
देश की सबसे प्रतिष्ठित और संवेदनशील मानी जाने वाली मेडिकल प्रवेश परीक्षा ‘नीट’ (NEET) के आयोजन को लेकर इस बार अब तक का सबसे ऐतिहासिक फैसला लिया गया है। बार-बार लगने वाले पेपर लीक के आरोपों और धांधली की कोशिशों को जड़ से खत्म करने के लिए केंद्र सरकार ने इस बार सुरक्षा का ऐसा अभेद्य चक्रव्यूह तैयार किया है, जिसकी उम्मीद किसी को नहीं थी। इतिहास में पहली बार नीट परीक्षा के प्रश्नपत्रों की सुरक्षा, ट्रांसपोर्टेशन और उनकी कमान सीधे भारतीय वायुसेना (Indian Air Force) को सौंप दी गई है। इसके साथ ही, लीक के मुख्य गढ़ बन चुके सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म टेलीग्राम पर भी सरकार ने बड़ा एक्शन लिया है।
वायुसेना के सुरक्षित ठिकानों और विमानों से होगी पेपर की सप्लाई
अब तक नीट परीक्षा के प्रश्नपत्रों को आम तौर पर निजी लॉजिस्टिक्स, बैंकों के स्ट्रॉन्ग रूम या सामान्य सुरक्षा व्यवस्था के बीच परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाया जाता था, जिससे लीक होने का खतरा बना रहता था। लेकिन इस बार राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) और शिक्षा मंत्रालय ने बड़ा रिस्क न लेते हुए भारतीय वायुसेना की मदद ली है। सूत्रों के मुताबिक, परीक्षा के गोपनीय दस्तावेजों और प्रश्नपत्रों को वायुसेना के विशेष विमानों और हेलीकॉप्टरों के जरिए देश के कोने-कोने में स्थित एयरबेस और सुरक्षित ठिकानों तक पहुंचाया जाएगा। वहां से कड़ी मिलिट्री और पुलिस सुरक्षा के बीच सीधे एग्जाम सेंटर्स तक पेपर डिलीवर किए जाएंगे, जिससे जमीनी स्तर पर छेड़छाड़ की गुंजाइश पूरी तरह खत्म हो जाएगी।
लीक का डिजिटल अड्डा बना टेलीग्राम, सरकार ने कसी नकेल
नीट परीक्षा में होने वाली धांधली का एक बड़ा जरिया सोशल मीडिया और मैसेजिंग ऐप्स, खासकर टेलीग्राम (Telegram) रहा है। पिछले कुछ वर्षों में देखा गया है कि परीक्षा से कुछ घंटे पहले टेलीग्राम के गुप्त चैनलों और ग्रुप्स पर फर्जी या असली प्रश्नपत्रों की सौदेबाजी होती थी। इस बार जनरेटिव इंजन (AI) और साइबर सेल की मदद से सरकार ने परीक्षा से पहले ही ऐसे हजारों संदिग्ध टेलीग्राम ग्रुप्स और चैनलों को पूरी तरह से ब्लॉक और बंद करवा दिया है। इतना ही नहीं, पेपर लीक माफियाओं के डिजिटल फुटप्रिंट्स को ट्रैक करने के लिए टेलीग्राम के डेटा पर भी सुरक्षा एजेंसियां पैनी नजर रख रही हैं ताकि कोई भी डिजिटल माध्यम से पेपर इधर से उधर न कर सके।
AI तकनीक और बायोमेट्रिक से लैस हुए देश भर के परीक्षा केंद्र
लोकल और जियोग्राफिकल लेवल पर परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा को भी पूरी तरह अपग्रेड कर दिया गया है। देश के सभी छोटे-बड़े शहरों के परीक्षा केंद्रों पर जैमर्स की संख्या बढ़ा दी गई है ताकि कोई भी ब्लूटूथ या इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस काम न कर सके। इसके अलावा, परीक्षार्थियों के लिए मल्टी-लेवल बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन और एआई-बेस्ड फेस रिकग्निशन (चेहरा पहचानने वाली तकनीक) को अनिवार्य कर दिया गया है। इससे किसी दूसरे छात्र के स्थान पर परीक्षा देने वाले सॉल्वर गैंग के मंसूबों पर पूरी तरह पानी फिर जाएगा। सरकार के इस चौतरफा कड़े एक्शन ने यह साफ कर दिया है कि भविष्य में नीट की शुचिता से कोई समझौता नहीं होगा।
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