पीरियड्स : जानें शरीर के इस बड़े इशारे को कब तक करना चाहिए नजरअंदाज और कब तुरंत भागें डॉक्टर के पास

महिलाओं की सेहत का सीधा संबंध उनके मासिक धर्म यानी पीरियड्स के चक्र से जुड़ा होता है। एक स्वस्थ शरीर में पीरियड्स का समय पर आना इस बात का प्रमाण है कि शरीर के हार्मोन्स सही तरीके से काम कर रहे हैं। हालांकि, आज के समय में बिगड़ती लाइफस्टाइल, काम का तनाव और खराब खान-पान के चलते पीरियड्स का मिस होना या समय पर न आना एक बेहद आम समस्या बन चुका है। ज्यादातर महिलाएं एक या दो महीने पीरियड्स लेट होने पर इसे सामान्य मानकर घरेलू नुस्खों का सहारा लेने लगती हैं। लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि हर बार अनियमित पीरियड्स को मामूली समझकर टालना आपके लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। यह आपके शरीर के भीतर पनप रही किसी गंभीर बीमारी का शुरुआती अलार्म भी हो सकता है।

जानिए आखिर क्यों बिगड़ जाता है पीरियड्स का सामान्य चक्र और क्या हैं इसके पीछे के मुख्य कारण

आमतौर पर एक सामान्य मासिक धर्म चक्र 21 से 35 दिनों का होता है। अगर आपका पीरियड साइकिल इससे छोटा या बहुत ज्यादा लंबा हो रहा है, तो इसे मेडिकल भाषा में अनियमित मासिक धर्म (Irregular Periods) कहा जाता है। डॉक्टरों के अनुसार, इसके पीछे सबसे बड़ी वजह शरीर में एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन हार्मोन्स का असंतुलन होना है। इसके अलावा आज के दौर में पीसीओडी (PCOD) या पीसीओएस (PCOS), थायराइड की समस्या, अचानक वजन का बहुत ज्यादा बढ़ जाना या घट जाना, अत्यधिक मानसिक तनाव और शरीर में खून की कमी (एनीमिया) होना इसके प्रमुख कारण माने जाते हैं। जब तक आप इन मुख्य कारणों का इलाज नहीं करेंगी, तब तक पीरियड्स का समय पर आना मुश्किल होता है।

इन गंभीर लक्षणों को बिल्कुल न करें इग्नोर, समझें कब बेहद जरूरी हो जाता है डॉक्टर से परामर्श लेना

अगर आपके पीरियड्स कभी-कभार कुछ दिन आगे-पीछे होते हैं, तो घबराने की जरूरत नहीं है। लेकिन कुछ स्थितियां ऐसी होती हैं जहां आपको बिना एक भी दिन गंवाए गायनेकोलॉजिस्ट (महिला रोग विशेषज्ञ) से संपर्क करना चाहिए। अगर आपके पीरियड्स लगातार तीन महीने या उससे ज्यादा समय से पूरी तरह बंद हैं और प्रेगनेंसी टेस्ट भी नेगेटिव आया है, तो यह एक गंभीर संकेत है। इसके अलावा, यदि 45 साल की उम्र से पहले ही आपके पीरियड्स अचानक आने बंद हो गए हैं, या फिर पीरियड्स के दौरान आपको असहनीय दर्द, बहुत ज्यादा ब्लीडिंग (Heavy Flow) होती है जो 7 दिनों से ज्यादा चलती है, तो आपको तुरंत डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।

समय पर इलाज न मिलने से बढ़ सकता है बांझपन और अन्य क्रॉनिक बीमारियों का खतरा

अनियमित पीरियड्स को लंबे समय तक बिना इलाज के छोड़ देना आपके भविष्य और मां बनने की क्षमता पर बुरा असर डाल सकता है। पीसीओएस या हार्मोनल इंबैलेंस के कारण समय पर ओव्यूलेशन (अंडे का बनना) नहीं हो पाता, जिससे आगे चलकर महिलाओं को कंसीव करने यानी प्रेगनेंसी में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है और बांझपन (Infertility) का खतरा बढ़ जाता है। इतना ही नहीं, यह समस्या आगे चलकर टाइप-2 डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और गर्भाशय से जुड़ी अन्य गंभीर बीमारियों का कारण भी बन सकती है। इसलिए अपनी सेहत से खिलवाड़ न करें, शरीर के इन संकेतों को समय रहते पहचानें और सही डॉक्टरी परामर्श लें।