गोंडा कोऑपरेटिव बैंक घोटाला: ₹21.47 करोड़ के गबन मामले में लखनऊ से सहायक शाखा प्रबंधक गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश स्टेट कोऑपरेटिव बैंक की गोंडा शाखा में हुए 21 करोड़ 47 लाख 78 हजार रुपये के बहुचर्चित और बड़े घोटाले में कोतवाली नगर पुलिस को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने इस धोखाधड़ी और गबन के मामले में फरार चल रहे बैंक के सहायक शाखा प्रबंधक (Assistant Branch Manager) सुशील कुमार गौतम को लखनऊ के आलोक नगर क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पर फर्जी दस्तावेजों के सहारे और नियमों को ताक पर रखकर करोड़ों रुपये का अनियमित ऋण (लोन) बांटने का गंभीर आरोप है।

लखनऊ का रहने वाला है आरोपी

पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार किया गया आरोपी सुशील कुमार गौतम पुत्र रामलाल गौतम, लखनऊ के थाना अलीगंज अंतर्गत आलोक नगर इलाके का निवासी है। वह उत्तर प्रदेश स्टेट कोऑपरेटिव बैंक की गोंडा शाखा में सहायक शाखा प्रबंधक के पद पर तैनात था और घोटाले के बाद से ही पुलिस की रडार पर था।

2 जनवरी को दर्ज हुई थी एफआईआर, ऑडिट में खुली पोल

इस महाघोटाले का खुलासा तब हुआ जब उत्तर प्रदेश स्टेट कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड (शाखा गोंडा) के सहायक महाप्रबंधक एवं मुख्य प्रबंधक भुवन चन्द्र सती ने बीते 2 जनवरी 2026 को कोतवाली नगर में तहरीर देकर ऋण वितरण में भारी वित्तीय अनियमितताओं और धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई थी।

बैंक की स्पेशल ऑडिट रिपोर्ट और आंतरिक जांच समिति की सिफारिशों में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि तत्कालीन शाखा प्रबंधक पवन कुमार पाल ने बैंक के अन्य कर्मचारियों और कुछ चुनिंदा खाताधारकों के साथ मिलकर एक बड़ा सिंडिकेट बनाया। जांच में पता चला कि बिना किसी पात्रता (Eligibility) और जरूरी कागजातों (Documents) के ही खुद को, अपने परिवार के सदस्यों को और अन्य करीबियों को करोड़ों रुपये के लोन रेवड़ियों की तरह बांट दिए गए।

205 खाताधारकों के खातों में सेंधमारी, आंतरिक खाते भी खंगाले

जांच रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपियों ने फर्जी और कूटरचित (Forged) दस्तावेजों के आधार पर 205 खाताधारकों के ऋण और बचत खातों समेत बैंक के 5 आंतरिक (Internal) खातों से अलग-अलग बैंकिंग माध्यमों के जरिए कुल 2147.78 लाख रुपये (21.47 करोड़) का गबन किया। इतना ही नहीं, इसमें से 46.13 लाख रुपये तो बैंक के आंतरिक खातों से ही अनधिकृत (Unauthorized) रूप से सीधे निकाल लिए गए थे।

पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई: मुख्य सरगना समेत 4 गिरफ्तार

इस मामले में पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। पुलिस इस घोटाले के मुख्य आरोपी और तत्कालीन शाखा प्रबंधक पवन कुमार पाल समेत तीन अन्य आरोपियों को पहले ही सलाखों के पीछे भेज चुकी है। सुशील कुमार गौतम की गिरफ्तारी इस कड़ी में चौथी बड़ी कामयाबी है। जांच के दौरान पुलिस के हाथ कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य लगे हैं, जिनके आधार पर अन्य बैंक कर्मियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

गोंडा पुलिस के आला अधिकारियों का कहना है कि इस वित्तीय अपराध में शामिल किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। फरार चल रहे कुछ अन्य आरोपियों और मददगारों को पकड़ने के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।

गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम: सहायक शाखा प्रबंधक को दबोचने वाली पुलिस टीम में कोतवाली नगर के अतिरिक्त प्रभारी निरीक्षक सभाजीत सिंह, उपनिरीक्षक उदित कुमार वर्मा, कांस्टेबल अमित यादव और प्रभाकर यादव शामिल रहे। उच्चाधिकारियों ने इस त्वरित कार्रवाई के लिए टीम की सराहना की है।