
अंतरिक्ष की रेस में एलन मस्क (Elon Musk) की कंपनी स्पेसएक्स (SpaceX) को कड़ी चुनौती देने की तैयारी में जुटे दुनिया के दिग्गज अरबपति जेफ बेजोस (Jeff Bezos) को एक बहुत बड़ा और करारा झटका लगा है। गुरुवार को जेफ बेजोस की एयरोस्पेस कंपनी ‘ब्लू ओरिजिन’ (Blue Origin) के एक बेहद महत्वाकांक्षी रॉकेट में परीक्षण के दौरान ही अचानक भयंकर विस्फोट हो गया। यह धमाका इतना जोरदार था कि लॉन्च पैड के आसपास के इलाकों में बने कई मकान और इमारतें बुरी तरह हिल गईं। विस्फोट के बाद निकले काले धुएं के गुबार और आग की तेज रोशनी की वजह से कुछ देर के लिए पूरा आसमान नारंगी रंग के खौफनाक गोले जैसा नजर आने लगा।
ब्लू ओरिजिन ने आधिकारिक तौर पर इस घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि उसके भारी-भरकम ‘न्यू ग्लेन’ (New Glenn) रॉकेट के इंजन दहन (Engine Static Fire) परीक्षण के दौरान यह अप्रत्याशित हादसा हुआ है। राहत की बात यह रही कि इस भयंकर तबाही के बावजूद कोई जनहानि नहीं हुई। कंपनी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (Twitter) पर बयान जारी कर कहा कि लॉन्च साइट पर मौजूद सभी कर्मचारियों का सुरक्षित पता लगा लिया गया है और वे पूरी तरह सुरक्षित हैं।
रात 9 बजे हिली धरती, सोशल मीडिया पर वायरल हुईं खौफनाक तस्वीरें
लॉन्च साइट के पास रहने वाले प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, गुरुवार रात करीब नौ बजे केप केनवरल और कोकोआ बीच के इलाकों में अचानक धरती हिलने लगी और घरों की खिड़कियां कड़कड़ा उठीं। इसके तुरंत बाद घबराए हुए स्थानीय लोगों ने सोशल मीडिया पर यह जानने की कोशिश शुरू कर दी कि आखिर माजरा क्या है।
केप केनवरल स्पेस फोर्स स्टेशन का ‘लॉन्च कॉम्प्लेक्स-36’ (LC-36) समुद्र तट से साफ दिखाई देता है। कुछ ही मिनटों में इंटरनेट पर आसमान में उठते नारंगी आग के गोले और मलबे की तस्वीरें व वीडियो तेजी से वायरल होने लगे। ब्लू ओरिजिन ने इस हादसे पर एक संक्षिप्त बयान जारी करते हुए कहा, “आज के ‘हॉटफायर’ परीक्षण के दौरान हमें एक बेहद असामान्य और अप्रत्याशित घटना का सामना करना पड़ा। इस तकनीकी विफलता के कारणों की बारीकी से जांच की जा रही है, जैसे-जैसे हमें और अधिक पुख्ता जानकारी मिलेगी, हम उसे दुनिया के साथ साझा करेंगे।”
धुएं से कोई जैविक खतरा नहीं, लेकिन मिशन को लगा भारी ब्रेक
हादसे के तुरंत बाद मौके पर पहुंचे आपातकालीन और प्रशासनिक अधिकारियों ने स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने स्थानीय जनता को आश्वस्त करते हुए कहा कि रॉकेट विस्फोट के बाद आसमान में फैले धुएं या किसी अन्य संभावित रासायनिक रिसाव से आम लोगों को कोई जैविक खतरा नहीं है।
हालांकि, इस हादसे ने ब्लू ओरिजिन की साख और उसके भविष्य के अंतरिक्ष मिशनों पर एक बड़ा ब्रेक लगा दिया है। आपको बता दें कि इस विशालकाय न्यू ग्लेन रॉकेट को इस साल अप्रैल महीने में भी उस समय रोक दिया गया था, जब इसके इंजन में आई अचानक खराबी के कारण यह एक सैटेलाइट (उपग्रह) को उसकी निर्धारित कक्षा के बजाय बेहद गलत और असुरक्षित ऑर्बिट में छोड़ आया था। यह इस रॉकेट की केवल तीसरी महत्वपूर्ण उड़ान की तैयारी थी, जिसका उपयोग जेफ बेजोस की कंपनी अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी ‘नासा’ (NASA) के आगामी मून मिशनों के लिए करने वाली है।
नासा के ‘मून मिशन’ पर मंडराया संकट, फेल हो रहा जेफ बेजोस का मेगा प्लान
इस महाशक्तिशाली रॉकेट का नाम पृथ्वी की परिक्रमा करने वाले पहले अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री जॉन ग्लेन के नाम पर ‘न्यू ग्लेन’ रखा गया है। जेफ बेजोस की कंपनी ब्लू ओरिजिन का असल मेगा प्लान यह है कि वह नासा के साथ मिलकर एक बड़ा संयुक्त मिशन शुरू करे। इस मिशन के तहत कंपनी अपने ‘ब्लू मून लैंडर’ (Blue Moon Lander) को चंद्रमा के सबसे रहस्यमयी हिस्से यानी दक्षिणी ध्रुव (South Pole) पर सुरक्षित उतारना चाहती है। नासा के वैज्ञानिकों का मानना है कि चंद्रमा के इस हिस्से में मौजूद गहरे क्रेटर्स (गड्ढों) में भारी मात्रा में प्राचीन बर्फ छिपी हो सकती है, जो भविष्य में मानव बस्तियां बसाने के काम आएगी।
कमर्शियल स्पेस रेस (Commercial Space Race) और अंतरिक्ष पर्यटन के बाजार में एकाधिकार जमाने की कोशिश में जुटे जेफ बेजोस के लिए यह चंद्रयान मिशन सबसे बड़ा कदम माना जा रहा था। लेकिन बार-बार मिल रही तकनीकी विफलताओं के कारण अब तक इस प्रोजेक्ट को कामयाबी की हरी झंडी नहीं मिल सकी है। इस विफलता के बाद नासा अब निजी क्षेत्र की दो और दिग्गज कंपनियों— एस्ट्रोबोटिक (Astrobotic) और इंट्यूटिव मशीन्स (Intuitive Machines) के साथ अपने दो अन्य मून मिशनों को तेजी से आगे बढ़ाने की योजना पर काम कर रही है, जो ब्लू ओरिजिन के लिए एक और बड़ा व्यापारिक झटका हो सकता है।
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