बंगाल में बड़ा खेला शुरूCM शुभेंदु अधिकारी का हुंकार- BJP कार्यकर्ताओं पर हुए हमलों का पाई-पाई हिसाब होगा

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में प्रचंड जीत दर्ज कर सूबे के मुख्यमंत्री बने शुभेंदु अधिकारी अब पूरी तरह से ऐक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। मुख्यमंत्री की कुर्सी संभालने के बाद पहली बार रविवार को अपने राजनीतिक गढ़ नंदीग्राम पहुंचे शुभेंदु अधिकारी ने विपक्ष को कड़ा संदेश दिया है। उन्होंने साफ कर दिया है कि साल 2021 के चुनाव के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कार्यकर्ताओं और समर्थकों पर हुए कथित हमलों को बख्शा नहीं जाएगा और इसकी पूरी कानूनी जांच कराई जाएगी। हालांकि, इसके साथ ही उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं को संयम बरतने और कानून हाथ में न लेने की सख्त हिदायत भी दी है।

हमलों की एक-एक डायरी तैयार, दोषियों को मिलेगा कानूनी सबक

नंदीग्राम में उमड़े जनसैलाब को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने भावुक और कड़े तेवर दिखाए। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस (TMC) का नाम लिए बिना कहा कि बीजेपी ने अपने कार्यकर्ताओं पर हुए हर एक जुल्म का पूरा रिकॉर्ड संभाल कर रखा है। 2021 के विधानसभा चुनाव के बाद जिस तरह हमारे कार्यकर्ताओं के घर तोड़े गए, कई निर्दोष समर्थकों को मौत के घाट उतार दिया गया, उन सब का पूरा हिसाब रखा गया है। अब समय आ गया है कि हर पीड़ित परिवार को कानून के दायरे में रहकर न्याय दिलाया जाए।

‘ईंट का जवाब पत्थर से नहीं देना’– कार्यकर्ताओं को दी नसीहत

अपने आक्रामक अंदाज के लिए जाने जाने वाले शुभेंदु अधिकारी ने इस दौरान कार्यकर्ताओं को मर्यादा में रहने की सीख भी दी। उन्होंने कहा, “अगर आप चाहें तो विरोधी दल के कार्यकर्ताओं के घरों की ईंटें तक खींच सकते हैं, लेकिन हमें ऐसा बिल्कुल नहीं करना है। बीजेपी इस तरह की हिंसक राजनीति और बदले की भावना को बढ़ावा नहीं देती है।” भावुक होते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके लिए वोट मांगने की वजह से कई लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। वह नंदीग्राम की जनता का यह कर्ज कभी नहीं भूलेंगे और इसका पूरा बदला कानूनी तौर पर लेकर रहेंगे।

भवानीपुर जाने से नहीं टूटेगा नंदीग्राम से नाता, बताया अपना ‘घर’

2026 के इस ऐतिहासिक चुनाव में शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम और भवानीपुर दोनों ही हाई-प्रोफाइल सीटों से चुनाव लड़ा था और दोनों ही जगह शानदार जीत दर्ज की थी। मुख्यमंत्री बनने के बाद संवैधानिक नियमों के तहत उन्होंने नंदीग्राम सीट खाली कर दी है, जिससे उनके समर्थकों में थोड़ी निराशा थी। इस चिंता को दूर करते हुए सीएम ने कहा कि नंदीग्राम सिर्फ एक निर्वाचन क्षेत्र नहीं, बल्कि उनका घर और उनके राजनीतिक उत्थान की जन्मस्थली है। साल 2003 के संघर्ष के दिनों से जो रिश्ता यहां की जनता के साथ बना है, वह भवानीपुर जाने के बाद भी उतना ही मजबूत रहेगा।

छोटे भाई सोमेंदु अधिकारी को सौंपी नंदीग्राम की कमान

पूरे पश्चिम बंगाल की जिम्मेदारी संभालने के कारण शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम की जनता की सेवा के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। उन्होंने मंच से घोषणा की कि उनके छोटे भाई सोमेंदु अधिकारी अब नंदीग्राम के मामलों की देखरेख करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा, “फिलहाल मेरे ऊपर पूरे राज्य की सरकार चलाने का बड़ा दबाव है। इसलिए मैंने सोमेंदु अधिकारी को यह विशेष जिम्मेदारी सौंपी है। नंदीग्राम में पंचायत, स्थानीय प्रशासन और जनता की सेवा से जुड़े हर मामले में क्षेत्र के पांच अन्य विधायक उनकी पूरी मदद करेंगे।”