
उत्तर प्रदेश के संभल जिले के आर्थिक और सामाजिक विकास को रफ्तार देने के लिए एक बेहद महत्वाकांक्षी परियोजना पर काम शुरू हो गया है। अलीगढ़ और मुरादाबाद को सीधे जोड़ने वाला नया चार/छह लेन का ‘ग्रीनफील्ड एक्सेस कंट्रोल्ड हाईवे’ (Greenfield Access Controlled Highway) संभल जिले की पूरी कनेक्टिविटी की तस्वीर बदलने जा रहा है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने इस मेगा प्रोजेक्ट के लिए संभल में भूमि अधिग्रहण (Land Acquisition) की आधिकारिक प्रक्रिया तेज कर दी है। इस नए हाईवे के बनने से न केवल यातायात सुगम होगा, बल्कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के व्यापारिक गलियारे को भी एक नई मजबूती मिलेगी।
क्यों संभल के लिए गेमचेंजर साबित होगी यह परियोजना?
यह नया ग्रीनफील्ड हाईवे केवल अलीगढ़ और मुरादाबाद के बीच के सफर और समय को ही कम नहीं करेगा, बल्कि यह पहले से व्यस्त आगरा-मुरादाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग का एक सबसे बेहतरीन और आधुनिक विकल्प बनकर उभरेगा। इस परियोजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसके निर्माण के बाद संभल जिला पहली बार सीधे देश के नेशनल हाईवे नेटवर्क से जुड़ जाएगा। इसके अलावा, इस कॉरिडोर को उत्तर प्रदेश के ड्रीम प्रोजेक्ट ‘गंगा एक्सप्रेसवे’ से भी लिंक किया जाएगा, जिससे स्थानीय उद्योगों को सीधे एक्सप्रेसवे कनेक्टिविटी मिलेगी। इससे संभल में हस्तशिल्प, कृषि और व्यापार के नए द्वार खुलेंगे।
संभल और गुन्नौर तहसील के 69 गांव आएंगे हाईवे के दायरे में
NHAI के सर्वे के मुताबिक, संभल जिले के कुल 69 गांवों की जमीन इस नए ग्रीनफील्ड हाईवे के दायरे में आ रही है। इनमें संभल तहसील के 40 और गुन्नौर तहसील के 29 प्रमुख गांव शामिल हैं। जिला प्रशासन ने इन प्रभावित गांवों के किसानों और भू-स्वामियों को दिए जाने वाले मुआवजे की पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी, डिजिटल और विवादमुक्त रखने के लिए कड़े कदम उठाए हैं।
भू-माफियाओं पर नकेल: अनधिकृत निर्माण और रजिस्ट्री पर लगी रोक
प्रशासन ने प्रभावित घोषित किए जा चुके 69 गांवों में जमीन की खरीद-बिक्री (रजिस्ट्री), भूमि उपयोग परिवर्तन (Land Use Change) और हाईवे रूट के आस-पास होने वाले किसी भी प्रकार के नए या अनधिकृत निर्माण पर पूरी तरह से रोक लगा दी है और इस पर पैनी नजर रखी जा रही है। इस सख्ती का मुख्य उद्देश्य सरकारी राजस्व को किसी भी प्रकार के नुकसान से बचाना है। इसके साथ ही, कई बार कुछ लोग मुआवजा राशि बढ़ाने के लिए हाईवे की जमीन पर रातों-रात अवैध निर्माण कर लेते हैं, जिसे रोकने के लिए प्रशासन ने पहले ही ड्रोन और सेटेलाइट मैपिंग की मदद से स्थिति स्पष्ट कर ली है ताकि भविष्य में मुआवजे के वितरण को लेकर कोई कानूनी अड़चन न आए।
मुरादाबाद से अलीगढ़ तक: ये रहेगा हाईवे का पूरा रूट मैप
प्रस्तावित ब्लूप्रिंट के अनुसार, यह आधुनिक हाईवे मुरादाबाद की दिशा से आगे बढ़ते हुए संभल जिले के हजरतनगर गढ़ी क्षेत्र के पोटा और धूरा गांवों से संभल की सीमा में प्रवेश करेगा। यहां से यह सीधे प्रसिद्ध कैलादेवी धार्मिक क्षेत्र की ओर आगे बढ़ेगा। इसके बाद गुन्नौर तहसील के रजपुरा इलाके से होते हुए बबराला के जिजोड़ा डांडा के पास यह विशाल गंगा नदी को पार करेगा। गंगा नदी पर एक नए आधुनिक पुल के जरिए यह आगे बुलंदशहर जिले की सीमाओं को छूते हुए सीधे अलीगढ़ तक पहुंचेगा।
अलीगढ़-मुरादाबाद ग्रीनफील्ड हाईवे के पूरी तरह तैयार हो जाने के बाद संभल के नागरिकों के लिए दिल्ली, नोएडा, लखनऊ और अलीगढ़ जैसे बड़े शहरों तक की दूरी और सफर का समय आधा रह जाएगा। साथ ही, बेहतर बुनियादी ढांचे (Infrastructure) के चलते क्षेत्र में नए लॉजिस्टिक हब और फैक्ट्रियां स्थापित होंगी, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के हजारों नए साधन विकसित होंगे।
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