
महाभारत की जब भी बात होती है, तो पांचों पांडवों और उनकी साझा पत्नी द्रौपदी का जिक्र सबसे पहले आता है। लेकिन पौराणिक इतिहास के पन्नों को अगर गहराई से खंगाला जाए, तो एक बेहद दिलचस्प और हैरान करने वाला सच सामने आता है। बहुत कम लोग जानते हैं कि द्रौपदी के अलावा भी पांडवों ने कई गुप्त और रणनीतिक विवाह किए थे, जिनकी कहानियां मुख्यधारा में ज्यादा नहीं बताई जातीं। अकेले महाबली भीम की द्रौपदी के अलावा दो और पत्नियां थीं, वहीं सर्वश्रेष्ठ धनुर्धर अर्जुन ने तीन अन्य महिलाओं से विवाह रचाया था। आइए आज आपको बताते हैं पांचों पांडवों की उन अज्ञात पत्नियों और उनसे जन्मे बच्चों के नाम, जो इतिहास के पन्नों में कहीं छिपे रह गए।
महाबली भीम की दो अन्य पत्नियां और उनके पराक्रमी पुत्र
द्रौपदी के अलावा कुंती पुत्र भीम के जीवन में दो और महिलाओं का प्रवेश हुआ था। भीम की दूसरी पत्नी एक राक्षसी थीं, जिनका नाम हिडिम्बा था। वनवास के दौरान भीम ने हिडिम्बा से विवाह किया था और इन दोनों से महापराक्रमी पुत्र घटोत्कच का जन्म हुआ था, जिसने महाभारत के युद्ध में अपनी जादुई शक्तियों से तहलका मचा दिया था। इसके बाद भीम का तीसरा विवाह काशी की राजकुमारी बलंधरा से हुआ था। बलंधरा और भीम के मिलन से एक प्रतापी पुत्र का जन्म हुआ, जिसका नाम सर्वग रखा गया था।
अर्जुन के 3 अन्य विवाह और उनके सबसे लाडले बेटे
पांडवों में अर्जुन के विवाह सबसे ज्यादा चर्चा और रहस्यों से भरे रहे हैं। द्रौपदी के अलावा अर्जुन की तीन और पत्नियां थीं- सुभद्रा, उलूपी और चित्रांगदा। भगवान श्रीकृष्ण की बहन सुभद्रा से अर्जुन ने प्रेम विवाह (हरण) किया था, जिनसे उनके सबसे लाडले और वीर पुत्र अभिमन्यु का जन्म हुआ। अर्जुन की अगली पत्नी नागराज की पुत्री उलूपी थीं, जिनसे उन्हें इरावन नाम का पुत्र मिला। वहीं, अपने देश भ्रमण के दौरान अर्जुन ने मणिपुर की राजकुमारी चित्रांगदा से भी विवाह रचाया था, जिनसे बभ्रुवाहन नाम के पुत्र का जन्म हुआ, जिसने आगे चलकर मणिपुर का राजपाट संभाला।
धर्मराज युधिष्ठिर की दूसरी पत्नी और उनका वंश
पांडवों में सबसे बड़े और शांत स्वभाव के माने जाने वाले धर्मराज युधिष्ठिर ने भी द्रौपदी के अलावा एक और विवाह किया था। युधिष्ठिर की दूसरी पत्नी का नाम देविका था, जो शैव्य देश के राजा की पुत्री थीं। देविका और युधिष्ठिर के वैवाहिक जीवन से एक पुत्र रत्न की प्राप्ति हुई थी, जिसका नाम यौधेय रखा गया था। हालांकि, महाभारत के मुख्य युद्ध के बाद युधिष्ठिर की इस पत्नी और पुत्र का उल्लेख बहुत सीमित जगहों पर ही मिलता है।
नकुल और सहदेव के गुप्त विवाह और उनकी संतानें
माद्री के पुत्र और जुड़वां भाई नकुल और सहदेव ने भी कुल की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए द्रौपदी के अलावा अन्य शादियां की थीं। रूपवान नकुल ने चेदिराज की राजकुमारी करेणुमती से विवाह किया था, जिनसे उन्हें निरमित्र नाम का पुत्र मिला। वहीं, पांडवों में सबसे छोटे और त्रिकालदर्शी सहदेव का विवाह मद्र देश की राजकुमारी विजया से हुआ था। विजया और सहदेव के संयोग से एक पुत्र का जन्म हुआ था, जिसका नाम सुहोत्र रखा गया था। द्रौपदी से पांचों पांडवों को एक-एक पुत्र मिले थे, जिन्हें उपपांडव (प्रतिविंध्य, सुतसोम, श्रुतकर्मा, शतानीक और श्रुतसेन) कहा जाता था, जिनकी हत्या अश्वत्थामा ने कर दी थी।
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