट पॉइंट्स के आधार पर निफ्टी के लेवल्स:
2. बैंक निफ्टी (Bank Nifty): रिकवरी के मजबूत संकेत
निफ्टी के मुकाबले बैंक निफ्टी का चार्ट इस समय काफी बेहतर और मजबूत नजर आ रहा है। पिछले सत्र में यह ०.१४ प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद होने में कामयाब रहा। सबसे अच्छी बात यह है कि बैंक निफ्टी अपने २०-दिन और ५०-दिन के एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) के ऊपर मजबूती से टिका हुआ है।
-
फिबोनाची रिट्रेसमेंट: यह इंडेक्स लगातार तीसरे सेशन में अप्रैल महीने की बड़ी रैली के ३८.२% फिबोनाची रिट्रेसमेंट लेवल के ऊपर बना हुआ है, जो इसके पॉजिटिव बड़े ट्रेंड को दिखाता है।
-
आरएसआई (RSI): यह ५५.२४ पर पूरी तरह स्थिर है और सिग्नल लाइन के ऊपर ट्रेड कर रहा है।
-
एमएसीडी (MACD): इसमें हरे हिस्टोग्राम बार लगातार बड़े हो रहे हैं, जो एक बुलिश क्रॉसओवर (तेजी का संकेत) को बनाए रखे हुए है।
पिवट और फिबोनाची के आधार पर बैंक निफ्टी के लेवल्स:
3. बाजार के मूड को दिखाने वाले अन्य प्रमुख संकेत
ट्रेडिंग का फैसला लेने से पहले इन तीन बड़े ट्रिगर्स को भी समझना जरूरी है:
इंडिया VIX (उतार-चढ़ाव इंडेक्स)
बाजार में कितनी अनिश्चितता या डर है, यह इंडिया वीआईएक्स से पता चलता है। इसमें ०.१३ प्रतिशत की मामूली गिरावट आई है और यह अब १५.६१ के स्तर पर आ गया है। तेजड़ियों (Bulls) के लिए जरूरी है कि यह सूचकांक १५ के स्तर से नीचे आए और वहीं बना रहे, तभी मार्केट में एकतरफा बड़ी तेजी का रास्ता साफ होगा।
पुट-कॉल रेशियो (PCR)
बाजार के मूड को भांपने वाला निफ्टी का पुट-कॉल रेशियो ११ जून को बढ़कर ०.९९ हो गया है, जो पिछले दिन ०.9३ पर था। पीसीआर का १ के करीब पहुंचना इस बात का संकेत है कि निचले स्तरों पर ट्रेडर्स अब पुट राइटिंग बढ़ा रहे हैं, जो धीरे-धीरे मंदी के मूड को न्यूट्रल या तेजी की तरफ मोड़ने का काम कर सकता है।
F&O बैन के तहत आने वाले स्टॉक्स
डेरिवेटिव सेगमेंट में मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट ९५% से ज्यादा होने के कारण फिलहाल प्रतिबंधों की सूची में यह स्थिति है:
-
प्रतिबंध सूची में शामिल नए स्टॉक्स: कोई नहीं
-
पहले से बैन में बरकरार स्टॉक: केन्स टेक्नोलॉजी इंडिया (Kaynes Technology India)
-
प्रतिबंध सूची से बाहर हुए स्टॉक्स: कोई नहीं
ट्रेडिंग टिप: आज के सत्र में बैंकिंग शेयरों और डेटा सेंटर से जुड़ी कंपनियों में अच्छा मोमेंटम देखने को मिल सकता है, जबकि मेटल सेक्टर में फिलहाल सतर्क रहकर केवल सही लेवल्स पर ही शॉर्ट या लॉन्ग पोजीशन बनाने की सलाह है।
girls globe