
दीपावली और लोक आस्था के महापर्व छठ पूजा के अवसर पर ट्रेनों में घर जाने वाले यात्रियों की भारी भीड़ को नियंत्रित करने और स्टेशनों पर भगदड़ जैसी अप्रिय घटनाओं को रोकने के लिए भारतीय रेलवे ने कड़ा और व्यापक कदम उठाया है। उत्तर रेलवे (Northern Railway) ने दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) के छह सबसे व्यस्त रेलवे स्टेशनों पर प्लेटफॉर्म टिकटों की बिक्री पर 14 नवंबर तक पूरी तरह अस्थायी रोक लगा दी है। इसके साथ ही स्टेशनों पर पार्सल हैंडलिंग और पार्सल बुकिंग गतिविधियों पर भी कड़े प्रतिबंध लागू किए गए हैं।
उत्तर रेलवे प्रशासन का मुख्य उद्देश्य स्टेशनों के मुख्य परिसर और प्लेटफॉर्मों पर केवल वास्तविक रेल यात्रियों की आवाजाही को सुनिश्चित करना है, ताकि यात्रियों को अपनी निर्धारित बोगी तक पहुंचने में अनावश्यक रुकावटों और भीड़भाड़ का सामना न करना पड़े। रेलवे का यह नया सुरक्षा प्रोटोकॉल 3 नवंबर से प्रभावी हो चुका है और 14 नवंबर की मध्यरात्रि तक कड़ाई से लागू रहेगा।
त्योहारी सीजन में उत्तर रेलवे के जिन छह प्रमुख स्टेशनों पर प्लेटफॉर्म टिकट की बिक्री तत्काल प्रभाव से रोकी गई है, उनकी सूची इस प्रकार है:
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नई दिल्ली रेलवे स्टेशन (NDLS)
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पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन / दिल्ली जंक्शन (DLI)
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हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन (NZM)
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आनंद विहार टर्मिनल (ANVT)
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आनंद विहार हॉल्ट
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गाजियाबाद रेलवे स्टेशन (GZB)
रेलवे ने स्पष्ट किया है कि यह रोक केवल स्टेशन के सामान्य फिजिकल टिकट काउंटरों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि स्टेशन परिसर में लगी ऑटोमैटिक टिकट वेंडिंग मशीनों (ATVMs) और रेलवे के मोबाइल ऐप (UTS App) पर भी इन स्टेशनों के लिए प्लेटफॉर्म टिकट जारी करने की सुविधा पूरी तरह ब्लॉक कर दी गई है। इस अवधि के दौरान स्टेशन के प्लेटफॉर्म क्षेत्र में केवल उन्हीं यात्रियों को प्रवेश की अनुमति होगी, जिनके पास यात्रा का वैध और कन्फर्म रेल टिकट मौजूद होगा।
उत्तर रेलवे के अधिकारियों के अनुसार, आम जनता पर पूर्ण प्रतिबंध के बावजूद मानवीय आधार पर कुछ विशेष श्रेणियों के यात्रियों की सहायता के लिए आने वाले परिजनों को इस नियम से रियायत दी गई है। रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और वाणिज्यिक अधिकारियों द्वारा सत्यापन के बाद निम्नलिखित यात्रियों के एक सहयोगी या अटेंडेंट को प्लेटफॉर्म तक जाने की अनुमति प्रदान की जाएगी:
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वरिष्ठ नागरिक (Senior Citizens): 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के बुजुर्ग यात्रियों की सहायता के लिए आने वाले तीमारदार।
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दिव्यांगजन (PwD): शारीरिक रूप से अक्षम अथवा व्हीलचेयर का उपयोग करने वाले यात्रियों के सहयोगी।
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अकेली महिला यात्री: ऐसी महिला यात्री जो छोटे बच्चों के साथ यात्रा कर रही हों अथवा जिन्हें भारी सामान उठाने में मदद की दरकार हो।
