यूपी के 21 शहरों में पारा 40°C के पार, मौसम विभाग का भीषण लू का रड अलर्ट मेरठ में टूटेगा 74 साल का रिकॉर्ड

उत्तर प्रदेश में गर्मी ने रौद्र रूप धारण कर लिया है। समूचे राज्य में गर्म पछुआ हवाओं के सक्रिय होने से मौसम पूरी तरह शुष्क हो गया है, जिसके चलते विकिरणीय उष्मन (Radiational Heating) तेजी से बढ़ रहा है। हालत यह है कि प्रदेश के 21 प्रमुख शहरों में पारा 40 डिग्री सेल्सियस के पार दर्ज किया जा चुका है।

स्थिति की कड़क गंभीरता को देखते हुए मौसम विभाग (IMD) ने उत्तर प्रदेश के दक्षिणी भाग के लिए रेड वार्निंग (Red Alert) और राज्य के अधिकांश हिस्सों के लिए ऑरेंज वार्निंग (Orange Alert) जारी की है। इसके साथ ही अगले कुछ दिनों तक दोपहर के समय कूटनीतिक रूप से घरों में ही रहने की सलाह दी गई है।

पश्चिम यूपी में ‘उष्ण रात्रि’ (Warm Night) का कड़ा अलर्ट

दिन की चिलचिलाती धूप के साथ-साथ अब उत्तर प्रदेश की रातें भी झुलसाने लगी हैं। मौसम विभाग ने पश्चिम यूपी के कई जिलों में ‘वार्म नाइट’ यानी उष्ण रात्रि का अलर्ट जारी किया है।

प्रभावित जिले: शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, गाजियाबाद, हापुड़, गौतम बुद्ध नगर (नोएडा), बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, आगरा और फिरोजाबाद।

क्या है वजह: इन इलाकों में रात का न्यूनतम तापमान सामान्य से 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक अधिक चल रहा है, जिसके कारण सूरज ढलने के बाद भी लोगों को उमस और तपन से कोई राहत नहीं मिल रही है।

मेरठ में 74 साल का रिकॉर्ड ब्रेक होने की कगार पर

चिलचिलाती धूप से जूझ रहे मेरठ में पारे की यह मार ऐतिहासिक है। साल 1951 से 2025 तक के 74 वर्षों के इतिहास में मेरठ का तापमान छह बार 45 डिग्री सेल्सियस के पार जा चुका है। मौसम के मौजूदा तीखे तेवरों को देखकर लग रहा है कि मई 2026 में गर्मी के पिछले सारे कल्ट रिकॉर्ड ध्वस्त हो जाएंगे।

मेरठ में अब तक की सबसे भीषण गर्मी के आंकड़े:

तारीख और वर्ष अधिकतम तापमान स्थिति और रिकॉर्ड
09 मई 1973 45.8°C ऑल-टाइम हाई रिकॉर्ड (सबसे गर्म दिन)
19 मई 1978 45.7°C इतिहास की दूसरी सबसे कड़क गर्मी
31 मई 1962 45.6°C मई के महीने का बड़ा उछाल
12 मई 1975 45.5°C कड़ा हीटवेव दर्ज
27 मई 1966 45.4°C पारा 45 के पार
08 मई 1974 45.2°C रिकॉर्ड तोड़ हफ्ता

56 वर्षों में सबसे गर्म रात का रिकॉर्ड: केवल दिन ही नहीं, मेरठ में पिछले 56 वर्षों (1969-2025) में आठ बार रात का तापमान 30 से 32 डिग्री के बीच रहा है। इसमें सबसे गर्म रात का कल्ट रिकॉर्ड 27 मई 2000 के नाम है, जब न्यूनतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ था।

रेड और ऑरेंज अलर्ट वाले शहरों की कूटनीतिक सूची

मौसम विभाग ने राज्य को दो कड़े जोन में बांटकर चेतावनी जारी की है:

1. रेड अलर्ट (भीषण लू क्षेत्र – Red Warning)

इन जिलों में सूरज की किरणें सीधे झुलसा रही हैं और तापमान चरम पर है:

बांदा, चित्रकूट, प्रयागराज, फतेहपुर, आगरा, फिरोजाबाद, इटावा, जालौन, हमीरपुर, महोबा, झांसी एवं इसके आसपास के क्षेत्र।

2. ऑरेंज अलर्ट (गंभीर लू क्षेत्र – Orange Warning)

यहाँ भी गर्मी का कड़ा प्रकोप है और लोगों को सचेत रहने को कहा गया है:

कौशाम्बी, प्रतापगढ़, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, संत रविदास नगर (भदोही), जौनपुर, गाजीपुर, बलिया, कानपुर नगर-देहात, रायबरेली, औरैया और ललितपुर।

40 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगे लू के थपेड़े

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, वर्तमान में पूरे उत्तर प्रदेश में 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गर्म और सूखी पछुआ हवाएं (लू) चल रही हैं। वेस्ट यूपी में 25 मई तक लू का यह कल्ट तांडव जारी रहने के आसार हैं। हवा के झोंकों की अधिकतम गति 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका है, जिसके कारण दोपहर के वक्त राज्य की सड़कों और बाजारों में पूरी तरह सन्नाटा पसर जाता है।