गहने पर सिर्फ ‘हॉलमार्क’ देखकर खुश न हों, असली धोखा यहीं छिपा है; खरीदने से पहले ऐसे चेक करें 6 अंकों का HUID कोड

भारत में सोना सिर्फ एक आभूषण नहीं है, बल्कि इसे सुख-दुख का सबसे भरोसेमंद साथी और एक सुरक्षित निवेश माना जाता है। त्योहारों से लेकर शादियों तक, लोग सोने की खरीदारी जमकर करते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आज के दौर में सिर्फ ‘हॉलमार्क’ का निशान देखकर तसल्ली कर लेना आपकी सबसे बड़ी भूल साबित हो सकती है?

बाजार में धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों को देखते हुए अब केवल हॉलमार्क का ठप्पा काफी नहीं है। असली और प्रमाणित सोने की पहचान के लिए हर गहने पर दर्ज HUID नंबर की जांच करना सबसे जरूरी समझा जाता है। आइए विस्तार से समझते हैं कि यह नंबर क्या है, यह क्यों जरूरी है और आप घर बैठे अपने मोबाइल से इसकी शुद्धता कैसे जांच सकते हैं।

क्या होता है HUID नंबर और यह क्यों जरूरी है?

HUID का मतलब है Hallmark Unique Identification (हॉलमार्क यूनीक आइडेंटिफिकेशन)। सरकार ने 1 जुलाई 2021 से इस सिस्टम को पूरे देश में अनिवार्य कर दिया था। वर्तमान में भारत में केवल सोने और चांदी के आभूषणों पर ही हॉलमार्किंग के नियम पूरी तरह से लागू हैं।

ज्वेलरी एक्सपर्ट और खुराना ज्वेलरी हाउस की डायरेक्टर प्रेरणा खुराना के मुताबिक, “HUID एक बेहद खास 6 अंकों का अल्फान्यूमेरिक कोड (जिसमें अक्षर और नंबर दोनों होते हैं) है। इसे BIS हॉलमार्किंग सिस्टम के तहत शुरू किया गया है ताकि सोने की खरीद-बिक्री को पूरी तरह पारदर्शी और सुरक्षित बनाया जा सके।”

हॉलमार्क और HUID में क्या अंतर है?

साधारण हॉलमार्क का निशान सिर्फ यह बताता है कि सोना शुद्ध है। लेकिन HUID नंबर एक तरह से उस गहने का आधार कार्ड है। इससे यह साफ-साफ पता चल जाता है कि उस गहने की शुद्धता की जांच किस सेंटर में हुई है, उसे किस ज्वेलर ने बेचा है और सरकारी रिकॉर्ड में उसका क्या स्टेटस है।

सिर्फ हॉलमार्क के भरोसे रहना क्यों है खतरनाक?

मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार, सिर्फ हॉलमार्क का निशान हमेशा पर्याप्त नहीं होता। आजकल बाजार में नकली हॉलमार्क स्टैंप (मुहर) लगाने वाले गिरोह भी सक्रिय हो चुके हैं। कई बेईमान ज्वेलर्स असली दिखने वाले हॉलमार्क के निशान की हूबहू नकल कर लेते हैं, जिससे एक आम ग्राहक के लिए असली और नकली गहनों में फर्क कर पाना नामुमकिन हो जाता है।

यहीं पर HUID सिस्टम ग्राहकों का सबसे बड़ा सुरक्षा कवच बनता है। हर एक गहने का HUID कोड भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के डिजिटल डेटाबेस में दर्ज होता है। इसे कोई भी कॉपी या फर्जी नहीं बना सकता क्योंकि एक कोड सिर्फ एक ही गहने के लिए अलॉट किया जाता है।

असली सोने के गहने की 3 सबसे बड़ी पहचान

जब भी आप दुकान पर सोने का कोई गहना खरीदें, तो उस पर बारीक लेंस से नीचे दी गई तीन चीजों को जरूर देखें:

पहचान का निशान इसका क्या मतलब है? क्यों जरूरी है?
BIS का लोगो (Logo) भारतीय मानक ब्यूरो का आधिकारिक त्रिकोणीय चिन्ह। यह दर्शाता है कि गहना सरकारी मानकों के तहत प्रमाणित है।
सोने की शुद्धता (Purity) 22K916 या 18K750 जैसे अंक। यह बताता है कि गहना कितने कैरेट का है और उसमें कितना प्रतिशत शुद्ध सोना है।
6 अंकों का HUID कोड अक्षरों और नंबरों का एक अनूठा मेल (जैसे: A1B2C3)। यही गहने की असली पहचान और उसकी पूरी कुंडली है।

अपने मोबाइल से मिनटों में ऐसे चेक करें HUID नंबर (Step-by-Step Guide)

अपने खरीदे गए सोने की शुद्धता और उसकी असली कहानी जानने के लिए आपको किसी लैब या दफ्तर के चक्कर काटने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। आप अपने स्मार्टफोन से ही यह काम कर सकते हैं:

  • स्टेप 1: सबसे पहले अपने गहने पर बारीकी से लिखे हुए 6 अंकों के HUID कोड को नोट कर लें।

  • स्टेप 2: अपने मोबाइल (Android या iPhone) में सरकार का आधिकारिक ऐप ‘BIS CARE’ डाउनलोड करें।

  • स्टेप 3: ऐप को खोलने के बाद उसके होमपेज पर दिए गए ‘Verify HUID’ वाले सेक्शन पर क्लिक करें।

  • स्टेप 4: वहां गहने पर लिखा हुआ 6 अंकों का HUID नंबर दर्ज करें और सर्च बटन दबाएं।

सर्च करते ही स्क्रीन पर आएगी पूरी कुंडली:

जैसे ही आप नंबर डालेंगे, आपकी स्क्रीन पर उस ज्वेलर का रजिस्टर्ड नाम, सोने की शुद्धता (कैरेट), हॉलमार्किंग सेंटर का नाम, उसका पता और टेस्टिंग की सही तारीख साफ-साफ आ जाएगी। अगर ऐप में यह जानकारी नहीं दिखती या ज्वेलर का नाम बदल जाता है, तो समझ लीजिए कि आपके साथ धोखाधड़ी हुई है।

काम की बात: सोने के गहने खरीदने में आपकी गाढ़ी कमाई का एक बड़ा हिस्सा खर्च होता है। इसलिए दुकान पर जल्दबाजी करने के बजाय सिर्फ दो मिनट का समय निकालें, अपने मोबाइल से HUID नंबर का मिलान करें और उसके बाद ही पेमेंट करें। यह छोटा सा कदम आपको भविष्य में होने वाले बहुत बड़े आर्थिक नुकसान से हमेशा के लिए बचा सकता है।