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Bada Mangal 2026 : ज्येष्ठ का पहला बड़ा मंगल आज, बजरंगबली को ऐसे चढ़ाएं सिंदूरी चोला, कट जाएंगे संकट और बरसेगी कृपा

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News India Live, Digital Desk: सनातन धर्म में ज्येष्ठ मास के मंगलवार का विशेष महत्व माना गया है, जिसे ‘बड़ा मंगल’ या ‘बुढ़वा मंगल’ के नाम से जाना जाता है। साल 2026 का पहला बड़ा मंगल आज भक्तों के लिए सौभाग्य और सुख-समृद्धि के द्वार खोलने वाला है। मान्यता है कि इस दिन हनुमान जी की विशेष पूजा-अर्चना करने से न केवल जीवन की बाधाएं दूर होती हैं, बल्कि शनि और मंगल के अशुभ प्रभाव भी समाप्त हो जाते हैं। मंदिरों में सुबह से ही ‘जय बजरंगबली’ के जयकारे गूंज रहे हैं और भक्तों का तांता लगा हुआ है।

बड़ा मंगल का धार्मिक महत्व और ‘बुढ़वा मंगल’ की महिमा पौराणिक कथाओं के अनुसार, ज्येष्ठ मास के मंगलवार को ही हनुमान जी की मुलाकात भीम से हुई थी और इसी माह में उन्होंने प्रभु श्री राम से भी भेंट की थी। इसीलिए इस दिन को ‘बड़ा मंगल’ कहा जाता है। खास तौर पर उत्तर प्रदेश और लखनऊ में इस पर्व की भव्यता देखते ही बनती है। ज्योतिषियों का मानना है कि जो भक्त इस दिन पूरी श्रद्धा के साथ हनुमान जी की उपासना करते हैं, उनके जीवन से बड़े से बड़ा ‘अमंगल’ टल जाता है और रुके हुए कार्य पूरे होने लगते हैं।

सिंदूरी चोला चढ़ाने की सही विधि, जो बदलेगी आपकी किस्मत आज के दिन हनुमान जी को चोला चढ़ाना अत्यंत फलदायी माना गया है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, चोला चढ़ाते समय चमेली के तेल में सिंदूर मिलाकर बजरंगबली के विग्रह पर लेपन करना चाहिए। इसके साथ ही चोला चढ़ाते समय हनुमान चालीसा या बजरंग बाण का पाठ करना शुभ होता है। अर्पण के बाद चमेली के तेल का दीपक जलाएं और बेसन के लड्डू या बूंदी का भोग लगाएं। याद रखें, चोला चढ़ाते समय शुद्धता और ब्रह्मचर्य का पालन करना अनिवार्य है।

इन उपायों से दूर होंगी जीवन की सभी बाधाएं यदि आप लंबे समय से किसी बाधा या शत्रु बाधा से परेशान हैं, तो आज के दिन पीपल के 11 पत्तों पर श्री राम लिखकर उनकी माला बनाकर हनुमान जी को पहनाएं। इसके अलावा, आर्थिक तंगी से मुक्ति के लिए बड़े मंगल के दिन सुंदरकांड का पाठ करना सबसे उत्तम माना जाता है। हनुमान जी को पान का बीड़ा अर्पित करने से भी नौकरी और व्यापार में आ रही अड़चनें समाप्त होती हैं। आज के दिन दान-पुण्य और भंडारे का आयोजन करना भी अनंत पुण्य फल देता है।

शुभ मुहूर्त और पूजा का उत्तम समय पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ मास के इस पहले मंगलवार को सर्वार्थ सिद्धि योग और अमृत सिद्धि योग का विशेष संयोग बन रहा है। पूजा के लिए सुबह का समय सर्वश्रेष्ठ है, लेकिन जो लोग विशेष मनोकामना पूर्ति के लिए अनुष्ठान करना चाहते हैं, वे शाम के समय हनुमान जी की आरती और पाठ कर सकते हैं। आज के दिन हनुमान जी के साथ-साथ प्रभु श्री राम और माता सीता का स्मरण करना न भूलें, क्योंकि राम नाम के बिना हनुमान जी की पूजा अधूरी मानी जाती है।

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