
उत्तर प्रदेश के स्कूलों में गर्मी की छुट्टियां (Summer Vacations) शुरू होते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के स्कूली बच्चों, उनके माता-पिता और अभिभावकों के नाम एक बेहद संवेदनशील और प्रेरणादायक पत्र लिखा है। इस विशेष पत्र के जरिए मुख्यमंत्री ने जहां एक तरफ बच्चों को छुट्टियों का सही और रचनात्मक सदुपयोग करने के टिप्स दिए हैं, वहीं दूसरी तरफ अभिभावकों से बच्चों को आज के डिजिटल युग में मोबाइल-स्क्रीन से दूर रखकर अपनी जड़ों, संस्कारों और प्रकृति से जोड़ने की एक भावुक अपील की है।
सीएम योगी ने पत्र में साफ कहा है कि बच्चों के संपूर्ण व्यक्तित्व विकास के लिए उन्हें किताबी ज्ञान के साथ-साथ पारिवारिक मूल्यों और लोक परंपराओं का ज्ञान होना भी बेहद जरूरी है। आइए जानते हैं सीएम योगी के इस पत्र की 5 सबसे बड़ी और मुख्य बातें:
1. “ननिहाल और ददिहाल अवश्य ले जाएं” मोबाइल से दूरी जरूरी
आज के दौर में बच्चे दिनभर मोबाइल, गेमिंग और सोशल मीडिया स्क्रीन से चिपके रहते हैं, जिससे उनका बचपन प्रभावित हो रहा है। इस पर चिंता जताते हुए सीएम योगी ने अभिभावकों से एक खास आग्रह किया है:
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उन्होंने लिखा, “हममें से अधिकतर लोगों ने अपने बचपन में दादा-दादी और नाना-नानी से कहानियां सुनी होंगी। आज के बच्चे इन अनमोल अनुभवों से दूर होते जा रहे हैं। मेरा आपसे आग्रह है कि इन छुट्टियों में बच्चों को उनके नानी और दादी के घर जरूर लेकर जाएं।”
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सीएम का मानना है कि परिवार के बुजुर्गों के साथ वक्त बिताने से बच्चे अपने पारिवारिक मूल्यों, रिश्तों की अहमियत और लोक परंपराओं को करीब से समझ सकेंगे।
2. “जिस वृक्ष की जड़ें मजबूत होती हैं, वही दीर्घजीवी होता है”
मुख्यमंत्री ने बच्चों को प्रकृति और पर्यावरण के प्रति संवेदनशील बनाने पर विशेष जोर दिया। मिट्टी, पानी और पेड़ों के महत्व को समझाते हुए उन्होंने एक बेहद मार्मिक बात लिखी:
सीएम योगी ने लिखा: “याद रखिए, जिस वृक्ष की जड़ें मजबूत होती हैं, वही सबसे अधिक फलदायी एवं दीर्घजीवी होता है। हमारी संस्कृति और सनातन संस्कार भी हमारे बच्चों के लिए वैसी ही जड़ें हैं।” उन्होंने माता-पिता से कहा कि वे बच्चों से इस गर्मी में पौधे लगवाएं और उन्हें नियमित रूप से पानी देने व देखभाल करने की जिम्मेदारी सौंपें।
सीएम योगी के पत्र के मुख्य बिंदु और उनका उद्देश्य
3. छुट्टियों को बनाएं ‘प्लास्टिक-मुक्त’ (Plastic-Free Vacation)
इस पत्र के माध्यम से मुख्यमंत्री ने पर्यावरण संरक्षण को लेकर सिंगल-यूज प्लास्टिक के खिलाफ एक बड़ा संदेश दिया है। उन्होंने बच्चों और अभिभावकों से अपील की है कि वे इन छुट्टियों में कहीं भी यात्रा या पिकनिक पर जाएं, तो अपने साथ केवल कपड़े या जूट के थैले ही रखें। प्लास्टिक का कचरा इधर-उधर न फैलाएं। सीएम ने कहा कि बच्चों के ये छोटे-छोटे नागरिक प्रयास ही भविष्य में बड़े और सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन का आधार बनेंगे।
4. नई हॉबीज और स्किल्स विकसित करने का सही समय
बच्चों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने लिखा, “मेरे प्यारे बच्चों, गर्मी की छुट्टियां आप सभी के लिए आनंद, उत्साह और नए शोध का समय लेकर आती हैं।” उन्होंने युवाओं और किशोरों को प्रेरित किया कि वे स्कूल की व्यस्त दिनचर्या से मिली इस राहत का उपयोग अपनी छिपी हुई रुचियों (Hobbies) को पहचानने में करें। उन्होंने छुट्टियों में कोई नई भाषा सीखने, अच्छी किताबों से दोस्ती करने, चित्रकारी (Painting), बागवानी (Gardening), फोटोग्राफी, कुकिंग या संगीत जैसी रचनात्मक गतिविधियों से जुड़ने का आह्वान किया।
5. यूपी के इन प्राकृतिक पर्यटन स्थलों की करें सैर
सीएम योगी ने अभिभावकों को सुझाव दिया कि वे बच्चों की इन छुट्टियों और यात्राओं को हमेशा के लिए यादगार बनाने के लिए उन्हें उत्तर प्रदेश के प्रमुख इको-टूरिज्म और प्राकृतिक स्थलों पर लेकर जाएं। उन्होंने विशेष रूप से दुधवा राष्ट्रीय उद्यान (Dudhwa National Park), चूका बीच (Chuka Beach) और कतरनिया घाट वन्यजीव विहार (Katarniaghat Wildlife Sanctuary) जैसी खूबसूरत जगहों पर ले जाने की सलाह दी, ताकि बच्चे वन्यजीव विविधता को करीब से देख और समझ सकें।
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