
पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले से एक बड़ी और महत्वपूर्ण राजनीतिक खबर सामने आ रही है। फालता विधानसभा क्षेत्र (Falta Assembly Constituency) में आज यानी गुरुवार (21 मई 2026) को दोबारा मतदान (Re-Polling) कराया जा रहा है। इससे पहले बीते 29 अप्रैल को चुनाव के दूसरे चरण के दौरान इस इलाके में बड़े पैमाने पर धांधली और इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) में गंभीर छेड़छाड़ के आरोप लगे थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए चुनाव आयोग (ECI) ने लोकतंत्र की सुचिता बनाए रखने के लिए वहां हुई पिछली वोटिंग को पूरी तरह से रद्द कर दिया था और क्षेत्र के सभी 285 मतदान केंद्रों पर नए सिरे से मतदान कराने का आदेश जारी किया था।
ईवीएम पर टेप और इत्र लगाने के संगीन आरोप
फालता क्षेत्र में पिछली वोटिंग के दौरान विपक्षी दलों और स्थानीय नागरिकों ने बड़े पैमाने पर चुनावी गड़बड़ियों की शिकायत दर्ज कराई थी। आरोपों के मुताबिक, कई बूथों के भीतर ईवीएम मशीनों के बटनों पर चिपकने वाले टेप (Adhesive Tape) लगा दिए गए थे, ताकि मतदाता अपनी पसंद के निशान पर वोट न दे सकें। इसके अलावा मशीनों पर खास तरह के इत्र (Attar) लगाने और मतदाताओं को डराने-धमकाने के भी मामले सामने आए थे। चुनाव पर्यवेक्षक (Poll Observer) की रिपोर्ट और स्थानीय लोगों के भारी विरोध प्रदर्शन के बाद चुनाव आयोग ने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया का उल्लंघन माना और पूरे विधानसभा क्षेत्र में दोबारा निष्पक्ष चुनाव कराने का ऐतिहासिक फैसला लिया।
वोटिंग से दो दिन पहले टीएमसी उम्मीदवार ने वापस लिया नाम
इस री-पोलिंग से ठीक दो दिन पहले फालता के सियासी मैदान में एक बेहद चौंकाने वाला और बड़ा मोड़ आया। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के आधिकारिक उम्मीदवार जहांगीर खान ने मंगलवार को अचानक प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाकर चुनाव से अपना नाम वापस लेने का ऐलान कर दिया। उन्होंने अपनी उम्मीदवारी वापस लेने के पीछे मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी द्वारा फालता क्षेत्र के विकास के लिए घोषित किए गए विशेष आर्थिक पैकेज और इलाके में शांति बनाए रखने की बात कही। चुनाव प्रचार के आखिरी घंटों में सत्ताधारी दल के उम्मीदवार के इस अप्रत्याशित कदम ने फालता सीट के पूरे चुनावी समीकरण को बदल कर रख दिया है।
अभेद्य किले में बदला फालता: सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम
आज हो रहे मतदान के दौरान किसी भी तरह की हिंसा, बूथ कैप्चरिंग या दोबारा गड़बड़ी को रोकने के लिए चुनाव आयोग और स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए हैं। पूरे फालता विधानसभा क्षेत्र को एक तरह से अभेद्य सुरक्षा किले में तब्दील कर दिया गया है:
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केंद्रीय बलों की भारी तैनाती: इलाके में शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय सुरक्षा बलों की 35 से ज्यादा कंपनियों को संवेदनशील और अति-संवेदनशील इलाकों में तैनात किया गया है।
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क्विक रिस्पॉन्स टीमें अलर्ट: किसी भी मतदान केंद्र पर विवाद या आपातकालीन स्थिति पैदा होने पर तुरंत कार्रवाई करने के लिए 30 ‘क्विक रिस्पॉन्स टीमें’ (QRT) हर समय अलर्ट मोड पर रखी गई हैं।
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वेबकैम और सीसीटीवी से सीधी निगरानी: सुरक्षा और पारदर्शिता को कूटस्थ स्तर पर मजबूत करने के लिए हर एक पोलिंग बूथ के अंदर 2 वेबकैम लगाए गए हैं, जिनकी लाइव फीड सीधे कंट्रोल रूम को मिल रही है। इसके साथ ही बूथ के बाहर सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी के लिए सीसीटीवी (CCTV) कैमरे लगाए गए हैं।
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आसमान से ड्रोन कैमरों की नजर: मैदानी सुरक्षा बलों के साथ-साथ पूरे फालता विधानसभा इलाके की आसमान से भी कड़ी मॉनिटरिंग की जा रही है, जिसके लिए प्रशासन आधुनिक ड्रोन कैमरों का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल कर रहा है।
प्रशासन का साफ कहना है कि किसी भी असामाजिक तत्व को चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने की इजाजत नहीं दी जाएगी। आज हो रही इस कड़ी सुरक्षा वाली री-पोलिंग के नतीजे आने वाली 24 मई को घोषित किए जाएंगे।
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