
फिनटेक क्षेत्र की दिग्गज कंपनी ‘वन मोबिक्विक सिस्टम्स लिमिटेड’ (One MobiKwik Systems Ltd) के निवेशकों के लिए मंगलवार का दिन बेहद शानदार रहा। कंपनी के शेयरों में जोरदार तेजी देखने को मिली और यह करीब 8% तक उछल गया। इस तेजी के पीछे भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा कंपनी को दी गई एक बड़ी और महत्वपूर्ण मंजूरी है, जिसने बाजार के सेंटीमेंट्स को पूरी तरह से बदल दिया है।
RBI की ‘गुड न्यूज’ और कंपनी का मास्टर प्लान
आरबीआई ने मोबिक्विक को ‘पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम्स एक्ट, 2007’ के तहत ‘पेमेंट एग्रीगेटर – फिजिकल’ (PA-P) के तौर पर काम करने की सैद्धांतिक मंजूरी (In-principle approval) दे दी है। इस मंजूरी के बाद कंपनी अब देशभर में अपने ऑफलाइन मर्चेंट पेमेंट कारोबार का विस्तार तेजी से कर सकेगी।
कंपनी के को-फाउंडर, एमडी और सीईओ बिपिन प्रीत सिंह ने इस विकास पर उत्साह जताते हुए कहा कि ऑफलाइन मर्चेंट पेमेंट भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था का सबसे मजबूत इंजन हैं। यह लाइसेंस कंपनी को अपने मर्चेंट पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर को नई ऊंचाइयों पर ले जाने में मदद करेगा, जिससे वित्त वर्ष 2028 तक मर्चेंट कारोबार में 10 गुना वृद्धि का लक्ष्य हासिल किया जा सकेगा।
कैसा रहा शेयर का प्रदर्शन?
मंगलवार को कारोबार के दौरान मोबिक्विक का शेयर 191.25 रुपये की पिछली क्लोजिंग के मुकाबले उछलकर 205.60 रुपये के स्तर को छू गया। यदि इसके 52 हफ्ते के आंकड़ों पर नजर डालें, तो मार्च 2026 में यह शेयर 151.95 रुपये के अपने निचले स्तर (52-week low) पर था। वहीं, इसका 52 हफ्ते का उच्चतम स्तर 333.95 रुपये है, जो पिछले साल सितंबर में दर्ज किया गया था। मौजूदा तेजी निवेशकों के लिए एक सकारात्मक संकेत मानी जा रही है।
एनबीएफसी लाइसेंस और भविष्य की रणनीति
मोबिक्विक केवल पेमेंट तक सीमित नहीं है, बल्कि वित्तीय सेवाओं के हर क्षेत्र में अपनी पकड़ मजबूत कर रही है। अप्रैल में कंपनी को भारतीय रिजर्व बैंक से गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (NBFC) का लाइसेंस मिला था। इसके जरिए कंपनी अपनी पूर्ण-स्वामित्व वाली इकाई, मोबीक्विक फाइनेंशियल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड (MFSPL) के माध्यम से कर्ज (Lending) का कारोबार भी शुरू कर रही है। वर्तमान में कंपनी 4.9 मिलियन से अधिक मर्चेंट्स को UPI QR, साउंडबॉक्स और EDC मशीनों जैसी सेवाएं प्रदान कर रही है और आने वाले 18-24 महीनों में छोटे व्यवसायों और संगठित खुदरा क्षेत्र पर कंपनी का मुख्य फोकस रहेगा।
शेयरहोल्डिंग का गणित
कंपनी के शेयरहोल्डिंग पैटर्न की बात करें तो प्रमोटर्स के पास 25.08% हिस्सेदारी (करीब 1.97 करोड़ शेयर) है, जबकि पब्लिक शेयरहोल्डिंग 74.92% है। हाल ही में वेंचर कैपिटल फर्म ‘पीक XV पार्टनर्स’ ने 130 करोड़ रुपये से अधिक के ब्लॉक डील के जरिए अपनी पूरी हिस्सेदारी बेच दी है, जिसे फ्लोरीनट्री, विरिडियन एसेट मैनेजमेंट, डायमॉन एशिया और कर्मा कैपिटल जैसे बड़े संस्थानों ने खरीदा है। यह डील कंपनी के प्रति बड़े निवेशकों के भरोसे को दर्शाती है।
girls globe