Monsoon Mega Alert: देश के मैदानी इलाकों में 20 से 26 जुलाई तक भारी बारिश का महा-अलर्ट, मौसम विभाग ने जारी की चेतावनी; जानें अपने राज्य का हाल

देशभर में मानसून एक बार फिर पूरी रफ्तार से सक्रिय हो गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 20 जुलाई से लेकर 26 जुलाई तक के लिए पूरे देश में मानसून का ‘मेगा अलर्ट’ जारी कर दिया है। मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक, इस हफ्ते उत्तर और मध्य भारत के मैदानी इलाकों में मूसलाधार बारिश होने की प्रबल संभावना है। एक रिपोर्टर के नजरिए से देखें तो आने वाले 6 दिन देश के कई राज्यों के लिए बेहद संवेदनशील होने वाले हैं, क्योंकि लगातार होने वाली इस बारिश से नदी-नाले उफान पर आ सकते हैं और निचले इलाकों में जलभराव का गंभीर संकट खड़ा हो सकता है।

मैदानी इलाकों में आफत बनेगी मूसलाधार बारिश

आईएमडी (IMD) की रिपोर्ट के अनुसार, एक मजबूत मानसूनी सिस्टम सक्रिय होने के कारण उत्तर प्रदेश, बिहार, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली-एनसीआर और राजस्थान के मैदानी भागों में बादलों का डेरा रहेगा। 20 से 26 जुलाई के बीच इन क्षेत्रों के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है। मौसम वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि लगातार तेज बारिश के कारण शहरी इलाकों में ट्रैफिक जाम और जलभराव (वाटरलॉगिंग) जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है, इसलिए लोग घरों से निकलते समय मौसम की जानकारी जरूर रख लें।

इन राज्यों के लिए भी जारी हुआ विशेष अलर्ट

मैदानी राज्यों के अलावा देश के अन्य हिस्सों में भी मानसून का तगड़ा असर दिखने वाला है:

  • पहाड़ी क्षेत्र (उत्तराखंड और हिमाचल): पहाड़ों पर पहले से ही जमीन खिसकने (लैंडस्लाइड) का खतरा बना हुआ है। इस हफ्ते भारी बारिश के चलते संवेदनशील रास्तों पर यात्रा न करने की सलाह दी गई है।

  • मध्य और पश्चिम भारत: मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और गुजरात के कुछ जिलों में भारी बारिश का दौर जारी रहेगा, जिससे स्थानीय प्रशासन को मुस्तैद रहने के निर्देश दिए गए हैं।

  • तटीय इलाके: महाराष्ट्र के कोंकण क्षेत्र और गोवा में भी समुद्र में ऊंची लहरें उठने और तटीय भागों में भारी बौछारें पड़ने की आशंका है।

प्रशासन मुस्तैद, लोगों से सतर्क रहने की अपील

मौसम विभाग के इस महा-अलर्ट को देखते हुए प्रभावित राज्यों के आपदा प्रबंधन विभागों (SDRF) और स्थानीय प्रशासनों को अलर्ट मोड पर डाल दिया गया है। विशेष रूप से नदियों के किनारे रहने वाले लोगों और जलभराव वाले क्षेत्रों के निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर रहने या जरूरत पड़ने पर ही बाहर निकलने की सलाह दी गई है। मछुआरों को भी अगले कुछ दिनों तक गहरे समुद्र में न जाने की हिदायत दी गई है। इस मानसूनी स्पेल के दौरान तापमान में तो गिरावट आएगी और गर्मी से राहत मिलेगी, लेकिन बुनियादी सुविधाओं पर इसका असर पड़ सकता है।