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Iran Regime Change: डोनाल्ड ट्रंप का सनसनीखेज दावा! ‘ईरान में हो चुका है सत्ता परिवर्तन’, पुरानी हुकूमत का हुआ पूरी तरह खात्मा

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर एक ऐसा बयान दिया है, जिसने अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और वैश्विक राजनीति में भूकंप ला दिया है। रविवार को ‘एयर फोर्स वन’ में पत्रकारों से मुखातिब होते हुए ट्रंप ने दावा किया कि ईरान में प्रभावी रूप से ‘सत्ता परिवर्तन’ (Regime Change) हो चुका है। ट्रंप के अनुसार, अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमलों ने ईरान के पुराने नेतृत्व की कमर तोड़ दी है और अब वहां एक पूरी तरह से नई पीढ़ी सत्ता की बागडोर संभाल रही है।

‘पुरानी हुकूमत अब इतिहास’: ट्रंप का बड़ा बयान

राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के वर्तमान सत्ता ढांचे पर विस्तार से बात करते हुए कहा, “ईरान में पहले से ही सत्ता परिवर्तन हो चुका है क्योंकि पुरानी हुकूमत पूरी तरह तबाह हो गई है… वे सब मारे जा चुके हैं।” ट्रंप का दावा है कि नेतृत्व की पहली और दूसरी पीढ़ी के खत्म होने के बाद अब तीसरी पीढ़ी सामने आई है। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि ट्रंप ने इस नई लीडरशिप की तारीफ की और उन्हें ‘बहुत समझदार’ (Very Smart) बताया। उन्होंने कहा कि अब हम उन लोगों से डील कर रहे हैं, जिनसे पहले कभी किसी ने बात नहीं की।

ईरान के शीर्ष नेतृत्व में भारी उथल-पुथल

पिछले कुछ हफ्तों में हुए भीषण हवाई हमलों ने ईरान के राजनीतिक नक्शे को बदल कर रख दिया है। अपुष्ट रिपोर्टों के अनुसार, ईरान के सबसे प्रभावशाली रणनीतिकारों में से एक अली लारीजानी इन हमलों में मारे गए हैं। वहीं, सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की मृत्यु की खबरों के बीच उनके बेटे मोजतबा खामेनेई द्वारा कमान संभालने की चर्चाएं तेज हैं। हालांकि तेहरान ने आधिकारिक तौर पर किसी औपचारिक सत्ता हस्तांतरण की पुष्टि नहीं की है, लेकिन ट्रंप के “सब मारे जा चुके हैं” वाले बयान ने इन अटकलों को और हवा दे दी है।

जंग के बीच समझौते की उम्मीद: क्या होगी ‘ग्रैंड डील’?

तनाव के चरम पर होने के बावजूद डोनाल्ड ट्रंप ने शांति समझौते के संकेत दिए हैं। उन्होंने विश्वास जताते हुए कहा, “मुझे लगता है कि हम उनके साथ एक डील कर लेंगे, मुझे पूरा भरोसा है।” इस संभावित समझौते में पाकिस्तान एक अहम मध्यस्थ (Mediator) की भूमिका निभा रहा है। इस्लामाबाद में क्षेत्रीय नेताओं की बैठक के बाद पाकिस्तान, वाशिंगटन और तेहरान को एक मेज पर लाने की कोशिशों में जुटा है। यह कूटनीतिक हलचल ऐसे समय में हो रही है जब दुनिया एक बड़े ऊर्जा संकट के डर से कांप रही है।

दूसरे महीने में प्रवेश करती जंग और वैश्विक चिंता

ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच छिड़ा यह भीषण युद्ध अब अपने दूसरे महीने की ओर बढ़ रहा है। एक तरफ जहां ट्रंप शांति और समझौते की बात कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ हमलों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। यदि जल्द ही कोई ठोस कूटनीतिक समाधान नहीं निकला, तो मिडिल ईस्ट की यह आग पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को अपनी चपेट में ले सकती है। फिलहाल, दुनिया की नजरें ईरान की उस ‘नई और समझदार’ लीडरशिप पर टिकी हैं जिसका जिक्र ट्रंप ने किया है।

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