News India Live, Digital Desk: कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की दोहरी नागरिकता (Dual Citizenship) के आरोपों से जुड़ी याचिका पर सोमवार (20 अप्रैल 2026) को इलाहाबाद हाई कोर्ट में सुनवाई होनी थी। हालांकि, सुनवाई शुरू होते ही जस्टिस सुभाष विद्यार्थी ने इस मामले को सुनने से इनकार कर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे इस केस की सुनवाई नहीं करेंगे और फाइल को मुख्य न्यायाधीश (CBI) के पास भेजने का निर्देश दिया ताकि नई बेंच का गठन किया जा सके।
1. आखिर क्यों हट गए जस्टिस सुभाष विद्यार्थी?
अदालती कार्यवाही के दौरान जस्टिस विद्यार्थी ने अपने हटने के पीछे का स्पष्ट कारण तो सार्वजनिक रूप से दर्ज नहीं किया, लेकिन कानूनी गलियारों में इसके कुछ संभावित कारण चर्चा में हैं:
प्रोटोकॉल और नैतिकता: अक्सर न्यायाधीश तब ‘Recuse’ (हटना) करते हैं जब उन्हें लगता है कि उनका किसी पक्ष से कोई पुराना संबंध रहा हो या मामले में उनके शामिल होने से निष्पक्षता पर सवाल उठ सकते हैं।
पूर्व जुड़ाव: जस्टिस विद्यार्थी ने संकेत दिया कि वे इस मामले से जुड़े किसी पक्षकार या विषय से किसी न किसी रूप में पहले वाकिफ रहे हैं, इसलिए ‘न्याय न केवल होना चाहिए, बल्कि होता हुआ दिखना भी चाहिए’ के सिद्धांत का पालन करते हुए उन्होंने यह फैसला लिया।
2. क्या है राहुल गांधी की नागरिकता का विवाद?
यह याचिका कर्नाटक के एक भाजपा कार्यकर्ता एस. विग्नेश सुब्रमण्यम द्वारा दायर की गई है।
आरोप: याचिकाकर्ता का दावा है कि राहुल गांधी के पास ब्रिटिश नागरिकता है और उन्होंने चुनाव के दौरान दी गई जानकारी में इसे छिपाया है।
मांग: याचिका में मांग की गई है कि सीबीआई (CBI) इस मामले की विस्तृत जांच करे और यदि नागरिकता के प्रमाण मिलते हैं, तो राहुल गांधी की संसद सदस्यता रद्द की जाए।
3. कानूनी शब्दकोश: क्या होता है ‘Recusal’?
जब कोई न्यायाधीश किसी मामले की सुनवाई से खुद को अलग कर लेता है, तो उसे ‘Recusal’ कहा जाता है।
कारण: यह तब होता है जब जज का किसी पार्टी में वित्तीय हित हो, कोई पारिवारिक रिश्ता हो, या उन्होंने पहले वकील के तौर पर उस केस में काम किया हो।
प्रक्रिया: जज के हटने के बाद मामला मुख्य न्यायाधीश के पास जाता है, जो यह तय करते हैं कि अब कौन सी बेंच इस पर सुनवाई करेगी।
4. अब आगे क्या होगा?
जस्टिस विद्यार्थी के हटने के बाद अब फाइल इलाहाबाद हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के पास जाएगी।
नई बेंच: उम्मीद है कि अगले एक-दो सप्ताह के भीतर एक नई बेंच का गठन होगा जो राहुल गांधी की नागरिकता से जुड़े इन तथ्यों की दोबारा समीक्षा करेगी।
गृह मंत्रालय का रुख: इससे पहले केंद्र सरकार ने भी संकेत दिए थे कि नागरिकता से जुड़ी शिकायतों पर मंत्रालय अपने स्तर पर जांच कर रहा है।
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