News India Live, Digital Desk: पश्चिम बंगाल में जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आ रहे हैं, बयानों की मर्यादा तार-तार होती दिख रही है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से प्रसारित हो रहा है जिसमें मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को कथित तौर पर चुनाव आयोग के अधिकारियों और राज्य के प्रशासनिक अफसरों को चेतावनी देते हुए देखा जा सकता है। इसके साथ ही, दक्षिण 24 परगना के एक टीएमसी नेता का ‘रोलर से कुचलने’ वाला बयान भी आग में घी डालने का काम कर रहा है।
1. सीएम ममता बनर्जी का ‘अल्टीमेटम’
मार्च और अप्रैल 2026 के दौरान कोलकाता के एस्प्लेनेड में धरने पर बैठीं ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग (CEC) पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए अधिकारियों को सख्त लहजे में संदेश दिया:
“मई के बाद कहाँ रहेंगे?”: मुख्यमंत्री ने कथित तौर पर अफसरों से सवाल किया कि वे चुनाव आयोग के दबाव में काम न करें, क्योंकि चुनाव (मई) के बाद आयोग चला जाएगा, लेकिन राज्य सरकार यहीं रहेगी।
संवैधानिक संस्थाओं से टकराव: ममता बनर्जी ने मुख्य चुनाव आयुक्त को “सुपरमैन” और “भगवान” की तरह व्यवहार न करने की चेतावनी दी है। टीएमसी का आरोप है कि मतदाता सूचियों के ‘स्पेशल रिवीजन’ (SIR) के नाम पर विपक्षी समर्थकों के नाम हटाए जा रहे हैं।
2. टीएमसी नेता हाफिजुल मोल्ला की ‘रोलर’ वाली धमकी
मुख्यमंत्री के अलावा टीएमसी नेता हाफिजुल मोल्ला का एक वीडियो वायरल हुआ है जिसने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं:
विपक्षी को खुली चुनौती: वीडियो में मोल्ला यह कहते नजर आ रहे हैं कि “4 मई को चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद मैं विरोधियों को रोलर से कुचल दूँगा।”
पुलिस कार्रवाई: वीडियो के वायरल होते ही पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी नेता को गिरफ्तार कर लिया है। भाजपा ने इसे टीएमसी की ‘हिंसक चुनावी संस्कृति’ का हिस्सा बताया है।
3. चुनाव आयोग की सख्ती और ‘ड्रोन’ से निगरानी
इन विवादों के बीच चुनाव आयोग ने बंगाल में निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए कमर कस ली है:
अधिकारियों को सुरक्षा: आयोग ने स्पष्ट किया है कि चुनाव ड्यूटी के दौरान अफसरों को धमकाने वालों के खिलाफ चुनाव के बाद भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
हाई-टेक सुरक्षा: पहली बार बंगाल चुनाव में संवेदनशील बूथों और नेपाल सीमा (महाराजगंज आदि) पर ड्रोन और सीसीटीवी के जरिए 24 घंटे निगरानी की जा रही है।
4. बीजेपी बनाम टीएमसी: वार-पलटवार
बीजेपी का स्टैंड: विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि ममता बनर्जी हार के डर से संवैधानिक संस्थाओं को डरा रही हैं।
टीएमसी का बचाव: पार्टी का कहना है कि बीजेपी केंद्रीय एजेंसियों (CBI, ED) का इस्तेमाल कर चुनाव जीतने की कोशिश कर रही है, जिसका विरोध करना उनका लोकतांत्रिक अधिकार है।
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