
राजधानी दिल्ली का जंतर-मंतर इलाका आज एक बार फिर अखाड़े में तब्दील हो गया। ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) और विभिन्न छात्र संगठनों द्वारा बिना पुलिस अनुमति के आयोजित ‘संसद मार्च’ (Parliament March / Sansad Chalo) के दौरान जंतर-मंतर पर भारी बवाल और अफरा-तफरी मच गई। संसद के मानसून सत्र के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को ठेंगा दिखाते हुए प्रदर्शनकारियों ने जैसे ही संसद भवन की तरफ बढ़ने के लिए बैरिकेड्स तोड़ने की कोशिश की, पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) ने उन्हें रोक दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच तीखी झड़प हुई। एक रिपोर्टर के नजरिए से देखें तो केंद्रीय दिल्ली में तनाव को देखते हुए इंटरनेट सेवाएं ठप कर दी गई हैं और ऐहतियातन कई मेट्रो स्टेशनों के गेट बंद कर दिए गए हैं।
बैरिकेड्स तोड़े, पुलिस पर पथराव: आंसू गैस के गोले और लाठीचार्ज
जंतर-मंतर पर सुबह से ही हजारों की संख्या में युवा और प्रदर्शनकारी एकत्र होने लगे थे:
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बैरिकेडिंग तोड़ी: दोपहर होते ही भीड़ ने संसद मार्ग की ओर जाने वाले मल्टी-लेयर बैरिकेड्स को उखाड़ फेंका और पुलिस सुरक्षा घेरे को तोड़ने की कोशिश की।
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आंसू गैस का इस्तेमाल: स्थिति हाथ से निकलती देख दिल्ली पुलिस और सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों को खदेड़ने के लिए वॉटर कैनन (पानी की बौछारें), लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले (Tear Gas Shells) छोड़े।
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कई प्रदर्शनकारी हिरासत में: झड़प में कुछ पुलिसकर्मियों और प्रदर्शनकारियों के चोटिल होने की खबर है। पुलिस ने उपद्रव कर रहे दर्जनों प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर पुलिस बसों में भरकर अज्ञात स्थलों पर भेज दिया है।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम: सेंट्रल दिल्ली के कई मेट्रो स्टेशन बंद
बवाल और संसद मार्ग की ओर बढ़ रही भीड़ को नियंत्रित करने के लिए दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) और दिल्ली पुलिस ने त्वरित कदम उठाए हैं:
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मेट्रो स्टेशन बंद: सुरक्षा कारणों से पटेल चौक, केंद्रीय सचिवालय, उद्योग भवन और जनकपुरी/मंडी हाउस के कुछ एंट्री और एग्जिट गेट्स को अस्थायी रूप से यात्रियों के लिए बंद कर दिया गया है।
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ट्रैफिक डायवर्जन और जाम: अशोका रोड, जनपथ, संसद मार्ग और कनेक्टिंग रूट्स पर भारी बैरिकेडिंग के चलते कनॉट प्लेस और लुटियंस दिल्ली में गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे यात्रियों को भारी फजीहत का सामना करना पड़ा।
धारा 163 लागू, पुलिस ने दी सख्त कानूनी कार्रवाई की चेतावनी
नई दिल्ली जिला पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जंतर-मंतर से आगे किसी भी प्रकार के जुलूस या मार्च की कोई अनुमति नहीं दी गई थी:
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बीएनएसएस धारा 163 (पुराना 144): लुटियंस दिल्ली और संसद भवन के आसपास 5 या उससे अधिक लोगों के एक साथ एकत्र होने या मार्च निकालने पर पूर्ण प्रतिबंध लागू है।
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कानूनी कार्रवाई: बिना अनुमति कानून-व्यवस्था को हाथ में लेने, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप में बीएनएस (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
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