
उत्तर भारत समेत देश के कई राज्यों में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने रविवार यानी 14 जून 2026 को दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR) समेत आसपास के इलाकों के लिए एक बेहद गंभीर चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के मुताबिक, आज दिल्ली, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पूर्वी राजस्थान के जिलों में धूल भरी आंधी, कड़कड़ाती बिजली के साथ हल्की से भारी बारिश हो सकती है। सबसे बड़ी चिंता इस दौरान चलने वाली तूफानी हवाएं हैं, जिनकी रफ्तार 100 किलोमीटर प्रति घंटा (kmph) तक पहुंच सकती है।
दिल्ली के पालम में आधी रात को 76 kmph का तूफान, टूटे कई रिकॉर्ड
एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के कारण दिल्ली में हवाओं की गति ने सबको हैरान कर दिया है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, शनिवार आधी रात को दिल्ली के पालम इलाके में 76 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से विनाशकारी हवाएं चलीं। इसके अलावा नारायणा और प्रगति मैदान में 52 kmph, सफदरजंग में 44 kmph, जाफरपुर में 43 kmph और जनकपुरी में 31 kmph की स्पीड से अंधड़ रिकॉर्ड किया गया।
21 साल का रिकॉर्ड टूटा: आपको बता दें कि इसी हफ्ते मंगलवार को राजधानी दिल्ली में पिछले 21 वर्षों की सबसे तेज हवा की रफ्तार दर्ज की गई थी, जब तूफान के दौरान विंड स्पीड सीधे 120 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच गई थी।
तापमान में भारी गिरावट, लेकिन अब सताएगी ‘चिपचिपी वाली उमस’
हाल ही में हुई इस तेज बारिश और ओलावृष्टि ने दिल्लीवासियों को पिछले कई हफ्तों से जारी रिकॉर्ड-तोड़ और चिलचिलाती गर्मी से बहुत बड़ी राहत दी है। शनिवार को दिल्ली का अधिकतम तापमान सामान्य से 4.3 डिग्री कम यानी 35.6 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान सामान्य से 6.6 डिग्री कम महज 21.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
हालांकि, मौसम वैज्ञानिकों ने दिल्लीवालों को सचेत करते हुए कहा है कि रविवार से इस पश्चिमी विक्षोभ का असर धीरे-धीरे कम होने लगेगा और यह दिल्ली से आगे निकल जाएगा। इसके बाद अधिकतम तापमान में फिर से बढ़त (करीब 37 डिग्री तक) शुरू होगी। हालांकि अगले कुछ दिनों तक लू (Heatwave) चलने के आसार नहीं हैं, लेकिन भारी बारिश के कारण हवा में जो भारी नमी (Moisture) जमा हो गई है, उसकी वजह से लोगों को अब भीषण और परेशान करने वाली उमस (Humidity) का सामना करना पड़ेगा।
हैदराबाद में भारी बारिश का अलर्ट, पुलिस और प्रशासन हाई अलर्ट पर
मौसम का यह यू-टर्न केवल उत्तर भारत तक सीमित नहीं है। दक्षिण भारत के प्रमुख महानगर हैदराबाद में भी भारी बारिश की आशंका को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। हैदराबाद के पुलिस कमिश्नर वीसी सज्जनार ने शनिवार को ही शहर के उन सभी संवेदनशील और निचले इलाकों का तूफानी दौरा किया, जहां अक्सर जलभराव (Waterlogging) की समस्या होती है।
कमिश्नर ने फील्ड स्टाफ और ट्रैफिक पुलिस को निर्देश दिए हैं कि पानी की निकासी को तुरंत सुनिश्चित किया जाए ताकि ट्रैफिक जाम न लगे। जलभराव और आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए ग्रेटर हैदराबाद म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (GHMC), आपदा प्रबंधन एजेंसी (HYDRAA), वॉटर बोर्ड और बिजली विभाग को एक साथ मिलकर काम करने के लिए अलर्ट पर रखा गया है।
आखिर क्यों अचानक जून के महीने में आ गया ऐसा खतरनाक तूफान?
IMD के मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, प्री-मानसून सीजन (Pre-Monsoon Period) में इस तरह की वेदर एक्टिविटी होना असामान्य नहीं है, लेकिन इस बार इसका पैमाना बहुत बड़ा है। दरअसल, उत्तर-पश्चिम भारत में इस समय एक साथ कई वेदर सिस्टम आपस में टकरा रहे हैं। दिन के समय होने वाली अत्यधिक गर्मी और अरब सागर से आ रही भारी नमी के कारण आसमान में एक मजबूत ‘कन्वेक्टिव एक्टिविटी’ (Convective Activity) यानी गरजने वाले बादलों का निर्माण हुआ।
इसके बाद पंजाब और हरियाणा से होते हुए दिल्ली-एनसीआर में एक बेहद खतरनाक स्क्वॉल लाइन (Squall Line) दाखिल हुई। 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली इन हवाओं के कारण पेड़ गिरने, बिजली के खंभे उखड़ने, कच्चे मकानों व होर्डिंग्स को नुकसान पहुंचने और ट्रैफिक ठप होने का बड़ा खतरा रहता है।
हिमाचल प्रदेश में 19 जून तक आंधी-बारिश का ‘येलो अलर्ट’
पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश में भी प्री-मानसून की बारिश ने दस्तक दे दी है, जिससे वहां मौसम बेहद सुहावना और ठंडा हो गया है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने राज्य में 19 जून 2026 तक लगातार बारिश का अनुमान जताया है। विभाग ने रविवार को प्रदेश के पांच प्रमुख जिलों—चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला में बिजली गिरने और 30 से 50 kmph की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का ‘येलो अलर्ट’ (Yellow Alert) जारी किया है।
| जिला/स्थान | शनिवार को दर्ज की गई कुल बारिश (mm में) |
| गुलेर (कांगड़ा) | 66.8 mm |
| रायपुर मैदान (ऊना) | 47.4 mm |
| सोलन | 43.0 mm |
| कांगड़ा शहर | 28.1 mm |
| अघार (हमीरपुर) | 25.4 mm |
| पच्छाद (सिरमौर) | 25.0 mm |
| धर्मशाला | 23.1 mm |
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