
देशभर के मौसम तंत्र में इस समय विरोधाभासी परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। एक तरफ जहां उत्तर-पूर्व मानसून की आमद और बंगाल की खाड़ी व अरब सागर में बने चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) के कारण दक्षिण भारत के राज्यों में मूसलाधार बारिश का सिलसिला तेज हो गया है, वहीं उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) और स्थानीय बादलों की आवाजाही ने मौसम को सुहावना बना दिया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा बुलेटिन के अनुसार, रविवार, 18 अक्टूबर 2026 को प्रायद्वीपीय भारत के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश और पूर्वी राजस्थान के कुछ जिलों में बादलों की गड़गड़ाहट और तेज हवाओं के साथ छिटपुट बौछारों का अलर्ट जारी किया गया है। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के निवासियों से लेकर दिल्ली, जयपुर और दक्षिण के तटीय शहरों तक लोग मौसम के इस मिजाज पर पैनी नजर बनाए हुए हैं।
मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण भारत 18 अक्टूबर को भारी मौसमी गतिविधियों का मुख्य केंद्र रहेगा। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में अलग-अलग स्थानों पर अत्यधिक भारी वर्षा (Very Heavy Rainfall) होने की चेतावनी दी गई है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और आकाशीय बिजली गिरने का जोखिम बना रहेगा।
केरल, माहे, तटीय कर्नाटक और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक के इलाकों में भी व्यापक बारिश के आसार हैं। चेन्नई, तिरुवनंतपुरम और बेंगलुरु के निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न होने की आशंका है। वहीं, तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में भी गरज-चमक के साथ मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। मछुआरों को सलाह दी गई है कि वे दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और मन्नार की खाड़ी के पास समुद्र में न उतरें, क्योंकि वहां समुद्र अशांत रहने की संभावना है।
उत्तर प्रदेश में 18 अक्टूबर को दिन के समय अधिकांश जिलों में मौसम मुख्यतः शुष्क और आसमान साफ रहने का अनुमान है, लेकिन पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उससे सटे तराई के कुछ इलाकों में निचले वायुमंडलीय स्तर पर सक्रिय चक्रवाती दबाव के कारण स्थानीय स्तर पर काले बादल घिर सकते हैं। मेरठ, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर और गाजियाबाद के कुछ पॉकेट्स में दोपहर या शाम के समय गरज-चमक (Thunderstorm) और हल्की बूंदाबांदी हो सकती है।
राजधानी लखनऊ में दिन के समय धूप खिली रहेगी और अधिकतम तापमान लगभग 32 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचेगा, जबकि रात का न्यूनतम तापमान गिरकर 19 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया जाएगा। पूर्वांचल के वाराणसी, प्रयागराज और गोरखपुर में दिन सामान्य रहेगा, लेकिन देर रात और तड़के के समय हल्की धुंध और ठंडी हवाओं के कारण गुलाबी ठंडक का अहसास और गहरा जाएगा।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, राजस्थान के दक्षिण-पूर्वी हिस्से और मध्य प्रदेश से सटे इलाकों में चक्रवाती परिसंचरण की उपस्थिति दर्ज की गई है। इसके चलते पूर्वी राजस्थान के जिलों—जैसे कोटा, झालावाड़, बारां, चित्तौड़गढ़ और सवाई माधोपुर—के कुछ स्थानों पर 18 अक्टूबर को मेघगर्जन के साथ हल्की बारिश या बौछारें पड़ने की संभावना है।
इसके विपरीत, पश्चिमी राजस्थान (जोधपुर, बीकानेर, बाड़मेर और जैसलमेर) में मौसम पूरी तरह शुष्क रहेगा। राजधानी जयपुर में अधिकतम तापमान 32 डिग्री और रात का न्यूनतम पारा 21 डिग्री सेल्सियस के करीब रहने का अनुमान है। दिन में तेज धूप और रात में हल्की ठंड के कारण तापमान में भारी अंतर देखा जा रहा है। 19 अक्टूबर से राजस्थान भर में मौसमी गतिविधियां शांत होने की उम्मीद है।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम और फरीदाबाद में रविवार को आसमान मुख्य रूप से साफ रहने की संभावना है। पश्चिमी विक्षोभ का सीधा असर अब दिल्ली से हट रहा है, जिसके चलते बारिश की कोई खास संभावना नहीं है। दिन में उत्तर-पश्चिमी दिशा से 15 से 20 किमी/घंटा की रफ्तार से शुष्क हवाएं चलेंगी।
दिल्ली में कल अधिकतम तापमान 31 से 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 18 से 20 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का पूर्वानुमान है। दिन में गुनगुनी धूप का असर रहेगा, लेकिन सूर्यास्त के बाद तापमान में तेजी से गिरावट आएगी, जिससे रात के समय लोगों को पंखों की गति धीमी करनी पड़ेगी।
| शहर (City) | अधिकतम तापमान (°C) | न्यूनतम तापमान (°C) | मौसम की स्थिति |
| लखनऊ (Lucknow) | 32°C | 19°C | दिन में साफ, रात में हल्की ठंड |
| नई दिल्ली (New Delhi) | 31°C | 18°C | आसमान साफ, हवा की गति सामान्य |
| जयपुर (Jaipur) | 32°C | 21°C | आंशिक बादल, पूर्वी भाग में बौछारें |
| पटना (Patna) | 32°C | 21°C | मुख्यतः शुष्क, दक्षिण-पूर्व में हल्की बूंदें |
| चेन्नई (Chennai) | 29°C | 24°C | गरज-चमक के साथ भारी बारिश का अलर्ट |
| बेंगलुरु (Bengaluru) | 26°C | 20°C | बादल छाए रहेंगे, कई दौर की बारिश |
| श्रीनगर (Srinagar) | 24°C | 12°C | पहाड़ी हवाएं, रात में तेज ठंडक |
जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और उत्तराखंड के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में छिटपुट वर्षा और हल्की बर्फबारी का दौर देखने को मिल सकता है। मनाली और लाहौल-स्पीति में न्यूनतम पारा शून्य से नीचे बना हुआ है। मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि जिन इलाकों में गरज-चमक और बौछारों की संभावना है, वहां कटी हुई फसलों और धान की बालियों को सुरक्षित स्थानों पर ढककर रखें। वहीं, दक्षिण भारत के तटीय इलाकों में यात्रा करने वाले पर्यटकों को स्थानीय प्रशासन के जलभराव और ट्रैफिक बुलेटिन का पालन करने की हिदायत दी गई है।
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