
वैश्विक बाजारों से मिल रहे बेहद विरोधाभासी संकेतों के बीच आज यानी 18 जून 2026 को एशियाई शेयर बाजारों (Asian Markets) में जबरदस्त चौतरफा लिवाली देखी जा रही है। एक तरफ जहां बुधवार रात अमेरिकी वॉल स्ट्रीट (Wall Street) फेडरल रिजर्व के कड़े बयानों के चलते 1% से ज्यादा टूटकर बंद हुआ, वहीं दूसरी तरफ आज सुबह एशियाई बाजारों ने इतिहास रच दिया है।
जापान का प्रमुख इंडेक्स निक्केई 225 (Nikkei 225) इतिहास में पहली बार 71,000 के जादुई आंकड़े को पार कर गया है, जबकि दक्षिण कोरिया का बेंचमार्क इंडेक्स कोस्पी (KOSPI) भी अपने नए लाइफटाइम हाई रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। आइए विस्तार से समझते हैं कि अमेरिकी बाजारों में गिरावट के बावजूद आज एशियाई बाजारों में इस बंपर तेजी के पीछे कौन से मुख्य कारक काम कर रहे हैं।
आज एशियाई बाजारों में महा-तेजी की 5 सबसे बड़ी वजहें (Key Market Drivers)
आज सुबह एशियाई इक्विटी मार्केट्स में आई इस शानदार तेजी को मुख्य रूप से निम्नलिखित वैश्विक और क्षेत्रीय ट्रिगर्स गाइड कर रहे हैं:
1. US-Iran War का अंत और तेल की कीमतों में भारी गिरावट
एशियाई बाजारों के लिए सबसे बड़ा बूस्टर डोज अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध की आधिकारिक समाप्ति रही। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्रांस के वर्साय पैलेस में ईरान के साथ युद्ध खत्म करने और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को दोबारा खोलने के लिए एक अंतरिम समझौते (MoU) पर हस्ताक्षर कर दिए हैं।
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कच्चा तेल हुआ धड़ाम: इस ऐतिहासिक शांति समझौते के बाद वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की आपूर्ति सुचारू होने की उम्मीद से ब्रेंट क्रूड 1.12% गिरकर $78.66 प्रति बैरल पर आ गया, जबकि अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) 1.28% फिसलकर $75.81 पर ट्रेड कर रहा है। तेल का इस तरह $79 से नीचे आना भारत और जापान जैसे भारी ऊर्जा आयातक देशों की अर्थव्यवस्थाओं और कंपनियों के लिए सबसे बड़ी सकारात्मक खबर है।
2. टेक और सेमीकंडक्टर शेयरों में बंपर लिवाली
एशियाई सूचकांकों को ऊंचाई पर ले जाने में दिग्गज टेक कंपनियों का बहुत बड़ा योगदान रहा है:
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साउथ कोरिया (KOSPI): कोस्पी इंडेक्स आज 1% से ज्यादा उछल गया। इस तेजी को चिप मेकर दिग्गज SK हाइनिक्स (SK Hynix) में आई 3.45% की भारी तेजी से सपोर्ट मिला, जिसने अपना नया ऑल-टाइम हाई स्तर छुआ है। इसके साथ ही टेक दिग्गज सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स (Samsung Electronics) के शेयरों में भी 1.23% की बढ़त दर्ज की गई। हालांकि, छोटे शेयरों वाला स्मॉल-कैप सूचकांक ‘कोसडैक’ (Kosdaq) इसके विपरीत 0.5% फिसल गया।
3. जापान के निक्केई 225 का ऐतिहासिक रिकॉर्ड
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निक्केई में 2% का ब्लास्ट: जापानी बाजार आज बुल्स के पूर्ण नियंत्रण में है। निक्केई 225 इंडेक्स 2% की भारी बढ़त के साथ पहली बार 71,000 के ऐतिहासिक स्तर को पार कर गया। वहीं, जापान का व्यापक ‘टॉपिक्स’ (Topix) इंडेक्स भी 1.27% की मजबूती के साथ ट्रेड कर रहा है।
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अन्य एशियाई इंडेक्स: ऑस्ट्रेलिया का S&P/ASX 200 इंडेक्स आज ज्यादातर बिना किसी बदलाव के फ्लैट कारोबार कर रहा है। वहीं, हॉन्गकॉन्ग का हैंग सेंग इंडेक्स फ्यूचर्स (Hang Seng Futures) 24,510 के स्तर पर देखा गया, जो इसके पिछले क्लोजिंग स्तर (24,493.95) से मामूली ऊपर है।
दूसरी तरफ: अमेरिकी बाजारों में क्यों आई 1% से ज्यादा की गिरावट?
