
वैश्विक स्वास्थ्य के मोर्चे पर एक बार फिर बड़ी चिंताजनक खबर सामने आ रही है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा इबोला वायरस के खतरनाक प्रकोप को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ‘सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल’ (Public Health Emergency of International Concern) घोषित किए जाने के बाद भारत सरकार ने देश भर में सुरक्षा और सतर्कता के कड़े इंतजाम लागू कर दिए हैं। इस वैश्विक चेतावनी के बाद देश के तमाम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों और संवेदनशील राज्यों में स्वास्थ्य निगरानी को बेहद मजबूत कर दिया गया है। इसी कड़ी में महाराष्ट्र के पुणे अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर प्रशासन ने अपनी तैयारियों को युद्ध स्तर पर बढ़ा दिया है, ताकि देश के भीतर इस वायरस के प्रवेश को समय रहते रोका जा सके।
पुणे इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर सुरक्षा चक्र मजबूत, हर अंतरराष्ट्रीय यात्री की होगी कड़ी जांच
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी की गई हाई-लेवल एडवाइजरी के तुरंत बाद पुणे हवाई अड्डे के सार्वजनिक स्वास्थ्य कार्यालय (APHO) ने विशेष प्रोटोकॉल और कड़े नियम लागू कर दिए हैं। हवाई अड्डे पर सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को पहले से कई गुना अधिक मजबूत किया गया है। अब विदेशों से आने वाले प्रत्येक अंतरराष्ट्रीय यात्री को एक अनिवार्य स्वास्थ्य जांच (Thermal Screening) से गुजरना पड़ रहा है। हवाई अड्डा अधिकारियों का कहना है कि यदि स्क्रीनिंग या जांच के दौरान किसी भी यात्री में इबोला वायरस से संबंधित थोड़े भी संदिग्ध लक्षण दिखाई देते हैं, तो उसे तुरंत राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्रोटोकॉल के तहत विशेष मेडिकल टीम को सौंप दिया जाएगा, जहां से उन्हें आगे की गहन चिकित्सा जांच और आइसोलेशन के लिए भेजा जाएगा।
हैदराबाद एयरपोर्ट पर सूडानी नागरिक में दिखे संदिग्ध लक्षण, तुरंत भेजा गया आइसोलेशन सेंटर
इस वैश्विक अलर्ट के बीच एक बेहद चौंकाने वाला मामला हैदराबाद के राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सामने आया है। यहां विदेश से पहुंचे एक सूडानी नागरिक की जांच के दौरान उसमें इबोला वायरस जैसे शुरुआती लक्षण पाए गए। जैसे ही मेडिकल टीम को इसकी भनक लगी, बिना कोई वक्त गंवाए यात्री को एहतियात के तौर पर तुरंत एक विशेष आइसोलेशन सेंटर में शिफ्ट कर दिया गया। शुरुआती ट्रेवल हिस्ट्री खंगालने पर पता चला है कि इस यात्री ने हाल ही में अफ्रीकी देशों, विशेषकर दक्षिण सूडान और युगांडा की यात्रा की थी। स्वास्थ्य अधिकारी अब बेहद सावधानी के साथ उसकी रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं और उसके संपर्क में आए अन्य लोगों की भी पहचान की जा रही है।
छत्तीसगढ़ के दुर्ग और भिलाई में अलर्ट, अफ्रीकी देशों से लौटे 3 लोग 21 दिनों के लिए होम आइसोलेट
हवाई अड्डों के साथ-साथ अब देश के अंदरूनी हिस्सों में भी इबोला का खतरा मंडराने लगा है। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में इबोला संक्रमण से जुड़े तीन संदिग्ध मामलों की पहचान होने से स्थानीय प्रशासन में हड़कंप मच गया है। स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक, इन तीन संदिग्धों में से दो व्यक्ति भिलाई के रहने वाले हैं, जबकि एक व्यक्ति दुर्ग क्षेत्र का निवासी है। राहत की बात यह है कि फिलहाल इनमें से किसी भी मरीज में इबोला के कोई गंभीर या जानलेवा लक्षण नहीं मिले हैं।
चूंकि ये तीनों ही नागरिक हाल ही में अफ्रीकी देशों के दौरे से वापस भारत लौटे हैं, इसलिए चिकित्सा प्रोटोकॉल का पालन करते हुए जिला स्वास्थ्य विभाग ने तीनों को अगले 21 दिनों तक सख्त ‘होम आइसोलेशन’ (गृह संगरोध) में रहने के निर्देश दिए हैं। दुर्ग जिला स्वास्थ्य विभाग की विशेष टीमें लगातार इन तीनों नागरिकों की सेहत पर 24 घंटे नजर रख रही हैं ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
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