
दुनिया भर के अलग-अलग शहरों में फ्लैट या मकान शेयर करके रहने वाले रूममेट्स (Roommates) के बीच छोटी-मोटी कहासुनी, नोकझोंक या विवाद होना एक आम बात मानी जाती है। लेकिन तकनीक और शांति के लिए मशहूर देश जापान (Japan) से एक ऐसा खौफनाक मामला सामने आया है, जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। यहां एक महिला पर अपनी ही रूममेट के साथ एक ऐसी क्रूरता और बर्बरता करने का आरोप लगा है, जिसकी सामान्य तौर पर कल्पना करना भी नामुमकिन है।
मशहूर मीडिया वेबसाइट साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट (SCMP) की एक सनसनीखेज रिपोर्ट के अनुसार, यह रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना जापान के इबाराकी प्रांत की है। यहां स्थानीय पुलिस ने 49 वर्षीय एक महिला मसाए सकुराई (Masae Sakurai) को अपनी ही रूममेट को गंभीर रूप से घायल करने और बंधक बनाने के आरोप में गिरफ्तार किया है। मसाए पर आरोप है कि एक मामूली घरेलू विवाद के बाद उन्होंने अपनी 42 वर्षीय रूममेट के होंठों को सुई और धागे की मदद से बेरहमी से सिल दिया।
सुई-धागे से सिल दिए होंठ, जुबान बंद करने की खौफनाक साजिश
जापान की जांच एजेंसियों और पुलिस द्वारा शुरुआती तफ्तीश में साझा की गई जानकारी के मुताबिक, यह वारदात बीते 29 जून को अंजाम दी गई थी। आरोपी मसाए सकुराई और पीड़ित महिला पिछले कुछ महीनों से इबाराकी के एक घर में साथ रह रही थीं। आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार, पीड़ित महिला अप्रैल 2025 से आरोपी के मकान में शिफ्ट हुई थी।
शुरुआत में दोनों के बीच सब कुछ सामान्य था, लेकिन धीरे-धीरे विवाद बढ़ने लगा। 29 जून को दोनों के बीच हुई तीखी बहस इस कदर हिंसक रूप ले बैठी कि आरोपी ने पीड़िता को काबू में किया और सुई-धागे से उसका मुंह सिल दिया ताकि वह चिल्ला न सके। हालांकि, दोनों के बीच उस दिन किस विशिष्ट बात को लेकर इतनी बड़ी लड़ाई हुई, इसकी प्रामाणिक जानकारी पुलिस ने जांच का हवाला देते हुए अभी तक सार्वजनिक नहीं की है।
बिना बोले, कागज पर लिखकर मांगी मदद और बच गई जान
इस दर्दनाक हमले के बाद पीड़िता ने गजब का हौसला दिखाया। वह किसी तरह आरोपी के चंगुल से छूटकर घर से बाहर भागने में सफल रही। बदहवास हालत में वह पास के एक स्थानीय जनरल स्टोर (दुकान) में जा पहुंची। चूंकि उसके होंठ पूरी तरह सिले हुए थे, इसलिए वह बोलने या चिल्लाने की स्थिति में बिल्कुल नहीं थी।
पीड़िता ने तुरंत सूझबूझ दिखाई और दुकान के काउंटर पर रखे एक कागज के टुकड़े पर पेन से अपनी आपबीती और मदद की गुहार लिखकर वहां मौजूद कर्मचारी को थमा दी। पर्ची पढ़ते ही दुकान का कर्मचारी सन्न रह गया और उसने बिना एक पल गंवाए तुरंत इमरजेंसी पुलिस को फोन घुमा दिया। सूचना मिलते ही अगले दिन दोपहर करीब 1:30 बजे पुलिस की भारी टीम ने मौके पर दबिश देकर पीड़िता को रेस्क्यू किया और उसे तुरंत अस्पताल भिजवाया।
डर के साये में जी रही थी पीड़िता, घर में और लोगों के होने का दावा
पुलिस अभिरक्षा में आने के बाद पीड़िता ने पूछताछ में एक और बड़ा खुलासा किया। उसने बताया कि वह इस खौफनाक घर से बहुत पहले ही भाग जाना चाहती थी, लेकिन आरोपी महिला के खौफ और लगातार मिलने वाली धमकियों की वजह से वह हिम्मत नहीं जुटा पा रही थी। वह पिछले कई हफ्तों से भारी मानसिक और शारीरिक दबाव (Trauma) में जी रही थी।
इस बीच, जांच में एक और दिलचस्प और पेचीदा एंगल सामने आया है। आरोपी मसाए सकुराई के एक परिचित ने स्थानीय मीडिया को बताया कि जब उसने पिछले साल नवंबर में उस घर का दौरा किया था, तब वहां सिर्फ ये दो महिलाएं ही नहीं रहती थीं। उसने दावा किया कि उस बड़े मकान में दो-तीन अन्य महिलाएं और एक किशोर उम्र का लड़का भी साथ रहते थे। इस गवाही के बाद जापानी पुलिस अब इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि क्या यह कोई अवैध शेल्टर होम था और क्या वारदात के वक्त घर में अन्य लोग भी मूकदर्शक बनकर मौजूद थे?
जरूरतमंद लड़कियों की मदद का ढोंग और सोशल मीडिया पर बहस
मामले ने अंतरराष्ट्रीय मीडिया का ध्यान इसलिए भी खींचा क्योंकि आरोपी महिला मसाए सकुराई की प्रोफाइल समाज में बिल्कुल अलग थी। उसकी एक पूर्व सहकर्मी ने बताया कि करीब तीन साल पहले सकुराई सोशल मीडिया और जमीन पर उन लड़कियों और महिलाओं की मदद करने का दावा करती थी, जिनके पास रहने का ठिकाना नहीं होता था या जिनका अपने परिवार से नाता टूट चुका होता था। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि क्या मसाए परोपकार की आड़ में बेसहारा महिलाओं का शोषण कर रही थी?
जापान की यह अजीबोगरीब और हिंसक घटना वायरल होने के बाद सोशल मीडिया (Social Media) पर भी लोग इस पर तीखी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कई यूजर्स ने इसे किसी हॉरर फिल्म की स्क्रिप्ट जैसा बताया है, तो वहीं कुछ लोग यह सवाल उठा रहे हैं कि अगर घर में अन्य सदस्य मौजूद थे, तो उन्होंने पीड़िता की चीखें सुनकर उसकी मदद क्यों नहीं की। फिलहाल, जापानी पुलिस ने आरोपी महिला को रिमांड पर लेकर पूछताछ तेज कर दी है और फोरेंसिक रिपोर्ट आने का इंतजार किया जा रहा है।
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