
अयोध्या में 10वें दीपोत्सव को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं। सरयू नदी के किनारे स्थित 56 घाटों पर 30 लाख दीये जलाने की योजना है। इसके लिए 33 लाख दीये मंगाए गए हैं। शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 को घाट नंबर 10 पर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भूमि पूजन किया जाएगा।
अयोध्या में दीपोत्सव को भव्य रूप देने के लिए तैयारियों का सिलसिला शुरू हो गया है। 10वें दीपोत्सव के अवसर पर सरयू नदी के किनारे स्थित 56 घाटों को लाखों दीयों से रोशन करने की तैयारी की जा रही है। आयोजन के तहत 30 लाख दीये जलाए जाएंगे, जबकि व्यवस्था के लिए कुल 33 लाख दीये मंगाए गए हैं।
दीपोत्सव को लेकर घाटों पर तैयारियों की शुरुआत हो चुकी है। इस आयोजन के दौरान सरयू तट पर दीयों की रोशनी से भव्य दृश्य तैयार करने की योजना है।
56 घाटों पर जलेंगे 30 लाख दीये
अयोध्या के 10वें दीपोत्सव में सरयू नदी के किनारे स्थित 56 घाट प्रमुख आकर्षण होंगे। इन घाटों पर कुल 30 लाख दीये जलाने की योजना बनाई गई है। इतने बड़े आयोजन के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं।
दीपोत्सव के दौरान घाटों पर दीयों की रोशनी अयोध्या के उत्सवी माहौल को खास बनाएगी। आयोजन की तैयारियों के बीच दीयों की उपलब्धता और घाटों से जुड़ी व्यवस्थाएं महत्वपूर्ण रहेंगी।
30 लाख दीयों के लिए मंगाए गए 33 लाख दीये
आयोजन के लिए 33 लाख दीये मंगाए गए हैं, जबकि निर्धारित लक्ष्य के अनुसार 30 लाख दीये जलाए जाएंगे। इस तरह जलाए जाने वाले दीयों की संख्या से अधिक दीयों की व्यवस्था की गई है।
दीपोत्सव के लिए इतनी बड़ी संख्या में दीयों की व्यवस्था आयोजन के व्यापक स्तर को दर्शाती है। सरयू तट के 56 घाटों पर इन्हें जलाने की तैयारी की जा रही है।
घाट नंबर 10 पर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भूमि पूजन
दीपोत्सव की तैयारियों के बीच शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 को घाट नंबर 10 पर भूमि पूजन किया जाएगा। यह कार्यक्रम वैदिक मंत्रोच्चार के बीच संपन्न होगा। भूमि पूजन के साथ आयोजन से जुड़ी तैयारियों को आगे बढ़ाया जाएगा।
अयोध्या में दीपोत्सव को लेकर धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का विशेष महत्व है। ऐसे में भूमि पूजन का कार्यक्रम आयोजन की तैयारियों का अहम हिस्सा होगा।
अयोध्या दीपोत्सव पर टिकी नजरें
10वें दीपोत्सव के लिए 56 घाटों पर 30 लाख दीये जलाने की योजना और 33 लाख दीयों की व्यवस्था इस आयोजन के प्रमुख पहलुओं में शामिल है। सरयू नदी के किनारे होने वाली तैयारियों के बीच घाट नंबर 10 पर प्रस्तावित भूमि पूजन भी महत्वपूर्ण रहेगा।अब दीपोत्सव से जुड़ी आगे की तैयारियों और आयोजन के स्वरूप पर लोगों की नजरें बनी हुई हैं। अयोध्या का यह उत्सव धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़ा एक प्रमुख आयोजन है।
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