
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने अपने सदस्यों के लिए डिजिटल सेवाओं को एक नए स्तर पर पहुंचाते हुए क्रांतिकारी ‘फेस ऑथेंटिकेशन टेक्नोलॉजी’ (Face Authentication Technology – FAT) आधारित सेवा की शुरुआत की है। अब पहली बार नौकरी शुरू करने वाले कर्मचारियों को अपना यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) बनवाने या एक्टिवेट कराने के लिए कंपनी के एचआर विभाग या ईपीएफओ के चक्कर काटने की बिल्कुल जरूरत नहीं होगी।
कर्मचारी अपने स्मार्टफोन के कैमरे से केवल अपना चेहरा स्कैन (Face Scan) करके महज कुछ ही मिनटों में नया UAN जनरेट कर सकते हैं। ईपीएफओ ने यह सुविधा भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) के आधार फेस आरडी (Aadhaar FaceRD) सिस्टम के साथ एकीकृत करके शुरू की है। इसके जरिए आधार में दर्ज फोटो और लाइव फेस का रियल-टाइम मिलान होते ही सिस्टम तुरंत UAN आवंटित कर देता है और खाता स्वतः सक्रिय हो जाता है।
इस नए सिस्टम के आने से पहले कर्मचारियों को यूएएन एक्टिवेशन या प्रोफाइल में बदलाव के लिए कंपनी के अप्रूवल और डिजिटल सिग्नेचर का इंतजार करना पड़ता था। फेस-ऑथेंटिकेशन तकनीक से 4 बड़े काम पूरी तरह पेपरलेस और स्वतः हो जाएंगे:
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तत्काल UAN जनरेशन: फ्रेशर्स या नए कर्मचारी आधार नंबर और फेस ऑथेंटिकेशन के जरिए खुद अपना 12 अंकों का यूएएन बना सकते हैं।
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बिना ओटीपी के ई-केवाईसी (e-KYC): यदि आधार से लिंक पुराना मोबाइल नंबर बंद हो चुका है, तो भी फेस ऑथेंटिकेशन से बायोमेट्रिक पहचान सत्यापित हो जाएगी और केवाईसी तुरंत पूरी हो जाएगी।
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उमंग ऐप से तत्काल पासबुक डाउनलोड: यूएएन एक्टिवेट होते ही सदस्य ‘Umang’ ऐप या ईपीएफओ मेंबर पोर्टल पर फेस लॉगिन के जरिए अपनी पीएफ पासबुक देख और डाउनलोड कर सकेंगे।
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पीएफ बैलेंस और कंट्रीब्यूशन ट्रैकिंग: खाते में कंपनी द्वारा जमा किए गए मासिक अंशदान (Employer & Employee Share) और ब्याज की रसीदें रियल-टाइम में जांची जा सकेंगी।
इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए आपके पास एक एक्टिव स्मार्टफोन और कैमरा होना आवश्यक है:
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Aadhaar FaceRD ऐप डाउनलोड करें: सबसे पहले गूगल प्ले स्टोर (Google Play Store) से यूआईडीएआई का आधिकारिक ‘AadhaarFaceRD’ ऐप इंस्टॉल करें (यह बैकग्राउंड सर्विस के रूप में काम करता है)।
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EPFO पोर्टल या Umang ऐप खोलें: ईपीएफओ के एकीकृत सदस्य पोर्टल (unifiedportal-mem.epfindia.gov.in) या उमंग (Umang) ऐप के ईपीएफओ सेक्शन में जाएं।
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‘Direct UAN Allotment’ विकल्प चुनें: होम स्क्रीन पर दिए गए ‘Direct UAN Allotment by Employee’ या ‘Face Authentication’ विकल्प पर टैप करें।
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आधार विवरण दर्ज करें: अपना 12 अंकों का आधार नंबर और नाम दर्ज करें तथा बायोमेट्रिक सहमति पर टिक करें।
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फेस स्कैन (Face Scan) पूरा करें: स्क्रीन पर कैमरा खुल जाएगा। पर्याप्त रोशनी में कैमरे के सामने सीधे देखें और निर्देशानुसार पलकें झपकाएं (Blink eyes)। सिस्टम चेहरे का मिलान आधार डेटाबेस से करेगा।
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UAN जनरेट और एक्टिवेट: जैसे ही फेस वेरिफिकेशन सफल होगा, स्क्रीन पर नया यूएएन (UAN) नंबर फ्लैश हो जाएगा और रजिस्टर्ड मोबाइल पर एसएमएस आ जाएगा। इसके साथ ही आपका खाता तुरंत सक्रिय हो जाएगा।
ईपीएफओ का यह कदम केवल सुविधा तक सीमित नहीं है, बल्कि सुरक्षा के लिहाज से भी एक बड़ा मील का पत्थर है। पिछले कुछ समय में आधार ओटीपी चोरी और फर्जी दस्तावेजों के जरिए पीएफ खातों में सेंधमारी के कई मामले सामने आए थे।
लाइव फेस ऑथेंटिकेशन में ‘लाइवनेस डिटेक्शन’ (Liveness Detection) तकनीक का इस्तेमाल होता है, जिससे किसी फोटो, वीडियो या क्लोन किए गए फिंगरप्रिंट से धोखाधड़ी करना पूरी तरह नामुमकिन हो जाता है। इसके अलावा, पेंशनरों (EPS-95) के लिए डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र (Digital Life Certificate) जमा करने में पहले से चल रही यह तकनीक अब सामान्य अंशधारकों के लिए भी सुरक्षा कवच बनेगी।
| नई सुविधा | पुरानी प्रक्रिया | नई फेस-ऑथेंटिकेशन प्रणाली (2026) |
| UAN आवंटन | नियोक्ता (Employer) द्वारा कागजी प्रक्रिया | कर्मचारी द्वारा स्वयं स्मार्टफोन से (2 मिनट में) |
| सत्यापन का तरीका | आधार ओटीपी या बायोमेट्रिक फिंगरप्रिंट | लाइव फेस स्कैनिंग (Aadhaar FaceRD) |
| केवाईसी अनुमोदन | कंपनी के डिजिटल सिग्नेचर (DSC) पर निर्भर | फेस मिलान होते ही सिस्टम द्वारा ऑटो-अप्रूवल |
| पासबुक एक्सेस | एक्टिवेशन के 6 से 24 घंटे बाद | एक्टिवेशन के तुरंत बाद लाइव |
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