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अस्वस्थ या अशिक्षित यात्री: बीमार, दृष्टिबाधित या ऐसे यात्री जो ट्रेन और कोच की स्थिति समझने में असमर्थ हों।
स्टेशन प्रवेश द्वार पर तैनात सुरक्षा बल ऐसे मामलों में जांच के बाद उचित पास या अनुमति जारी करेंगे, ताकि जरूरतमंद यात्रियों को किसी भी तरह की असुविधा न हो।
प्लेटफॉर्मों पर सामान के ढेर और पार्सल ट्रॉलियों के कारण यात्रियों की आवाजाही बाधित न हो, इसके लिए उत्तर रेलवे ने पार्सल सेवाओं पर भी सख्त समयबद्ध पाबंदी लागू की है:
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नई दिल्ली, पुरानी दिल्ली और आनंद विहार टर्मिनल: इन तीनों स्टेशनों पर विभागीय पार्सल बुकिंग 3 नवंबर से 15 नवंबर तक पूरी तरह बंद रहेगी। इसके अलावा सभी प्रकार के लीज्ड पार्सल वैन (Leased SLRs/VPs) और डिमांड वीपी की लोडिंग-अनलोडिंग पर 15 नवंबर तक रोक लागू रहेगी। हालांकि, आनंद विहार टर्मिनल की वाशिंग लाइन और स्टेब्लिंग लाइन से होने वाली पार्सल लोडिंग को इस प्रतिबंध से छूट दी गई है।
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हजरत निजामुद्दीन स्टेशन: निजामुद्दीन स्टेशन पर पार्सल बुकिंग, लोडिंग और अनलोडिंग पर 5 नवंबर से 8 नवंबर तक विशेष रोक निर्धारित की गई है, जबकि वीपी साइडिंग से नियमित संचालन जारी रहेगा।
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व्यक्तिगत लगेज की अनुमति: यात्रियों को अपने साथ कोच में ले जाने वाले अनुमत व्यक्तिगत सामान (Personal Luggage) को ले जाने की पूरी छूट होगी। सार्वजनिक सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए केवल पंजीकृत समाचार पत्रों और पत्रिकाओं की बुकिंग को विशेष अनुमति दी गई है।
यात्रियों के प्रवाह को नियंत्रित करने के लिए नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के अजमेरी गेट साइड (प्लेटफॉर्म 16 के बाहर) एक भव्य ‘परमानेंट पैसेंजर होल्डिंग एरिया’ (Yatri Suvidha Kendra) शुरू किया गया है।
इस विशाल होल्डिंग एरिया में एक समय में लगभग 7,000 से अधिक यात्रियों के बैठने और ठहरने की व्यवस्था की गई है। यात्रियों को प्लेटफॉर्म पर सीधे जाने के बजाय पहले इस होल्डिंग एरिया में रोका जा रहा है। यहां से ट्रेन के प्लेटफॉर्म पर लगने के निश्चित समय के अनुसार ही क्रमबद्ध तरीके से यात्रियों को प्लेटफॉर्म की ओर भेजा जा रहा है, ताकि सीढ़ियों, फुट-ओवर ब्रिज (FOB) और कोच के दरवाजों पर धक्का-मुक्की न हो। इस केंद्र में 150 से अधिक शौचालय, मुफ्त आरओ पेयजल, टिकट और पूछताछ काउंटर, सुरक्षा जांच के लिए बैग स्कैनर तथा आरपीएफ जवानों की अतिरिक्त तैनाती की गई है।
त्योहारी भीड़ को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे ट्रेन छूटने के निर्धारित समय से कम से कम 1 से 1.5 घंटे पहले स्टेशन पहुंचे। अनावश्यक परिजनों को स्टेशन छोड़ने के लिए साथ लाने से बचें। यात्री अपने कोच की स्थिति और ट्रेन के प्लेटफॉर्म नंबर की जानकारी नेशनल ट्रेन इंक्वायरी सिस्टम (NTES) या हेल्पलाइन नंबर 139 के जरिए पहले ही हासिल कर लें, ताकि स्टेशन परिसर में बेवजह की भागदौड़ से बचा जा सके। रेलवे की यह व्यवस्था 14 नवंबर तक छठ पर्व की मुख्य यात्रा संपन्न होने तक अनवरत जारी रहेगी।
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