
पवित्र सावन के महीने में इस समय चारों तरफ देवाधिदेव महादेव के जयकारों की गूंज और अटूट आस्था का सैलाब देखने को मिल रहा है। शिवभक्तों का उत्साह ऐसा है कि महज सात दिनों के भीतर ही एक करोड़ से अधिक कांवड़िए गंगाजल लेकर अपने गंतव्य की ओर रवाना हो चुके हैं। इस बीच, कांवड़ यात्रा के दौरान एक ऐसी प्रेरणादायक कहानी सामने आई है, जो हर किसी के रोंगटे खड़े कर रही है। हापुड़ के रहने वाले 29 वर्षीय गौरव ने शारीरिक अक्षमता को मात देते हुए अपनी असीम आस्था और बुलंद हौसले की ऐसी मिसाल पेश की है, जिसे देखकर हर कोई उनके जज्बे को सलाम कर रहा है।
सड़क हादसे में गंवाया हाथ और पैर, फिर भी डिगा नहीं विश्वास
उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले के रहने वाले गौरव शर्मा अपनी इस अद्भुत कांवड़ यात्रा को लेकर इन दिनों पूरे मेला क्षेत्र में चर्चा का केंद्र बने हुए हैं। गौरव एक हाथ और कृत्रिम पैर (Artificial Limb) के सहारे अपने कंधे पर 21 लीटर गंगाजल उठाकर पैदल कांवड़ यात्रा कर रहे हैं। अपनी इस दर्दभरी दास्तां को बयां करते हुए गौरव ने बताया कि साल 2013 में हुए एक भीषण सड़क हादसे में उन्होंने अपना एक पैर और दायां हाथ गंभीर रूप से गंवा दिया था। हादसे के बाद लंबा चिकित्सीय उपचार चला, जिसमें डॉक्टरों को उनका बायां पैर काटना पड़ा। कृत्रिम पैर लगने के बाद शुरुआती दिनों में उनके लिए सामान्य तरीके से चलना भी बेहद मुश्किल और दर्द भरा था, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी और अपने दृढ़ संकल्प के बल पर खुद को फिर से खड़ा किया।
भगवान भोलेनाथ की कृपा से लगातार दूसरी बार पूरी कर रहे यात्रा
अपनी इस कठिन यात्रा के पीछे की मन्नत के बारे में बात करते हुए गौरव ने बताया कि महादेव की असीमित कृपा और उनके प्रति अटूट विश्वास ने उन्हें हर मुश्किल घड़ी में लड़ने की ताकत दी है। इसी गहरे विश्वास के दम पर वह लगातार दूसरी बार हरिद्वार की पावन नगरी से हरकी पैड़ी से गंगाजल भरकर पैदल कांवड़ यात्रा पर निकले हैं। वह अपने परिवार की सुख-समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और समाज के कल्याण की कामना के साथ यह यात्रा कर रहे हैं। गौरव स्वीकार करते हैं कि एक कृत्रिम पैर के सहारे 21 लीटर भारी गंगाजल लेकर मीलों की पैदल यात्रा करना शारीरिक रूप से बेहद चुनौतीपूर्ण है, लेकिन बाबा भोलेनाथ के आशीर्वाद से उन्हें पूरा भरोसा है कि वह अपनी इस यात्रा को सकुशल पूरा कर लेंगे। हरकी पैड़ी और रास्ते में उनके इस अदम्य साहस को देखकर श्रद्धालु न केवल उनकी हिम्मत की सराहना कर रहे हैं, बल्कि उनके साथ तस्वीरें खिंचवाकर उनका उत्साह भी बढ़ा रहे हैं।
सात दिनों में एक करोड़ से अधिक शिवभक्त पहुंचे हरिद्वार, प्रशासन मुस्तैद
दूसरी ओर, सावन कांवड़ मेले के सातवें दिन अकेले 37 लाख 30 हजार से अधिक शिवभक्तों ने हरकी पैड़ी से पवित्र गंगाजल उठाया और अपने गंतव्य के लिए रवाना हुए। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, पिछले सात दिनों के भीतर कुल एक करोड़ 80 लाख 55 हजार से ज्यादा कांवड़िए गंगाजल लेकर जा चुके हैं। कांवड़ियों की इस अभूतपूर्व भीड़ को नियंत्रित करने और सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रखने के लिए हरिद्वार के एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर खुद पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। मेला पुलिस कंट्रोल रूम 24 घंटे सातों दिन मेला क्षेत्र की हर गतिविधि की मॉनिटरिंग कर रहा है। प्रशासन और पुलिस अधिकारियों द्वारा प्रमुख स्नान घाटों, कांवड़ मार्गों और संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा, यातायात प्रबंधन, स्वास्थ्य सेवाओं तथा स्वच्छता के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं ताकि सभी शिवभक्तों की यात्रा पूरी तरह सुरक्षित और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।
girls globe