
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के पॉश और हाई-सिक्योरिटी इलाके गोमती नगर विस्तार में बुधवार सुबह घटी रूह कंपा देने वाली घटना ने पूरे प्रदेश में कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा को लेकर हलचल मचा दी है। जनेश्वर मिश्र पार्क के गेट नंबर 4 के सामने सुबह की सैर और चाय की चुस्कियों के बीच अचानक चीख-पुकार मच गई, जब एक बेकाबू सफेद कार के बोनट पर लटकी युवती को लगभग 100 मीटर तक तेज रफ्तार में घसीटा गया। वायरल वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि युवती कार के वाइपर को मजबूती से पकड़कर अपनी जान बचाने की गुहार लगा रही है, जबकि चालक कार की रफ्तार कम करने के बजाय उसे और तेज कर देता है। आसपास मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों और मार्निंग वॉकर्स ने कार को रोकने के लिए पत्थर फेंके और शोर मचाया, लेकिन चालक ने अचानक ब्रेक मारकर युवती को नीचे गिरा दिया और उसे कुचलने की नीयत से गाड़ी भगाते हुए मौके से फरार हो गया। गंभीर रूप से चोटिल युवती को स्थानीय पुलिस और परिजनों की मदद से तत्काल डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में भर्ती कराया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी हालत स्थिर बताई गई।
शुरुआती दौर में इसे सामान्य सड़क दुर्घटना या मामूली विवाद के बाद हिट एंड रन का मामला माना जा रहा था, लेकिन घटना में तब बड़ा मोड़ आ गया जब उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग ने इस पूरे प्रकरण का स्वतः संज्ञान ले लिया। राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव ने न केवल पीड़ित युवती से मुलाकात कर पूरी आपबीती सुनी, बल्कि लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट के शीर्ष अधिकारियों से सीधे संपर्क कर मामले की तह तक जाने और कड़ी धाराओं में कार्रवाई करने का निर्देश दिया। मीडिया से रूबरू होते हुए अपर्णा यादव ने दो टूक शब्दों में कहा कि यह महज कोई सड़क पर हुआ एक्सीडेंट या लापरवाही से गाड़ी चलाने का मामला नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक सुनियोजित और गहरी साजिश नजर आ रही है। अपर्णा यादव ने इस पूरे घटनाक्रम में ‘लव जिहाद’ और पहचान छिपाकर भोली-भाली लड़कियों को जाल में फंसाने का गंभीर शक जाहिर करते हुए पुलिस जांच की दिशा को पूरी तरह बदल दिया है।
महिला आयोग के समक्ष और घटना के बाद सामने आए तथ्यों के अनुसार, मुख्य आरोपी की पहचान दुबग्गा के अंधे की चौकी क्षेत्र निवासी बिल्डिंग ठेकेदार शाहनवाज अली के रूप में हुई है। पीड़िता मूल रूप से हरदोई जिले की रहने वाली है और गोमती नगर में किराए के मकान में रहकर एक निजी कंपनी में कार्यरत है। अपर्णा यादव और पीड़िता के बयानों के मुताबिक, आरोपी शाहनवाज ने शुरुआत में अपनी वास्तविक धार्मिक पहचान को पूरी तरह छिपाया था। उसने खुद को ‘यश ठाकुर’ बताकर हिंदू पहचान के साथ युवती से दोस्ती की और उसे प्रेमजाल में फंसाया। जब युवती को उसकी असली पहचान का पता चला, तो उसने रिश्ते से दूरी बनाने की कोशिश की। आरोप है कि शाहनवाज लगातार उस पर शादी करने और धर्म परिवर्तन का मानसिक दबाव बना रहा था। घटना के दिन पीड़िता अपनी बुआ और बहन के साथ चाय पीने गई थी, जहां उसने शाहनवाज को कार में किसी अन्य युवती और अपने साथी दानिश के साथ देखा, जिसके बाद हुए विवाद ने इस जानलेवा हमले का रूप ले लिया।
वायरल वीडियो और उच्चाधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद लखनऊ पुलिस तुरंत हरकत में आई। गोमती नगर विस्तार थाने की पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी शाहनवाज अली को गिरफ्तार कर लिया और वारदात में प्रयुक्त कार को अपने कब्जे में ले लिया है। पुलिस उपायुक्त (पूर्वी) डॉ. दीक्षा शर्मा ने जानकारी देते हुए स्पष्ट किया कि पीड़िता की लिखित तहरीर के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 109 (हत्या का प्रयास) और धारा 352 सहित अन्य गंभीर व गैर-जमानती धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार, शुरुआती शिकायत में सीधे तौर पर लव जिहाद शब्द का उल्लेख नहीं था, लेकिन पीड़िता के नए बयान दर्ज किए जा रहे हैं। पुलिस की विशेष टीमें फरार साथी दानिश और घटना के समय कार में मौजूद अन्य लोगों की भूमिका की जांच के लिए लगातार दबिश दे रही हैं। फॉरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल और जब्त की गई गाड़ी से साक्ष्य जुटाए हैं।
उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव ने दो टूक चेतावनी देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में महिला सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि अगर कोई असामाजिक तत्व अपनी पहचान बदलकर, फर्जी नाम रखकर हमारी बेटियों को गुमराह करने और उनका जीवन बर्बाद करने का षड्यंत्र रचेगा, तो प्रदेश की पुलिस और कानून व्यवस्था उसका ऐसा ‘इलाज’ करेगी जो नजीर बनेगा। उन्होंने पुलिस प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि मामले में केवल हत्या के प्रयास की ही नहीं, बल्कि धोखाधड़ी, फर्जी पहचान पत्र बनाने और गैरकानूनी धर्म परिवर्तन प्रतिषेध कानून के तहत भी गहनता से छानबीन की जाए। अपर्णा यादव ने आश्वस्त किया कि महिला आयोग पीड़िता को कानूनी सहायता, सुरक्षा और न्याय दिलाने के लिए हर कदम पर उसके साथ मजबूती से खड़ा है।
जनेश्वर मिश्र पार्क जैसे व्यस्त और पॉश इलाके में दिनदहाड़े हुई इस सनसनीखेज वारदात ने सेफ सिटी प्रोजेक्ट और स्ट्रीट सर्विलांस पर भी सवाल खड़े किए हैं। मॉर्निंग वॉक के समय जब सैकड़ों की संख्या में महिलाएं, वरिष्ठ नागरिक और युवा पार्क के आसपास मौजूद रहते हैं, तब 100 मीटर तक किसी युवती को कार के बोनट पर घसीटकर ले जाना दुस्साहस की पराकाष्ठा है। हालांकि इस घटना में राहगीरों की तत्परता और सोशल मीडिया पर वीडियो सामने आने के कारण आरोपी घंटों के भीतर सलाखों के पीछे पहुंच गया। पुलिस अब पार्क के आसपास लगे सभी सरकारी व निजी सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है, ताकि इस बात का पुख्ता टाइमलाइन तैयार किया जा सके कि आरोपी कितनी देर पहले से पीड़िता का पीछा कर रहा था और विवाद की असल वजह क्या थी।
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