
नोएडा/लखनऊ। जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के संचालन से पहले उत्तर प्रदेश सरकार ने यात्रियों और दैनिक आवागमन करने वालों को बड़ी राहत दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को लखनऊ से वर्चुअल माध्यम से 45 आधुनिक इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। ये बसें नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास क्षेत्र (YEIDA) को जेवर एयरपोर्ट से जोड़ेंगी। इसके साथ ही नोएडा इलेक्ट्रिक बस डिपो का भी उद्घाटन किया गया।
एयरपोर्ट कनेक्टिविटी को मिलेगा बड़ा बल
जेवर एयरपोर्ट के जल्द शुरू होने वाले वाणिज्यिक संचालन को देखते हुए सरकार लगातार कनेक्टिविटी मजबूत करने पर जोर दे रही है। नई इलेक्ट्रिक बस सेवा शुरू होने से यात्रियों को एयरपोर्ट तक पहुंचने के लिए निजी वाहनों और महंगे टैक्सी किराए पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। बसों का संचालन नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण क्षेत्र के प्रमुख मार्गों पर किया जाएगा, जिससे अंतिम छोर तक परिवहन सुविधा बेहतर होगी।
हरित परिवहन की दिशा में बड़ा कदम
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘ग्रीन मोबिलिटी’ विजन को आगे बढ़ाते हुए उत्तर प्रदेश में पर्यावरण अनुकूल सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा दिया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य आने वाले वर्षों में शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों को स्वच्छ ऊर्जा आधारित परिवहन नेटवर्क से जोड़ना है। इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से प्रदूषण में कमी आएगी और यात्रियों को आरामदायक यात्रा का अनुभव मिलेगा।
सिर्फ शुरुआत, जल्द सड़कों पर उतरेंगी 110 ई-बसें
सरकार की योजना पहले चरण में 110 इलेक्ट्रिक बसों को नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में उतारने की है। अधिकारियों के अनुसार मांग बढ़ने पर बसों की संख्या चरणबद्ध तरीके से बढ़ाकर 500 तक की जा सकती है। इससे पूरे क्षेत्र में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।
तीन हाइड्रोजन बसें भी चलेंगी
इलेक्ट्रिक बसों के साथ-साथ यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में तीन अत्याधुनिक ग्रीन हाइड्रोजन बसों का संचालन भी किया जाएगा। यह पहल स्वच्छ ऊर्जा आधारित परिवहन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयोग मानी जा रही है। हाइड्रोजन बसें भविष्य की सार्वजनिक परिवहन प्रणाली का हिस्सा बन सकती हैं।
उद्योग, आईटी और स्टार्टअप हब को मिलेगा फायदा
नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेस-वे क्षेत्र आज आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स, डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर और स्टार्टअप निवेश का बड़ा केंद्र बन चुका है। बेहतर सार्वजनिक परिवहन से कर्मचारियों, छात्रों और यात्रियों को आवागमन में सुविधा मिलेगी। साथ ही जेवर एयरपोर्ट तक सीधी पहुंच मिलने से क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलने की उम्मीद है।
एयरपोर्ट शुरू होने से पहले तैयार हो रहा ट्रांसपोर्ट नेटवर्क
राज्य सरकार एयरपोर्ट संचालन से पहले पूरे क्षेत्र में मल्टी-मोडल ट्रांसपोर्ट नेटवर्क विकसित करने पर काम कर रही है। इलेक्ट्रिक बसों के अलावा सड़क, एक्सप्रेस-वे और अन्य सार्वजनिक परिवहन परियोजनाओं को भी तेज़ी से आगे बढ़ाया जा रहा है ताकि यात्रियों को निर्बाध यात्रा सुविधा मिल सके।
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