
महाराष्ट्र के नागपुर (Nagpur) शहर से खाकी को पूरी तरह शर्मसार और कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला एक बेहद कड़क व संवेदनशील मामला सामने आया है। यहाँ के पंचपावली पुलिस स्टेशन (Panchpaoli Police Station) के एक सीनियर पुलिस इंस्पेक्टर पर यह गंभीर आरोप लगा है कि उन्होंने एक लापता नाबालिग लड़की की तलाश शुरू करने के एवज में उसके पीड़ित और लाचार परिजनों से कथित तौर पर रिश्वत के रूप में पैसे मांगे। इंस्पेक्टर का क्रूर तर्क था कि जब परिजन सरकारी गाड़ी में ‘डीजल’ भरवाने का खर्च देंगे, उसके बाद ही पुलिस टीम लड़की की तलाश शुरू कर पाएगी।
इस अमानवीय घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर बड़ी तेजी से वायरल हो गया, जिसके बाद मचे भारी बवाल और विवाद को देखते हुए आरोपी सीनियर इंस्पेक्टर बाबूराव राउत को तत्काल प्रभाव से थाने से हटा दिया गया है।
सोमवार से लापता थी बेटी, थाने पहुंचे तो मिला ‘डीजल’ का बहाना
मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ित परिवार की नाबालिग बेटी सोमवार 18 मई की सुबह से अचानक लापता हो गई थी। बदहवास परिजन जब अपनी बेटी की गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराने और तुरंत मदद की गुहार लेकर पंचपावली पुलिस स्टेशन पहुंचे, तो वहां तैनात पुलिसकर्मियों और अधिकारियों ने इस गंभीर संवेदनशील मामले को कतई गंभीरता से नहीं लिया।
सीनियर पुलिस इंस्पेक्टर बाबूराव राउत ने परिजनों को टरकाते हुए कथित तौर पर कहा कि पुलिस की सरकारी गाड़ी में बिल्कुल डीजल नहीं है और यदि तुरंत तलाश शुरू करवानी है, तो उन्हें डीजल के पैसों का इंतजाम करना होगा। इसी दौरान वहां मौजूद एक शख्स ने इस पूरी बातचीत और पुलिसिया रवैये का चुपके से वीडियो बना लिया।
वायरल वीडियो का तीखा सवाल: सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो में एक शख्स अत्यंत आक्रोशित लहजे में पुलिसिया सिस्टम पर सीधे सवाल उठा रहा है कि—”अगर आज किसी बड़े राजनीतिक नेता या किसी वीआईपी प्रशासनिक अधिकारी की बेटी लापता होती, तो क्या तब भी नागपुर पुलिस यही सरकारी गाड़ी में डीजल न होने का घटिया बहाना बनाती?” इस वीडियो के सामने आते ही आम जनता में नागपुर पुलिस के खिलाफ भारी गुस्सा भड़क उठा।
विवाद बढ़ता देख पुलिस कमिश्नर एक्शन में, आरोपी अधिकारी कंट्रोल रूम अटैच
जैसे ही यह वीडियो स्थानीय मीडिया और सोशल मीडिया हैंडल्स पर आग की तरह फैला, नागपुर पुलिस कमिश्नरेट में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता और जनता के आक्रोश को देखते हुए नागपुर के संयुक्त पुलिस आयुक्त (Joint Police Commissioner) नवीन रेड्डी ने तुरंत इस पर कड़ा संज्ञान लिया।
संयुक्त पुलिस आयुक्त ने आधिकारिक पुष्टि करते हुए बताया कि प्राथमिक जांच में प्रथम दृष्टया अधिकारी को दोषी पाते हुए सीनियर पुलिस इंस्पेक्टर बाबूराव राउत का पंचपावली थाने से तत्काल तबादला कर उन्हें पुलिस कंट्रोल रूम (नियंत्रण कक्ष) अटैच कर दिया गया है। उनके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश भी दे दिए गए हैं।
महाराष्ट्र के मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने दिए कड़े कार्रवाई के निर्देश
इस शर्मनाक वाकये पर राजनीतिक गलियारों से भी तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। महाराष्ट्र सरकार के कैबिनेट मंत्री और नागपुर के पालक मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने इस पूरी घटना को बेहद गंभीरता से लिया है। उन्होंने साफ कहा कि पुलिस विभाग में इस तरह की संवेदनहीनता और भ्रष्टाचार को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
पालक मंत्री ने नागपुर पुलिस के आला अधिकारियों को दो टूक निर्देश जारी किए हैं कि आरोपी अधिकारी के खिलाफ केवल तबादला ही नहीं, बल्कि सख्त से सख्त अनुशासनात्मक और कानूनी कार्यवाही सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में कोई भी वर्दीधारी किसी लाचार फरियादी के साथ ऐसा बर्ताव करने की हिम्मत न कर सके। फिलहाल, पुलिस की एक विशेष टीम लापता नाबालिग लड़की की तलाश में जुटी हुई है।
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