कांग्रेस पर हमलावर हुए महेंद्र भट्ट, बोले PM को ‘गद्दार’ कहना 140 करोड़ देशवासियों का अपमान

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को कथित तौर पर ‘गद्दार’ कहे जाने पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। भाजपा अध्यक्ष ने इसे देश के 140 करोड़ लोगों का अपमान बताते हुए राहुल गांधी से सार्वजनिक माफी मांगने की मांग की है।

कांग्रेस पर हमलावर हुए महेंद्र भट्ट

महेंद्र भट्ट ने कहा कि राहुल गांधी की भाषा अराजक और “अर्बन नक्सल मानसिकता” को दर्शाती है। उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार चुनावी हार से कांग्रेस और राहुल गांधी हताशा में अपमानजनक बयानबाजी कर रहे हैं। भट्ट ने कहा कि इस समय दुनिया गंभीर वैश्विक संकटों का सामना कर रही है। खाड़ी क्षेत्र में तनाव, आर्थिक मंदी, कोरोना महामारी और रूस-यूक्रेन युद्ध जैसी परिस्थितियों के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था अपेक्षाकृत मजबूत बनी हुई है।

भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने में जुटे हैं PM : भट्ट

भट्ट ने दावा किया कि पीएम मोदी की कूटनीतिक रणनीति और आर्थिक प्रबंधन के कारण देश महंगाई और ऊर्जा संकट के बड़े असर से बचा हुआ है। उन्होंने कहा कि कई देशों में महंगाई दर दो अंकों तक पहुंच चुकी है और पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों में भारी वृद्धि हुई है, जबकि भारत में परिस्थितियां नियंत्रण में हैं। भट्ट के मुताबिक पीएम मोदी लगातार विभिन्न देशों के दौरे कर भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने में जुटे हैं ताकि अर्थव्यवस्था की रफ्तार प्रभावित न हो।

कांग्रेस को हजम नहीं हो रही देश की आर्थिक मजबूती: भट्ट

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में देश की आर्थिक मजबूती कांग्रेस को “हजम नहीं हो रही” है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी का बयान केवल प्रधानमंत्री या गृह मंत्री का नहीं, बल्कि पूरे देश का अपमान है। भट्ट ने राहुल गांधी के बयान की तुलना पाकिस्तान समर्थित सोच से करते हुए कहा कि कांग्रेस नेता की भाषा “माओवादी, मुस्लिम लीग और अर्बन नक्सल” जैसी प्रतीत होती है।

चुनावी पराजय के कारण भाषा पर नियंत्रण खो चुके हैं राहुल गांधी भट्ट

महेंद्र भट्ट ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी लगातार गैरजिम्मेदाराना बयान देते रहे हैं और कई मामलों में अदालतों से भी फटकार झेल चुके हैं। उन्होंने कहा कि बार-बार चुनावी पराजय के कारण राहुल गांधी अपनी भाषा पर नियंत्रण खो चुके हैं और आने वाले समय में कांग्रेस को जनता की अदालत में इसका राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ेगा।