
भारतीय शेयर बाजार में निवेश करने वाले और पैसिव इनकम या लॉन्ग-टर्म रिटर्न की उम्मीद रखने वाले निवेशकों के लिए एक बेहद शानदार और उत्साहजनक खबर सामने आ रही है। शेयर बाजार में कारोबार बंद होने के बाद दो जानी-मानी दिग्गज कंपनियों ने अपने निवेशकों को मालामाल करने के लिए बोनस शेयर (Bonus Share) और स्टॉक स्प्लिट (Stock Split) से जुड़े बड़े और अहम ऐलान किए हैं। इनमें से एक कंपनी ने अपने शेयरधारकों के लिए 1:1 के अनुपात में फ्री बोनस शेयर देने के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी है, जिसका मतलब है कि हर एक शेयर पर निवेशकों को एक शेयर बिल्कुल मुफ्त मिलेगा। वहीं, दूसरी दिग्गज कंपनी इसी हफ्ते होने वाली अपनी बोर्ड बैठक में बोनस के साथ-साथ स्टॉक स्प्लिट पर भी बड़ा फैसला लेने जा रही है। पिछले कारोबारी सत्र में दोनों ही कंपनियों के शेयर हरे निशान में और बढ़त के साथ बंद हुए हैं, जिससे निवेशकों का उत्साह सातवें आसमान पर है। आइए विस्तार से जानते हैं कि इन दोनों कंपनियों की पूरी योजना क्या है और निवेशकों को इसका कितना फायदा मिल सकता है।
च्वाइस इंटरनेशनल का बड़ा ऐलान: हर एक शेयर पर मिलेगा 1 मुफ्त बोनस शेयर, ऑथराइज्ड कैपिटल बढ़ाने की भी तैयारी
बीएसई 500 (BSE 500) समूह का हिस्सा और शेयर बाजार में अपनी मजबूत स्थिति रखने वाली प्रमुख कंपनी च्वाइस इंटरनेशनल (Choice International) ने अपने निवेशकों को दिवाली के बाद एक बड़ा तोहफा देने का ऐलान किया है। कंपनी ने सोमवार, 2 नवंबर को बाजार बंद होने के बाद आयोजित अपनी महत्वपूर्ण बोर्ड बैठक में 1:1 के अनुपात में बोनस इश्यू के प्रस्ताव को औपचारिक रूप से मंजूरी दे दी है।
इस शानदार कॉरपोरेट एक्शन के तहत, कंपनी के शेयरधारकों को आने वाले समय में तय की जाने वाली रिकॉर्ड डेट (Record Date) पर उनके डीमैट खाते में मौजूद प्रत्येक एक इक्विटी शेयर के बदले एक अतिरिक्त शेयर बिल्कुल मुफ्त दिया जाएगा। हालांकि, कंपनी के इस प्रस्ताव पर अभी शेयरधारकों की अंतिम मंजूरी मिलना बाकी है। हालांकि प्रबंधन ने अभी बोनस शेयर के लिए आधिकारिक रिकॉर्ड डेट का ऐलान नहीं किया है, लेकिन कंपनी का अनुमान है कि बोर्ड की इस मंजूरी की तारीख से लेकर अगले दो महीनों के भीतर बोनस शेयर निवेशकों के खातों में सफलतापूर्वक क्रेडिट या डिस्पैच कर दिए जाएंगे।
अधिकृत शेयर पूंजी में भारी बढ़ोतरी और शेयर का हाल
बोनस शेयरों के इस बड़े वितरण को सुचारू रूप से पूरा करने के लिए च्वाइस इंटरनेशनल ने अपनी अधिकृत शेयर पूंजी (Authorized Share Capital) को भी बढ़ाने का बड़ा प्रस्ताव रखा है। कंपनी अपनी अधिकृत पूंजी को वर्तमान 225 करोड़ रुपये से भारी भरकम बढ़ाकर 447.80 करोड़ रुपये करने की योजना पर काम कर रही है। इसके तहत अधिकृत इक्विटी शेयरों की कुल संख्या को भी 22.50 करोड़ से बढ़ाकर सीधे 44.78 करोड़ किया जाएगा। यह पूरा बदलाव बोनस इश्यू के नियमों और कंपनी के मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन (MoA) में आवश्यक संशोधन के तहत प्रस्तावित किया गया है। निवेशकों के बीच इस खबर को लेकर जबरदस्त क्रेज देखा जा रहा है, और पिछले सत्र में यह स्टॉक लगभग 4 प्रतिशत की जोरदार तेजी के साथ 750 रुपये के स्तर पर बंद हुआ था।
