
डिफेंस सेक्टर (Aerospace & Defence Industry) की दिग्गज स्मॉलकैप कंपनी अपोलो माइक्रो सिस्टम्स (Apollo Micro Systems) के शेयर इन दिनों शेयर बाजार में रॉकेट की रफ्तार से दौड़ रहे हैं। वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही (Q4) के शानदार नतीजों का असर सोमवार यानी 25 मई 2026 को कंपनी के शेयरों पर साफ देखने को मिला। दमदार मुनाफे की बदौलत सोमवार को बीएसई (BSE) में कंपनी का शेयर 12 फीसदी से अधिक के उछाल के साथ ₹398.40 के नए रिकॉर्ड स्तर पर जा पहुंचा। यह इसका 52 हफ्ते का नया हाई लेवल भी है।
पिछले कुछ समय से डिफेंस सेक्टर की कंपनियों पर निवेशकों का भरोसा लगातार बढ़ा है, लेकिन अपोलो माइक्रो सिस्टम्स ने रिटर्न के मामले में सबको पीछे छोड़ दिया है।
रिटर्न का रिपोर्ट कार्ड: 5 साल में ₹11 से ₹398 के पार
अपोलो माइक्रो सिस्टम्स के शेयरों ने लंबी और शॉर्ट टर्म दोनों अवधियों में अपने निवेशकों को मालामाल किया है। आइए नजर डालते हैं इसके रिटर्न के आंकड़ों पर:
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1 महीना: पिछले एक महीने में ही शेयर ने करीब 32% की शानदार तेजी दिखाई है।
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1 साल (YTD): इस साल 2026 में अब तक कंपनी का शेयर 44% तक चढ़ चुका है। 26 मई 2025 को शेयर की कीमत ₹138.80 थी, जो अब ₹398.40 हो गई है यानी एक साल में 187% का रिटर्न।
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3 साल: पिछले 3 सालों में इस डिफेंस शेयर ने निवेशकों को 1030% का तगड़ा रिटर्न दिया है।
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5 साल (मल्टीबैगर रिटर्न): पिछले 5 साल में कंपनी के शेयर 3500% से अधिक उछल चुके हैं। 28 मई 2021 को इस शेयर की कीमत महज ₹11.02 थी, जो आज ₹398.40 के स्तर को छू चुकी है।
अपोलो माइक्रो सिस्टम्स का परफॉर्मेंस (Q4 FY26)
क्यों आई शेयरों में इतनी बड़ी तेजी?
इस तूफानी तेजी के पीछे कंपनी के मजबूत वित्तीय नतीजे (Financial Results) हैं। मार्च 2026 को समाप्त हुई चौथी तिमाही में कंपनी का कंसॉलिडेटेड शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 163 प्रतिशत बढ़कर ₹36.8 करोड़ रहा है। वहीं, इस तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू भी 81 फीसदी की छलांग लगाकर ₹293.3 करोड़ पर पहुंच गया है। अगर पूरे वित्त वर्ष 2026 (Full FY26) की बात करें, तो कंपनी का कुल मुनाफा 90% की ग्रोथ के साथ ₹107.4 करोड़ रहा है, जिसने निवेशकों को खरीदारी के लिए प्रोत्साहित किया।
10 टुकड़ों में बंट चुका है यह शेयर (Stock Split)
नए निवेशकों के लिए यह जानना भी जरूरी है कि अपोलो माइक्रो सिस्टम्स अपने शेयरों का बंटवारा (Stock Split) भी कर चुकी है। मई 2023 में कंपनी ने लिक्विडिटी बढ़ाने के लिए ₹10 की फेस वैल्यू वाले अपने एक शेयर को 1-1 रुपये की फेस वैल्यू वाले 10 शेयरों में स्प्लिट कर दिया था।
शेयरहोल्डिंग पैटर्न: मार्च तिमाही के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, कंपनी में प्रमोटर्स की हिस्सेदारी 52.41 फीसदी बनी हुई है, जबकि बाकी बची 47.59 फीसदी हिस्सेदारी पब्लिक शेयरहोल्डर्स (आम जनता और संस्थागत निवेशकों) के पास है।
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