दुनियाभर में विरोध के बीच भारत में इजरायल के लिए दिखा ‘क्रेजी लव’, भारतीयों के अटूट समर्थन से गदगद हुए पीएम बेंजामिन नेतन्याहू

वैश्विक पटल पर चल रहे भारी भू-राजनीतिक तनाव और कई देशों की आलोचनाओं के बीच इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भारत और भारतीयों की जमकर तारीफ की है। उन्होंने भारत के साथ लगातार मजबूत होते द्विपक्षीय संबंधों की सराहना करते हुए एक बड़ा बयान दिया है। नेतन्याहू ने साफ तौर पर माना है कि इस मुश्किल दौर में दुनिया के किसी भी अन्य देश की तुलना में उन्हें भारत से सबसे ज्यादा और अटूट समर्थन मिल रहा है। वेस्ट बैंक में आयोजित एक महत्वपूर्ण सम्मेलन को संबोधित करते हुए इजरायली प्रधानमंत्री ने अपनी वैश्विक रणनीति में भारत के विशेष स्थान का उल्लेख किया और भारतीयों के इस प्रेम को पूरी दुनिया से बिल्कुल अलग बताया।

दुनिया हमें अवैध ठहराने में जुटी, लेकिन भारत में हमारे लिए है ‘क्रेजी लव’

सम्मेलन को संबोधित करते हुए बेंजामिन नेतन्याहू ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि जहां आज दुनिया के कई हिस्सों में इजरायल को आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है, वहीं भारत में स्थिति इसके बिल्कुल विपरीत है। इजरायली प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि वह यह साफ तौर पर स्वीकार करते हैं कि दुनिया के ज्यादातर हिस्सों में इजरायल को अवैध ठहराने की कोशिशें की जा रही हैं, लेकिन भारत में ऐसा बिल्कुल नहीं है। भारत में इजरायल के लिए जबरदस्त और अटूट प्यार है, जिसे उन्होंने सच में एकदम ‘क्रेजी लव’ का नाम दिया। नेतन्याहू ने गदगद होते हुए यहां तक कहा कि उन्हें लगता है कि पूरी दुनिया में किसी भी अन्य जगह की तुलना में भारत में ही उनके सबसे ज्यादा चाहने वाले और फॉलोअर्स हैं।

पीएम मोदी के ऐतिहासिक दौरे के बाद नई ऊंचाइयों पर पहुंचे दोनों देशों के संबंध

इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का यह बड़ा बयान ऐसे समय में आया है जब दोनों देशों के आपसी रणनीतिक और कूटनीतिक रिश्ते लगातार नए मुकाम हासिल कर रहे हैं। नेतन्याहू की यह टिप्पणी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फरवरी महीने में हुए इजरायल दौरे के कुछ महीनों बाद आई है। यरुशलम में हुई उस बेहद अहम बैठक के दौरान दोनों वैश्विक नेताओं ने भारत-इजरायल संबंधों को एक नया आयाम देते हुए इसे ‘स्पेशल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप फॉर पीस, इनोवेशन एंड प्रॉस्पेरिटी’ के स्तर तक बढ़ाने का बड़ा ऐलान किया था।

रक्षा, व्यापार और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में मिलकर काम कर रहे दोनों देश

वर्तमान में भारत और इजरायल ने रक्षा, व्यापार, अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी, साइबर सुरक्षा, कृषि, ऊर्जा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसे कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में अपने सहयोग को पहले से कहीं अधिक गहरा कर लिया है। इसके अलावा दोनों देश सेमीकंडक्टर निर्माण, क्वांटम टेक्नोलॉजी और डिजिटल हेल्थकेयर जैसे भविष्य के बड़े क्षेत्रों में भी साझीदार बनकर काम कर रहे हैं। अपनी पिछली इजरायल यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘गाजा शांति योजना’ का खुलकर समर्थन किया था और पश्चिम एशिया के इस पूरे क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखने पर विशेष बल दिया था, जिसे इजरायल ने बेहद सकारात्मक रूप में लिया।

साल 2017 की वो पहली यात्रा जो दोनों देशों के इतिहास में बनी ‘टर्निंग पॉइंट’

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, पीएम नरेंद्र मोदी और बेंजामिन नेतन्याहू की आपसी केमिस्ट्री को साल 1992 में भारत और इजरायल के बीच पूर्ण राजनयिक संबंध स्थापित होने के बाद से अब तक की सबसे मजबूत राजनीतिक साझेदारी माना जाता है। साल 2017 में पीएम मोदी का पहला इजरायल दौरा दोनों देशों के संबंधों के इतिहास में एक मील का पत्थर और बड़ा ‘टर्निंग पॉइंट’ साबित हुआ था, क्योंकि वे इजरायल की धरती पर कदम रखने वाले भारत के पहले प्रधानमंत्री बने थे। उस ऐतिहासिक दौरे ने दुनिया को यह स्पष्ट संदेश दे दिया था कि नई दिल्ली अपनी पुरानी हिचकिचाहट को पूरी तरह छोड़कर इजरायल के साथ खुलकर आगे बढ़ने के लिए तैयार है। आज भारत पूरे एशिया में इजरायल के सबसे बड़े व्यापारिक साझीदारों में से एक है और दोनों देश ‘इंडिया-मिडिल ईस्ट-यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर’ (IMEC) और ‘I2U2’ जैसे बड़े वैश्विक मंचों पर भी रणनीतिक रूप से साथ मिलकर कदम बढ़ा रहे हैं।