बिहार कैबिनेट : मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की नई टीम तैयार, गांधी मैदान में 32 मंत्रियों ने ली शपथ

पटना। बिहार की सियासत के लिए आज का दिन ऐतिहासिक उपलब्धियों और नई इबारत लिखने वाला साबित हुआ। राजधानी पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में आयोजित एक भव्य समारोह में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली सरकार के मंत्रिमंडल का विस्तार संपन्न हो गया। राज्यपाल ने नई कैबिनेट के मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस विस्तार के साथ ही बिहार सरकार का पूर्ण स्वरूप अब जनता के सामने आ चुका है, जिसमें क्षेत्रीय और जातीय समीकरणों को साधने की पूरी कोशिश की गई है।

सम्राट कैबिनेट का पूर्ण स्वरूप: 32 मंत्रियों ने ली शपथ

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की इस नई टीम में अनुभवी चेहरों के साथ-साथ युवाओं को भी तरजीह दी गई है। मंत्रिमंडल में मुख्यमंत्री समेत कुल 35 पद निर्धारित हैं, जिनमें से आज मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, डिप्टी सीएम विजय कुमार चौधरी और कद्दावर नेता बिजेंद्र प्रसाद यादव के साथ कुल 32 मंत्रियों को शपथ दिलाई गई। गौर करने वाली बात यह है कि कैबिनेट में अभी भी एक सीट खाली रखी गई है, जिसे भविष्य की राजनीतिक रणनीति या किसी विशेष परिस्थिति के लिए सुरक्षित माना जा रहा है।

सत्ता संतुलन पर जोर: एनडीए के सभी घटकों को मिली जगह

नई कैबिनेट के गठन में ‘सोशल इंजीनियरिंग’ और ‘सत्ता संतुलन’ का विशेष ध्यान रखा गया है। आगामी चुनावों और राज्य की राजनीतिक स्थिरता के लिहाज से भाजपा, जदयू (JDU), एलजेपी (रामविलास), हम (HAM) और आरएलएम (RLM) कोटे से प्रभावी नेताओं को मंत्री पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

  • भाजपा और जदयू: गठबंधन के दो बड़े स्तंभों के बीच विभागों के बंटवारे में अनुभव और प्रदर्शन को प्राथमिकता दी गई है।

  • सहयोगी दल: चिराग पासवान की पार्टी, जीतन राम मांझी की हम और उपेंद्र कुशवाहा की आरएलएम को भी मंत्रिमंडल में सम्मानजनक स्थान देकर एनडीए ने एकजुटता का संदेश दिया है।

गांधी मैदान बना गवाह, समर्थकों में भारी उत्साह

समारोह के लिए गांधी मैदान में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। जैसे ही मंत्रियों ने शपथ लेना शुरू किया, पूरा मैदान समर्थकों के नारों से गूंज उठा। पिछले कई दिनों से चल रही खींचतान और अटकलों पर अब पूरी तरह विराम लग गया है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि सम्राट चौधरी की यह नई टीम विकास कार्यों में तेजी लाने और प्रशासनिक पकड़ मजबूत करने के उद्देश्य से बनाई गई है।

आगामी रणनीति के लिहाज से अहम है यह विस्तार

बिहार में सत्ता परिवर्तन के बाद यह पहला बड़ा संगठनात्मक कदम है। इस कैबिनेट के जरिए एनडीए ने न केवल अपने सहयोगियों को संतुष्ट किया है, बल्कि विपक्षी खेमे को भी कड़ा संदेश दिया है। अब सभी की निगाहें विभागों के बंटवारे पर टिकी हैं, जिसके बाद नई सरकार पूरी रफ्तार से काम करना शुरू कर देगी। बिहार की राजनीति से जुड़ी हर बड़ी हलचल और पल-पल के अपडेट के लिए हमारे साथ बने रहें।