Headline: UP School Chalo Abhiyan 2026: 1 जुलाई से शुरू होगा दूसरा चरण, योगी सरकार का बड़ा लक्ष्य- कोई भी बच्चा शिक्षा से न रहे वंचित

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार राज्य के प्रत्येक बच्चे को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए एक बार फिर बड़े स्तर पर अभियान चलाने जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर 1 जुलाई से 15 जुलाई 2026 तक स्कूल चलो अभियान का दूसरा चरण संचालित किया जाएगा। इस अभियान का उद्देश्य ऐसे बच्चों की पहचान कर उन्हें स्कूल तक पहुंचाना है, जो अब तक नामांकित नहीं हैं या किसी कारणवश पढ़ाई बीच में छोड़ चुके हैं। अभियान के दौरान प्रशासन, शिक्षा विभाग, शिक्षक, अभिभावक और आम नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी ताकि कोई भी बच्चा शिक्षा के अधिकार से वंचित न रहे।

हर बच्चे को स्कूल से जोड़ने का लक्ष्य

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट कहा है कि शिक्षा केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज का साझा दायित्व है। उन्होंने शिक्षकों, जनप्रतिनिधियों, अभिभावकों और सामाजिक संगठनों से अपील की है कि वे अपने आसपास ऐसे बच्चों की जानकारी जुटाएं जो स्कूल नहीं जा रहे हैं और उन्हें विद्यालय तक पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभाएं। सरकार का लक्ष्य राज्य में शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करना है।

ड्रॉपआउट बच्चों पर रहेगा विशेष फोकस

अभियान के दूसरे चरण में विशेष रूप से उन बच्चों की पहचान की जाएगी जिन्होंने किसी कारण से पढ़ाई छोड़ दी है। शिक्षा विभाग ऐसे विद्यार्थियों को दोबारा विद्यालयों में प्रवेश दिलाने के लिए घर-घर संपर्क अभियान चलाएगा। इसके साथ ही पहली बार स्कूल जाने वाले बच्चों के नामांकन पर भी विशेष जोर रहेगा ताकि नए शैक्षणिक सत्र में अधिक से अधिक बच्चे शिक्षा से जुड़ सकें।

गांव-गांव चलेगा जनजागरूकता अभियान

स्कूल चलो अभियान के तहत प्रदेशभर में जागरूकता रैलियां, जनसंपर्क कार्यक्रम और घर-घर संपर्क अभियान आयोजित किए जाएंगे। शिक्षक और शिक्षा विभाग के अधिकारी ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में लोगों को शिक्षा के महत्व के प्रति जागरूक करेंगे। अभियान का मुख्य संदेश यही रहेगा कि कोई भी बच्चा विद्यालय से बाहर न रहे और सभी को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अवसर मिले।

सरकार का शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने पर जोर

उत्तर प्रदेश सरकार लगातार विद्यालयों में बुनियादी सुविधाओं, नामांकन और विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति बढ़ाने पर काम कर रही है। स्कूल चलो अभियान का दूसरा चरण भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सरकार का मानना है कि अधिक से अधिक बच्चों को शिक्षा से जोड़कर प्रदेश में साक्षरता और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लक्ष्य को और मजबूत किया जा सकता है |