जहां एशिया जश्न मना रहा है, वहीं बुधवार को अमेरिकी बाजार (US Markets) लाल निशान में और भारी गिरावट के साथ बंद हुए। S&P 500 और नैस्डैक दोनों इंडेक्स 1% से ज्यादा टूट गए।
| अमेरिकी इंडेक्स | क्लोजिंग स्तर | गिरावट (अंक / प्रतिशत) |
| डाओ जोन्स (Dow Jones) | 51,492.55 | ↓ 507.12 अंक (0.98%) |
| S&P 500 | 7,420.10 | ↓ 91.25 अंक (1.21%) |
| नैस्डैक कंपोजिट (Nasdaq) | 26,021.66 | ↓ 354.69 अंक (1.34%) |
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गिरावट का कारण (Hawkish Fed): नए नियुक्त अमेरिकी फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वार्श (Kevin Warsh) ने अपनी पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस में कड़ा रुख (Hawkish Tone) अपनाया। उन्होंने साफ किया कि अमेरिकी महंगाई दर (3.8%) अब भी फेड के 2% के अनिवार्य लक्ष्य से काफी ऊपर है और कीमतों को स्थिर करने के लिए केंद्रीय बैंक प्रतिबद्ध है।
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रेट हाइक का डर: फेड ने लगातार चौथी मीटिंग में ब्याज दरों को 3.5%-3.75% पर स्थिर तो रखा, लेकिन अपने बयान से ‘नरमी बरतने’ के पुराने संकेतों को हटा दिया। अब फेड के 18 में से 9 अधिकारी इस साल के अंत तक ब्याज दरें बढ़ाने (Rate Hike) का अनुमान लगा रहे हैं, जिससे ट्रेडर्स मान रहे हैं कि सितंबर या अक्टूबर तक अमेरिका में लोन और महंगे हो जाएंगे।
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मजबूत इकोनॉमिक डेटा: अमेरिका में मई महीने के रिटेल सेल्स (Retail Sales) के आंकड़े उम्मीद से कहीं बेहतर रहे हैं। अप्रैल के 0.4% की गिरावट के मुकाबले मई में रिटेल सेल्स 0.9% बढ़ी हैं (जबकि अनुमान सिर्फ 0.5% का था)। मजबूत रिटेल बिक्री से फेड को ब्याज दरें ऊंची रखने या बढ़ाने का और अधिक आधार मिल गया है।
बॉन्ड मार्केट, डॉलर और कमोडिटी (Gold & Silver) का ताजा हाल
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ट्रेजरी यील्ड्स में उछाल: फेड के कड़े संकेतों के बाद बॉन्ड मार्केट में बिकवाली आई जिससे यील्ड बढ़ गई। अमेरिका की 2-साल की ट्रेजरी यील्ड 16 बेसिस पॉइंट उछलकर 4.207% पर पहुंच गई, जो फरवरी 2025 के बाद का सबसे उच्चतम स्तर है। 10-साल की यील्ड भी 4.461% पर आ गई। इसका असर जापानी बॉन्ड्स पर भी दिखा और जापान की 10-साल की JGB यील्ड बढ़कर 2.620% हो गई।
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2 महीने के हाई पर डॉलर: इस साल रेट हाइक की बढ़ती संभावनाओं के कारण अमेरिकी डॉलर इंडेक्स (Dollar Index) 100.31 के स्तर पर मजबूत होकर पिछले 2 महीनों के सबसे उच्चतम स्तर पर बना हुआ है। डॉलर की इस मजबूती के कारण जापानी येन (JPY) कमजोर होकर 160.760 प्रति डॉलर के स्तर पर आ गया है, जबकि यूरो $1.1511 और पाउंड $1.3318 पर कारोबार कर रहे हैं।
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सोने-चांदी में जोरदार रिकवरी: अमेरिका-ईरान शांति समझौते के कारण वैश्विक अनिश्चितता घटने और तेल गिरने से सोने की कीमतों में शानदार बाउंस-बैक देखा गया। बुधवार को 1.7% की गिरावट के बाद आज स्पॉट गोल्ड (Spot Gold) 1.5% की छलांग लगाकर $4,322.41 प्रति औंस पर पहुंच गया है। वहीं, पिछले सत्र में 3% टूटने के बाद आज स्पॉट सिल्वर (चांदी) 2.2% सुधरकर $69.51 प्रति औंस पर कारोबार कर रही है।
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