राजधानी दिल्ली के न्यायिक हलकों में उस वक्त सनसनी फैल गई, जब कड़कड़डूमा कोर्ट में तैनात जज अमन कुमार शर्मा सफदरजंग स्थित अपने सरकारी आवास पर मृत पाए गए। 30 वर्षीय जज अमन शर्मा की मौत के बाद अब उनके परिवार ने बेहद गंभीर और चौंकाने वाले आरोप लगाए हैं। पुलिस के अनुसार, शुरुआती जांच में मामला फंदा लगाकर आत्महत्या का लग रहा है, लेकिन परिवार इसे साधारण खुदकुशी नहीं बल्कि प्रताड़ना का नतीजा बता रहा है।
मौत से पहले पिता को किया था आखिरी कॉल
अमन के पिता प्रेम शर्मा ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि घटना वाली रात करीब 10 बजे अमन ने उन्हें फोन किया था। परिजनों का दावा है कि अमन फोन पर फूट-फूटकर रो रहे थे। उन्होंने अपने पिता से कहा, “मैं बहुत परेशान हूं, मेरे लिए जीना मुश्किल हो गया है। मुझे पिछले दो महीनों से लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है।” इस कॉल के कुछ ही देर बाद अमन की मौत की खबर आई। पुलिस को इस घटना की सूचना अमन के बहनोई शिवम ने दी, जिसके बाद टीम मौके पर पहुंची।
साली और पत्नी के दखल से बढ़ा विवाद?
इस मामले में अब अमन की साली (पत्नी की बहन) की एंट्री से नया मोड़ आ गया है। मृतक के परिजनों का आरोप है कि अमन का अपनी पत्नी के साथ पिछले दो महीनों से विवाद चल रहा था। अमन की पत्नी भी एक न्यायिक अधिकारी हैं। परिवार का दावा है कि अमन के घर के मामलों में उनकी साली, जो जम्मू में तैनात एक आईएएस (IAS) अधिकारी हैं, का अत्यधिक हस्तक्षेप था।
अमन ने कथित तौर पर अपने पिता से कहा था कि घर पर उनकी पत्नी की बहन का पूरा नियंत्रण है और सब कुछ उन्हीं की मर्जी से होता है। इसी मानसिक तनाव और घरेलू कलह के कारण अमन काफी परेशान रहने लगे थे।
झगड़े के बाद बाथरूम में मिली लाश
परिजनों के अनुसार, खुदकुशी से ठीक पहले अमन और उनकी पत्नी के बीच तीखी बहस हुई थी। राजेश शर्मा (मृतक के रिश्तेदार) ने आरोप लगाया कि “रात में कपल के बीच झगड़ा हुआ था, पत्नी बहुत गुस्से में चिल्ला रही थी जबकि अमन रो रहे थे। फिर अचानक सन्नाटा छा गया।” बताया जा रहा है कि इसी विवाद के बाद अमन बाथरूम में गए और कथित तौर पर फांसी लगा ली। जब पिता ने बहू के माता-पिता से संपर्क करना चाहा, तो पता चला कि उनका नंबर पहले ही ब्लॉक किया जा चुका था।
होनहार न्यायिक अधिकारी थे अमन शर्मा
अमन कुमार शर्मा ने पुणे के प्रतिष्ठित सिम्बायोसिस लॉ स्कूल से कानून की पढ़ाई की थी। उन्होंने 19 जून 2021 को दिल्ली न्यायिक सेवा ज्वाइन की थी। अपनी काबिलियत के दम पर 18 अक्टूबर 2025 को उन्होंने कड़कड़डूमा कोर्ट में जिला विधि सेवा प्राधिकरण (DLSA) के पूर्णकालिक सचिव के रूप में कार्यभार संभाला था।
फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और परिजनों के बयानों के आधार पर जांच को आगे बढ़ा रही है। हालांकि पुलिस का कहना है कि अभी तक किसी बाहरी साजिश के सबूत नहीं मिले हैं, लेकिन मानसिक प्रताड़ना और घरेलू विवाद के एंगल से गहन छानबीन की जा रही है।
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