News India Live, Digital Desk: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण का रण शुरू होते ही राज्य के कई हिस्सों से हिंसा और तनाव की खबरें सामने आ रही हैं। आज 16 जिलों की 152 सीटों पर हो रहे मतदान के दौरान मुर्शिदाबाद में जबरदस्त सियासी ड्रामा देखने को मिला, जहाँ टीएमसी कार्यकर्ताओं और हुमायूं कबीर के समर्थकों के बीच खूनी झड़प हो गई। वहीं, नंदीग्राम समेत हाई-प्रोफाइल सीटों पर मतदाताओं की लंबी कतारें यह बता रही हैं कि बंगाल की जनता इस बार किसी बड़े उलटफेर के मूड में है।
मुर्शिदाबाद में बवाल: हुमायूं कबीर का TMC पर गंभीर आरोप
वोटिंग के दौरान मुर्शिदाबाद में उस वक्त माहौल गरमा गया जब ‘आम जनता उन्नयन पार्टी’ (AJUP) के संस्थापक हुमायूं कबीर और टीएमसी समर्थकों के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई। कबीर ने सत्तारूढ़ पार्टी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि टीएमसी ने उनके 25 से अधिक उम्मीदवारों को पैसे के दम पर खरीद लिया है। उन्होंने दावा किया कि चुनाव को प्रभावित करने के लिए डराने-धमकाने का खेल चल रहा है। इस झड़प के बाद इलाके में भारी पुलिस बल और केंद्रीय सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है।
सुवेंदु अधिकारी की ललकार: ‘नंदीग्राम से शुरू होगा परिवर्तन’
नंदीग्राम में अपना वोट डालने पहुँचे नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने ममता सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि पहले चरण की वोटिंग का उत्साह बता रहा है कि बंगाल की जनता ‘दीदी’ के कुशासन से मुक्ति चाहती है। सुवेंदु ने दावा किया कि उत्तर बंगाल से लेकर नंदीग्राम तक भाजपा क्लीन स्वीप करने जा रही है। सुरक्षा के लिहाज से नंदीग्राम को छावनी में तब्दील कर दिया गया है, क्योंकि यहाँ पिछली बार की तरह ही कांटे की टक्कर देखी जा रही है।
कई बूथों पर EVM खराब, कड़कती धूप में भी वोटरों का जोश
सुबह 7 बजे से शुरू हुई वोटिंग के दौरान मालदा और मुर्शिदाबाद के कई मतदान केंद्रों पर EVM में तकनीकी खराबी की शिकायतें मिलीं। रघुनाथगंज गर्ल्स स्कूल बूथ पर मशीन खराब होने के कारण मतदाताओं का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने चुनाव आयोग के अधिकारियों को घेर लिया। हालांकि, कड़कती धूप के बावजूद महिलाओं और बुजुर्गों में गजब का उत्साह देखा गया। करीब 3.6 करोड़ मतदाता आज 1,478 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला कर रहे हैं, जिनमें 167 महिला उम्मीदवार शामिल हैं।
सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम, फिर भी कई जगहों पर बमबारी
चुनाव आयोग ने इस बार सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं, लेकिन इसके बावजूद मुर्शिदाबाद के नवदा इलाके में देसी बम फेंके जाने की खबर आई है, जिसमें कुछ लोग घायल हुए हैं। पहले चरण में दार्जिलिंग, सिलीगुड़ी, जलपाईगुड़ी और कूचबिहार जैसे संवेदनशील इलाकों में भी मतदान जारी है। केंद्रीय बलों की तैनाती और हर बूथ पर वेबकास्टिंग के जरिए निगरानी रखी जा रही है ताकि 2021 जैसी चुनावी हिंसा की पुनरावृत्ति न हो सके।
त्रिकोणीय मुकाबले ने बिगाड़ा पार्टियों का गणित
इस बार बंगाल का मुकाबला केवल टीएमसी और भाजपा के बीच नहीं रह गया है। हुमायूं कबीर की नई पार्टी और लेफ्ट-कांग्रेस गठबंधन ने कई सीटों पर मुकाबले को त्रिकोणीय बना दिया है। खासकर मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्रों में हुमायूं कबीर की सक्रियता ने टीएमसी के वोट बैंक में सेंधमारी की चिंता बढ़ा दी है। अब देखना यह है कि 4 मई को जब नतीजे आएंगे, तो बंगाल का ‘सिंहासन’ किसके पास होगा।
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