Aaj Ka Panchang 30 October 2026: आज कौन सी तिथि है? जानिए शुभ मुहूर्त, राहुकाल और आज के पंचांग के सभी जरूरी नियम

सनातन परंपरा में किसी भी शुभ कार्य, पूजा-पाठ, नए व्यवसाय की शुरुआत या यात्रा पर निकलने से पहले पंचांग के पांच प्रमुख अंगों—तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण—का विचार करना अत्यंत कल्याणकारी माना जाता है। हिंदू पंचांग के अनुसार, आज विक्रम संवत 2083 के कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि है।

कार्तिक मास को सनातन धर्म में स्नान, दान और दीपदान के लिए सर्वश्रेष्ठ महीना माना गया है। आज शुक्रवार का दिन है, जो माता लक्ष्मी और शुक्र ग्रह की उपासना के लिए अत्यंत फलदायी है।

पंचांग अंग / समय आज की स्थिति एवं समय
दिनांक 30 अक्टूबर 2026
वार (Day) शुक्रवार (Friday)
मास (Month) कार्तिक (पूर्णिमांत व अमान्त दोनों अनुसार)
पक्ष (Paksha) कृष्ण पक्ष (Krishna Paksha)
तिथि (Tithi) पंचमी तिथि (दोपहर बाद तक, इसके उपरांत षष्ठी तिथि प्रारंभ)
संवत्सर विक्रम संवत 2083 / शक संवत 1948
सूर्योदय (Sunrise) सुबह 06:14 बजे
सूर्यास्त (Sunset) शाम 05:27 बजे
चंद्रोदय (Moonrise) रात 09:42 बजे
चंद्रास्त (Moonset) सुबह 10:35 बजे (अगले दिन)
चंद्र राशि (Moon Sign) मिथुन राशि (Gemini)
सूर्य राशि (Sun Sign) तुला राशि (Libra)
  • नक्षत्र: आज का मुख्य नक्षत्र मृगशिरा है। यह नक्षत्र दोपहर तक प्रभावी रहेगा, जिसके उपरांत आर्द्रा नक्षत्र का प्रवेश होगा। मृगशिरा नक्षत्र के स्वामी मंगल देव और देवता चंद्रमा हैं।

  • योग: आज शिव योग बना हुआ है, जिसके बाद सिद्ध योग प्रारंभ होगा। दोनों ही योग धार्मिक अनुष्ठानों और साधना के लिए शुभ फलदायी माने जाते हैं।

  • करण: प्रथम करण कौलव रहेगा, जिसके उपरांत तैतिल और बाद में गर करण प्रभावी होगा।

किसी भी मांगलिक कार्य, सोने-चांदी की खरीदारी, गृह प्रवेश या नवीन अनुबंध के लिए दिन का सबसे उत्तम समय:

शुभ मुहूर्त निर्धारित समय सीमा
अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:42 बजे से दोपहर 12:28 बजे तक (दिन का सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त)
विजय मुहूर्त दोपहर 01:54 बजे से 02:40 बजे तक
गोधूलि मुहूर्त शाम 05:26 बजे से 05:52 बजे तक
अमृत काल सुबह 07:45 बजे से 09:18 बजे तक
ब्रह्म मुहूर्त सुबह 04:48 बजे से 05:37 बजे तक

(विशेष नोट: आज के दिन अभिजीत मुहूर्त में किए गए धार्मिक कार्य और निवेश कार्य अत्यंत सिद्ध और स्थायी फल देने वाले माने जाते हैं।)

शास्त्रों के अनुसार, अशुभ काल के दौरान नया व्यवसाय शुरू करने, धन उधार देने या महत्वपूर्ण यात्रा पर निकलने से बचना चाहिए:

अशुभ काल समय सीमा
राहुकाल (Rahukaal) सुबह 10:41 बजे से दोपहर 12:05 बजे तक
यमगण्ड काल दोपहर 02:53 बजे से 04:17 बजे तक
गुलिक काल सुबह 07:38 बजे से 09:02 बजे तक
दुर्मुहूर्त सुबह 08:34 से 09:19 बजे तक एवं दोपहर 12:28 से 01:13 बजे तक
  • दिशाशूल: शुक्रवार के दिन पश्चिम दिशा में दिशाशूल रहता है। इसका अर्थ है कि आज के दिन पश्चिम दिशा की ओर लंबी दूरी की यात्रा करने से बचना चाहिए।

  • परिहार (उपाय): यदि पश्चिम दिशा में यात्रा करना अति आवश्यक हो, तो घर से निकलने से पहले दर्पण (शीशा) में अपना मुख देखें, थोड़ा सा दही या मीठी खीर का सेवन करें और माता लक्ष्मी का ध्यान करके ही प्रस्थान करें।

आज शुक्रवार के साथ कार्तिक मास का संयोग होने के कारण मां महालक्ष्मी और भगवान विष्णु की संयुक्त पूजा का विशेष फल मिलता है। शाम के समय घर के मुख्य द्वार और तुलसी के पौधे के समीप गाय के घी का दीपक प्रज्वलित करने से घर में सुख, शांति और समृद्धि का वास होता है। सफेद वस्तुओं (जैसे चावल, दूध, चीनी या सफेद वस्त्र) का दान करने से कुंडली में शुक्र ग्रह मजबूत होता है।