
केंद्र सरकार के अधीन काम करने वाले लाखों कर्मचारियों और देश के प्रशासनिक हलकों से इस समय एक बहुत बड़ी और कड़क खबर सामने आ रही है। इस्लाम धर्म के सबसे मुकद्दस और बड़े त्योहारों में से एक ईद-उल-अजहा (बकरीद) के पावन अवसर पर मिलने वाली आधिकारिक सरकारी छुट्टी (Official Gazetted Holiday) के संबंध में भारत सरकार ने एक महत्वपूर्ण और बड़ा संशोधन किया है। यदि आप भी केंद्र सरकार के किसी मंत्रालय, विभाग या कार्यालय में कार्यरत हैं, तो कृपया प्रशासनिक फेरबदल और कैलेंडर के इस नए बदलाव को बेहद ध्यानपूर्वक नोट कर लें। सरकार ने अपनी पुरानी सूची में संशोधन करते हुए अब बकरीद की छुट्टी के लिए एक नई तारीख की घोषणा कर दी है।
27 मई के बजाय अब 28 मई को बंद रहेंगे सभी केंद्रीय कार्यालय
प्रसिद्ध समाचार एजेंसी पीटीआई (PTI) की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, भारत सरकार के कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय (Ministry of Personnel) के अंतर्गत आने वाले कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) ने इस संबंध में एक आधिकारिक अधिसूचना और राजपत्र जारी किया है। इस नए प्रशासनिक आदेश के अनुसार, देश भर के सभी केंद्रीय सरकारी कार्यालयों और प्रशासनिक प्रतिष्ठानों के लिए पूर्व निर्धारित ईद-उल-अजहा (बकरीद) की छुट्टी को अब आगे बढ़ा दिया गया है। पहले के सरकारी कैलेंडर में यह छुट्टी 27 मई 2026 को निर्धारित की गई थी, लेकिन अब बदले हुए नियमों के तहत इसे संशोधित कर 28 मई 2026 (गुरुवार) कर दिया गया है।
आखिर क्यों बदली गई आधिकारिक छुट्टी की तारीख? जानिए मुख्य वजह
बकरीद की राजपत्रित छुट्टी की तिथि में किया गया यह बड़ा परिवर्तन पूरी तरह से पारंपरिक और स्थानीय स्तर पर होने वाले चंद्रमा के दर्शन (Moon Sighting) के वैज्ञानिक व धार्मिक नियमों के आधार पर तय किया गया है। चूंकि संपूर्ण इस्लामिक कैलेंडर और उसके त्योहार पूरी तरह से चंद्र पंचांग की गणना पर आधारित होते हैं, इसलिए किसी भी त्योहार की सटीक और जमीनी तारीख पूरी तरह इस बात पर निर्भर करती है कि आसमान में नया चांद किस दिन नजर आता है।
इस विषय पर राजधानी दिल्ली की ऐतिहासिक जामा मस्जिद के शाही इमाम ने भी देशव्यापी आधिकारिक घोषणा जारी कर दी है। शाही इमाम की धार्मिक पुष्टि के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और देश के मुख्य हिस्सों में बकरीद का पवित्र त्योहार पूरे उल्लास के साथ 28 मई को ही मनाया जाएगा। इसी धार्मिक निर्णय और देश के मुस्लिम समाज की सहूलियत के मद्देनजर केंद्र सरकार के कार्मिक मंत्रालय ने भी अवकाश की तारीख को एक दिन आगे खिसकाने का उचित फैसला लिया।
17 मई को नहीं दिखा था ‘धुल हिज्जा’ का चांद
देश के प्रमुख मुस्लिम धर्मगुरुओं, काजियों और हिलाल कमेटियों ने तकनीकी जानकारी साझा करते हुए बताया था कि आगामी पवित्र इस्लामी महीने ‘धुल हिज्जा’ (Dhul Hijjah) की शुरुआत का प्रतीक माना जाने वाला अर्धचंद्र (Crescent Moon) बीते 17 मई की शाम को देश के अधिकांश और मुख्य भौगोलिक हिस्सों में कहीं भी नजर नहीं आया।
इस्लामिक कैलेंडर के कड़े नियमों के अनुसार, चांद के दिखाई न देने के कारण इस नए महीने की शुरुआत एक दिन की देरी से तय हुई। इसी के परिणामस्वरूप बकरीद के त्योहार की गणना को भी आगे स्थगित करना पड़ा। इसी जमीनी और धार्मिक हकीकत को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने तुरंत अपने प्रशासनिक रुख में बदलाव किया, ताकि सरकारी कर्मचारियों को त्योहार मनाने और धार्मिक दायित्वों को पूरा करने में किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
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