तेहरान/वॉशिंगटन: एक तरफ अमेरिका के साथ युद्ध की विभीषिका और दूसरी तरफ कुदरत का कहर; ईरान इस वक्त दोतरफा मुसीबतों से घिरा हुआ है। मंगलवार को ईरान की राजधानी तेहरान और उसके आसपास के इलाकों में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 4.6 मापी गई है। इस प्राकृतिक आपदा ने ऐसे समय में दस्तक दी है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को ‘मिटा देने’ तक की सख्त चेतावनी दे दी है।
तेहरान समेत कई प्रांतों में महसूस हुए झटके
इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ब्रॉडकास्टिंग (IRIB) के अनुसार, भूकंप का केंद्र जमीन से महज 10 किलोमीटर नीचे तेहरान और माजनदरान प्रांत की सीमा पर था। झटके इतने महसूस किए गए कि लोग घरों से बाहर निकल आए। हालांकि, राहत की बात यह है कि अभी तक किसी भी जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं मिली है। एहतियात के तौर पर तेहरान, माजनदरान, कोम और अलबोर्ज में रेड क्रीसेंट फोर्सेज (Red Crescent Forces) को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
कुदरत का बार-बार प्रहार: 3 मार्च को भी हिला था ईरान
ईरान में भूकंप का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले 3 मार्च को भी ईरान के गेराश क्षेत्र में 4.3 तीव्रता का भूकंप आया था। विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान भूगर्भीय रूप से काफी सक्रिय क्षेत्र में स्थित है, जिसके कारण वहां टेक्टोनिक गतिविधियों से जुड़े ऐसे झटके अक्सर महसूस किए जाते हैं।
ट्रंप की फाइनल चेतावनी: ‘डील करो वरना वजूद मिटा दूंगा’
प्राकृतिक आपदा के बीच ईरान के लिए राजनीतिक मोर्चे से भी बुरी खबर है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तेहरान के साथ चल रही शांति वार्ता के विफल होने पर बेहद कड़े तेवर अपनाए हैं। ट्रंप ने दोटूक कहा है कि यदि ईरान ने प्रस्तावित समझौते को स्वीकार नहीं किया, तो वह उस मुल्क को पूरी तरह खत्म कर देंगे। ट्रंप ने आत्मविश्वास के साथ कहा कि स्थिति पूरी तरह अमेरिका के नियंत्रण में है और उन्हें ईरान को संभालने के लिए चीन जैसे किसी भी अन्य देश की जरूरत नहीं है।
‘ऑपरेशन प्रोजेक्ट फ्रीडम’ की तैयारी: फिर शुरू हो सकते हैं हमले
खुफिया सूत्रों के हवाले से खबर है कि डोनाल्ड ट्रंप पश्चिमी एशिया में एक बार फिर बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई शुरू करने पर विचार कर रहे हैं। फॉक्स न्यूज के मुताबिक, व्हाइट हाउस ‘ऑपरेशन प्रोजेक्ट फ्रीडम’ को फिर से शुरू करने की योजना बना रहा है, जिसका उद्देश्य होर्मुज जलमार्ग (Strait of Hormuz) में जहाजों की आवाजाही को बहाल करना है। होर्मुज के बंद होने और ईरान के अड़ियल रुख से ट्रंप का धैर्य जवाब दे रहा है।
ईरान की आंतरिक कलह पर अमेरिका की नजर
अमेरिकी खुफिया रिपोर्टों में यह भी दावा किया गया है कि वर्तमान में ईरानी नेतृत्व के भीतर गहरे मतभेद उभर रहे हैं। इसी का फायदा उठाकर ट्रंप प्रशासन सैन्य दबाव को और बढ़ाने की रणनीति बना रहा है। 28 फरवरी से शुरू हुए इस युद्ध ने अब एक ऐसा मोड़ ले लिया है जहां सीजफायर की उम्मीदें धुंधली पड़ती जा रही हैं और ईरान पर चौतरफा संकट गहराता जा रहा है।
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