CBSE का बड़ा फैसला: अब केवल पढ़ाई नहीं, छात्रों का करियर भी संवारेगा स्कूल

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने स्कूलों की पारंपरिक भूमिका को पूरी तरह बदलते हुए एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। बोर्ड के नए सर्कुलर (8 मई 2026) के अनुसार, अब स्कूलों की जिम्मेदारी केवल पाठ्यक्रम पूरा कराने और परीक्षा लेने तक सीमित नहीं रहेगी। अब हर सीबीएसई स्कूल को अपने छात्रों के लिए एक ‘करियर गाइड’ की भूमिका निभानी होगी। नई शिक्षा नीति 2020 (NEP) के तहत, बोर्ड ने अब स्कूलों में करियर अवेयरनेस प्रोग्राम और इंटर्नशिप की जानकारी देना अनिवार्य कर दिया है।

12वीं के बाद क्या? अब स्कूल ही बताएगा सही रास्ता

अक्सर छात्र और अभिभावक इस बात को लेकर उलझन में रहते हैं कि बोर्ड परीक्षा के बाद कौन सा करियर विकल्प बेहतर है। सीबीएसई ने अब स्कूलों के प्रिंसिपल्स और काउंसलर्स के लिए ‘एंट्रेंस एग्जाम और करियर पाथवे अवेयरनेस प्रोग्राम’ आयोजित करने का निर्देश दिया है। इसका मुख्य उद्देश्य छात्रों को जेईई (JEE) और नीट (NEET) जैसे पारंपरिक विकल्पों के अलावा देश-विदेश में उपलब्ध छात्रवृत्ति (Scholarships), इंटर्नशिप और उभरते हुए नए क्षेत्रों के बारे में समय रहते जागरूक करना है।

स्कूलों में काउंसलर्स की नियुक्ति अब अनिवार्य

सीबीएसई के नए दिशा-निर्देशों के मुताबिक, अब स्कूलों में करियर और वेलनेस काउंसलर्स की नियुक्ति वैकल्पिक नहीं बल्कि अनिवार्य (Mandatory) होगी। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि:

  • कक्षा 9 से 12 तक के हर 500 छात्रों पर एक करियर काउंसलर होना जरूरी है।

  • छोटे स्कूलों के लिए ‘हब एंड स्पोक’ मॉडल अपनाया जाएगा, जहां बड़े स्कूल अपने संसाधनों को छोटे स्कूलों के साथ साझा करेंगे।

  • काउंसलर्स के लिए 50 घंटे का विशेष ट्रेनिंग प्रोग्राम (CBP) पूरा करना अनिवार्य होगा।

सिर्फ परीक्षा नहीं, मानसिक स्वास्थ्य और स्किल पर भी जोर

बोर्ड का मानना है कि अत्यधिक अकादमिक दबाव छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा असर डालता है। इसीलिए, अब स्कूलों को न केवल करियर गाइडेंस देनी होगी, बल्कि छात्रों के मनोवैज्ञानिक स्वास्थ्य (Socio-Emotional Learning) पर भी ध्यान देना होगा। नए सत्र 2026-27 से स्कूलों को छात्रों के वेलबीइंग का सालाना रिकॉर्ड रखना होगा और पैरेंट्स के लिए भी अवेयरनेस सेशन आयोजित करने होंगे ताकि वे बच्चों पर नंबरों का बेवजह दबाव न बनाएं।

प्रवेश परीक्षाओं की मिलेगी सटीक जानकारी

इस पहल से सबसे बड़ा फायदा उन छात्रों को होगा जो प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। अब स्कूलों में ही विशेषज्ञों द्वारा विभिन्न प्रवेश परीक्षाओं के फॉर्म भरने से लेकर उनकी तैयारी और करियर स्कोप तक की विस्तृत जानकारी दी जाएगी। इसके लिए बोर्ड ने जम्मू समेत कई क्षेत्रों में ओरिएंटेशन प्रोग्राम भी शुरू कर दिए हैं, जिससे प्रिंसिपल्स और शिक्षकों को आधुनिक करियर टूल्स से लैस किया जा सके।