CBSE Result Controversy: ऑन-स्क्रीन चेकिंग में बड़ी लापरवाही आपस में बदल गईं छात्रों की कॉपियां

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली में एक बड़ा विवाद सामने आया है। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, डिजिटल मूल्यांकन प्रक्रिया के दौरान उत्तर पुस्तिकाओं की अदला-बदली के करीब 20 मामले पकड़े गए हैं। इतना ही नहीं, तकनीकी खामियों के चलते लगभग 13 हजार उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन पारंपरिक यानी मैन्युअल (हाथ से) तरीके से करना पड़ा है।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस बार कुल 98 लाख उत्तर पुस्तिकाओं का डिजिटलाइजेशन किया जा रहा था, जिनमें से करीब 68,000 कॉपियों में स्कैनिंग के वक्त क्वालिटी से जुड़ी दिक्कतें आईं। इन्हें दोबारा स्कैन तो किया गया, लेकिन इसके बावजूद 13,000 से अधिक कॉपियों में जरूरी स्पष्टता नहीं मिल सकी। इस बड़ी गड़बड़ी के बाद अब आईटी टीमें सिस्टम के कोड और पूरे नेटवर्क की बारीकी से जांच कर रही हैं ताकि भविष्य में इसे पूरी तरह त्रुटिरहित बनाया जा सके।

छात्रों ने खुद पकड़ी बोर्ड की ये बड़ी चूक

इस तकनीकी गड़बड़ी का खुलासा तब हुआ जब छात्रों ने अपने पोर्टल पर अपलोड की गई स्कैन कॉपियों को देखा। कई छात्रों ने शिकायत दर्ज कराई कि उन्हें जो उत्तर पुस्तिकाएं दिखाई जा रही हैं, वे उनकी हैं ही नहीं। उदाहरण के तौर पर, ‘वेदांत’ नाम के एक छात्र को जब अपनी आंसर शीट मिली, तो वह दंग रह गया क्योंकि वह कॉपी किसी और की थी। स्कैनिंग में हुई इस भारी चूक के बाद अब हड़कंप मच गया है।

1 जून से शुरू हो रहा है 12वीं का री-इवैल्यूएशन

इस साल ओएसएम (OSM) सिस्टम में आए विवाद को देखते हुए अनुमान लगाया जा रहा है कि लाखों छात्र पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन कर सकते हैं। अब तक 4 लाख से अधिक छात्र अपनी स्कैन आंसर शीट के लिए पहले ही अप्लाई कर चुके हैं। सीबीएसई 12वीं के छात्र 1 जून से री-इवैल्यूएशन और आंसर शीट की स्कैन कॉपी के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे।

फिलहाल यह पूरी तरह साफ नहीं है कि री-इवैल्यूएशन की यह प्रक्रिया दोबारा ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम से होगी या फिर बोर्ड कॉपियों की मैन्युअल चेकिंग कराएगा। कॉपियों की अदला-बदली के मामलों को देखते हुए बोर्ड इसे हाथ से चेक करने का फैसला ले सकता है।

री-इवैल्यूएशन के कड़े नियम और फीस का गणित

सीबीएसई ने इस पूरी प्रक्रिया को दो चरणों में बांटा है। पहले चरण में छात्रों को उनकी आंसर शीट की स्कैन कॉपी मुहैया कराई गई है। अब दूसरे चरण में छात्र अंकों के वेरिफिकेशन या फिर विशिष्ट उत्तरों के पुनर्मूल्यांकन के लिए दावा ठोक सकते हैं। इसके लिए नियम और फीस इस प्रकार हैं:

  • मार्क्स वेरिफिकेशन फीस: यदि छात्र सिर्फ अपने अंकों की दोबारा गणना कराना चाहते हैं, तो उन्हें 100 रुपये फीस देनी होगी।

  • प्रति प्रश्न फीस: यदि कोई छात्र अपने किसी खास उत्तर की दोबारा जांच कराना चाहता है, तो उसे 25 रुपये प्रति प्रश्न के हिसाब से भुगतान करना होगा।

  • फीस रिफंड पॉलिसी: अगर री-चेकिंग के बाद छात्र का एक नंबर भी बढ़ता है, तो बोर्ड इस पूरी प्रक्रिया की फीस छात्र को वापस (रिफंड) कर देगा।

  • नंबर घटने का जोखिम: छात्रों को यह ध्यान रखना होगा कि री-चेकिंग में नंबर बढ़ भी सकते हैं और कम भी हो सकते हैं। अगर किसी गलती को सुधारने के दौरान छात्र के नंबर कम पाए जाते हैं, तो फाइनल मार्कशीट में नंबर घटा दिए जाएंगे।

CBSE 12वीं री-इवैल्यूएशन के लिए ऐसे करें ऑनलाइन आवेदन

केवल वही छात्र इस प्रक्रिया के लिए पात्र हैं, जिन्होंने पहले चरण में अपनी आंसर बुक की फोटोकॉपी या स्कैन कॉपी के लिए सफलतापूर्वक आवेदन किया था। आवेदन करने के स्टेप्स नीचे दिए गए हैं:

  1. सबसे पहले सीबीएसई की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।

  2. होमपेज पर दिए गए ‘Post Result Services’ या ‘Verification & Re-evaluation’ लिंक पर क्लिक करें।

  3. अपना रोल नंबर और एडमिट कार्ड ID दर्ज करके लॉग इन करें।

  4. इसके बाद अपनी जरूरत के अनुसार विकल्प चुनें: अंकों का वेरिफिकेशन, री-इवैल्यूएशन या फिर दोनों

  5. यदि आप री-इवैल्यूएशन चुन रहे हैं, तो उन विशिष्ट प्रश्न संख्याओं (Question Numbers) को सेलेक्ट करें जिनकी आप समीक्षा कराना चाहते हैं।

  6. निर्धारित शुल्क का ऑनलाइन माध्यम से भुगतान करें और फॉर्म सबमिट कर दें।

  7. भविष्य के संदर्भ के लिए कंफर्मेशन पेज को डाउनलोड करके सुरक्षित रख लें।