ITR Filing 2026: क्या आप जानते हैं? भारत में इन 8 तरह की कमाई पर नहीं लगता ₹1 भी टैक्स, एक्सपर्ट से समझें पूरा नियम

देश में इस समय इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने का सीजन पूरे शबाब पर है। वित्तीय वर्ष के लिए टैक्स रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 बेहद करीब है। अगर आपने अभी तक अपनी कागजी कार्रवाई शुरू नहीं की है, तो देर न करें। टैक्स सीजन के बीच अक्सर नौकरीपेशा और आम लोगों के मन में यह सवाल जरूर घूमता है कि क्या भारत में कोई ऐसी भी कमाई है, जिस पर सरकार एक रुपया भी टैक्स नहीं लेती?

इसका जवाब है— हां! भारतीय आयकर कानून (Income Tax Act) के तहत 8 ऐसी इनकम हैं, जो पूरी तरह से टैक्स फ्री (Tax Free Income) कैटेगरी में आती हैं। इस विषय पर गहन जानकारी के लिए हमने टैक्स एक्सपर्ट सीए राजा मंगला से खास बातचीत की है, जिन्होंने इन आठ टैक्स-मुक्त जरियों को विस्तार से समझाया है।

1. खेती-किसानी से होने वाली कमाई (Agricultural Income)

भारत एक कृषि प्रधान देश है, इसलिए यहां एग्रीकल्चर लैंड (खेती की जमीन) से होने वाली पूरी कमाई को इनकम टैक्स के दायरे से बाहर रखा गया है। इसमें खेती से पैदा हुई फसलों की बिक्री, बागवानी या कृषि भूमि से मिलने वाला किराया शामिल है। हालांकि, सीए राजा मंगला एक जरूरी शर्त बताते हैं कि यदि आपकी कृषि आय 5,000 रुपये से अधिक है और आपकी अन्य कमर्शियल (व्यावसायिक) इनकम टैक्स छूट की सीमा से ऊपर है, तो कुल टैक्स रेट की गणना करते समय इसे आंशिक रूप से (Partial Integration) शामिल किया जा सकता है।

2. शादी-ब्याह और रिश्तेदारों से मिले गिफ्ट्स

अपने सगे रिश्तेदारों या नजदीकी परिजनों से शादी, जन्मदिन या किसी खास मौके पर मिलने वाले कैश, ज्वेलरी या प्रॉपर्टी गिफ्ट पर कोई टैक्स नहीं देना होता। लेकिन ध्यान रहे, यदि गैर-रिश्तेदारों (जैसे दोस्तों या परिचितों) से एक वित्तीय वर्ष में मिले सभी गिफ्ट्स की कुल वैल्यू 50,000 रुपये से ज्यादा हो जाती है, तो फिर उस पूरे अमाउंट पर आपके टैक्स स्लैब के अनुसार टैक्स लागू हो जाएगा।

3. लाइफ इंश्योरेंस (LIC) मैच्योरिटी और डेथ क्लेम

इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 10(10D) के तहत लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी की मैच्योरिटी पर मिलने वाली रकम पूरी तरह से टैक्स फ्री होती है। हालांकि, हालिया नियमों के तहत सरकार ने बहुत हाई प्रीमियम वाली पॉलिसियों और कुछ यूलिप (ULIP) पर टैक्स के नए नियम लागू किए हैं, लेकिन किसी अप्रिय घटना की स्थिति में नॉमिनी को मिलने वाला डेथ क्लेम अमाउंट हमेशा 100% टैक्स फ्री रहता है, चाहे प्रीमियम की राशि कितनी भी क्यों न हो।

4. पीपीएफ (PPF) और ईपीएफ (EPF) का फंड

पब्लिक प्रोविडेंट फंड यानी पीपीएफ निवेश का एक ऐसा जरिया है जो ‘Exempt-Exempt-Exempt’ (EEE) कैटेगरी में आता है। इसका मतलब है कि निवेश की गई रकम, उस पर मिलने वाला सालाना ब्याज और मैच्योरिटी के समय मिलने वाला पूरा पैसा पूरी तरह टैक्स फ्री होता है। दूसरी तरफ, इंप्लॉइज प्रोविडेंट फंड (EPF) से यदि आप लगातार 5 साल की नौकरी पूरी करने के बाद पैसा निकालते हैं, तो वह भी टैक्स के दायरे से बाहर रहता है।

5. कम्यूटेड पेंशन (एकमुश्त मिलने वाली पेंशन)

रिटायरमेंट के बाद मिलने वाली हर तरह की नियमित पेंशन टैक्स फ्री नहीं होती (वह सैलरी हेड में टैक्सेबल होती है)। लेकिन अगर किसी सरकारी कर्मचारी को रिटायरमेंट के वक्त एकमुश्त कम्यूटेड पेंशन (Commuted Pension) का हिस्सा मिला है, तो उसे टैक्स से पूरी तरह बाहर रखा जाता है। प्राइवेट सेक्टर के कर्मचारियों को भी इस पर आंशिक छूट मिलती है, जो उनकी ग्रेच्युटी की गणना पर निर्भर करती है।

6. हर तरह की स्कॉलरशिप और सरकारी पुरस्कार

देश या विदेश में पढ़ाई के लिए छात्रों को मिलने वाली किसी भी प्रकार की स्कॉलरशिप (Scholarship) पर टैक्स नहीं लगता है। इसे सरकार ने टैक्सेबल इनकम से पूरी तरह मुक्त रखा है। इसके अलावा, सेना या नागरिक सुरक्षा में मिलने वाले वीरता पुरस्कार, सरकार से प्राप्त राष्ट्रीय पुरस्कार और प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री रिलीफ फंड से मिलने वाली वित्तीय मदद पर भी कोई टैक्स नहीं काटा जाता।

7. ग्रेच्युटी का पैसा (Gratuity Benefit)

यदि आप केंद्र या राज्य सरकार के कर्मचारी हैं और रिटायरमेंट या नौकरी बदलने पर आपको ग्रेच्युटी मिलती है, तो वह पूरी तरह से टैक्स फ्री है। प्राइवेट सेक्टर (निजी क्षेत्र) के कर्मचारियों के लिए भी इसमें बड़ी राहत है। निजी कर्मचारियों के लिए टैक्स-फ्री ग्रेच्युटी की अधिकतम सीमा 20 लाख रुपये तय की गई है। यानी अगर आपकी ग्रेच्युटी 20 लाख रुपये तक है तो कोई टैक्स नहीं लगेगा, इससे ऊपर की राशि पर टैक्स चुकाना होगा।

8. सीए की अंतिम सलाह: समय पर भरें आईटीआर

सीए राजा मंगला का कहना है कि भले ही आपकी कमाई इन टैक्स फ्री श्रेणियों में आती हो, लेकिन यदि आपकी कुल सकल आय (Gross Total Income) बुनियादी छूट सीमा से अधिक है, तो आपको 31 जुलाई 2026 से पहले अपना आईटीआर (ITR) जरूर फाइल कर देना चाहिए। टैक्स फ्री इनकम को आईटीआर के ‘Exempt Income’ वाले कॉलम में घोषित करना कानूनी रूप से सही और सुरक्षित रहता है।