बॉश लिमिटेड का निवेशकों को तोहफा: 6 नवंबर को होगी बोर्ड बैठक, बोनस और स्टॉक स्प्लिट दोनों पर होगा फैसला
दूसरी तरफ, शेयर बाजार की एक अन्य प्रतिष्ठित और भारी भरकम शेयर मूल्य वाली दिग्गज कंपनी बॉश लिमिटेड (Bosch Ltd) ने भी अपने निवेशकों के लिए बड़ी घोषणा की है। बीएसई 200 (BSE 200) इंडेक्स में शामिल इस ऑटो कंपोनेंट दिग्गज ने जानकारी दी है कि उसका निदेशक मंडल (Board of Directors) आगामी 6 नवंबर 2026 को होने वाली एक अहम बैठक में बोनस शेयर जारी करने के प्रस्ताव पर विचार करेगा और उसे मंजूरी दे सकता है।
इस बैठक का सबसे बड़ा आकर्षण यह है कि कंपनी केवल बोनस शेयर पर ही नहीं, बल्कि अपने 10 रुपये फेस वैल्यू वाले मौजूदा इक्विटी शेयरों के सब-डिवीजन यानी स्टॉक स्प्लिट (Stock Split) के प्रस्ताव पर भी गंभीरता से विचार करेगी। बॉश लिमिटेड जैसा महंगा शेयर जब स्प्लिट या बोनस के दायरे में आता है, तो छोटे रिटेल निवेशकों के लिए इसमें निवेश करना बेहद आसान हो जाता है। कंपनी के ये दोनों ही प्रस्ताव शेयरधारकों की मंजूरी और लागू होने वाले तमाम नियामकीय प्रावधानों (Regulatory Provisions) के अधीन होंगे। पिछले कारोबारी सत्र में बॉश लिमिटेड का स्टॉक करीब 2 प्रतिशत की बढ़त के साथ 47,897 रुपये के ऊंचे स्तर पर बंद हुआ था।
कंपनियां क्यों करती हैं बोनस शेयर और स्टॉक स्प्लिट का ऐलान? बाजार पर इसका क्या असर पड़ता है
अक्सर नए निवेशकों के मन में यह सवाल आता है कि आखिर कंपनियां अपने मुनाफे को इस तरह बोनस शेयरों या स्टॉक स्प्लिट के जरिए क्यों बांटती हैं? इसके पीछे का मुख्य उद्देश्य शेयर बाजार में ट्रेड होने वाले शेयरों की तरलता (Liquidity) और संख्या को बढ़ाना होता है।
जब कोई कंपनी बोनस शेयर या स्टॉक स्प्लिट का ऐलान करती है, तो मार्केट में शेयरों की कुल संख्या बढ़ जाती है, जिससे वह स्टॉक अधिक से अधिक रिटेल और छोटे निवेशकों के खरीद दायरे (Affordable Range) में आ जाता है। शेयरों की संख्या बढ़ने के बावजूद जब कंपनी का कुल बाजार मूल्य स्थिर रहता है, तो हर एक शेयर का भाव आनुपातिक रूप से नीचे आ जाता है, जिससे पहले की तुलना में ज्यादा निवेशक उस काउंटर में आसानी से सौदे कर पाते हैं। बाजार में लिक्विडिटी बढ़ने से मौजूदा निवेशकों को अपने शेयर बेचने या खरीदने में भारी सहूलियत मिलती है, और वॉल्यूम बढ़ने का सकारात्मक असर अंततः कंपनी के शेयर भाव और बाजार की धारणा पर भी देखने को मिलता है।
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