Friday , September 4 2026

दृश्यम 3: साल 2000 की इस सच्ची घटना से प्रेरित थी दृश्यम की कहानी, डायरेक्टर जीतू जोसेफ ने खोला राज

सस्पेंस-थ्रिलर फिल्मों के शौकीनों के लिए एक बेहद रोमांचक खबर है। अपनी कसी हुई पटकथा और हैरान कर देने वाले ट्विस्ट के लिए मशहूर फिल्म ‘दृश्यम’ का तीसरा पार्ट यानी ‘दृश्यम 3’ (Drishyam 3) 21 मई को साउथ के सिनेमाघरों में रिलीज हो चुका है। यह फिल्म मूल रूप से मलयालम भाषा में रिलीज हुई है, जिसके तमिल, तेलुगु और कन्नड़ डब्ड वर्जन भी दर्शकों के सामने आ चुके हैं। हालांकि, हिंदी पट्टी के दर्शकों को अजय देवगन वाले वर्जन यानी हिंदी ‘दृश्यम 3’ के लिए अभी थोड़ा और इंतजार करना होगा।

फिल्म को लेकर बने इस तगड़े बज के बीच, इसके मास्टरमाइंड और डायरेक्टर जीतू जोसेफ (Jeethu Joseph) ने एक इंटरव्यू में बेहद चौंकाने वाला खुलासा किया है। उनका कहना है कि जॉर्जकुट्टी (हिंदी में विजय साळगांवकर) की यह कहानी पूरी तरह काल्पनिक नहीं थी, बल्कि केरल के दो परिवारों के बीच घटी एक सच्ची घटना ने उनके दिमाग में इस कालजयी फिल्म का आइडिया डाला था।

साल 2000 में सच में हुआ था दो परिवारों के बीच झगड़ा

डायरेक्टर जीतू जोसेफ ने आशीर्वाद सिनेमाज के एक हालिया इंटरव्यू में राज खोलते हुए बताया कि फिल्म की कहानी एक वास्तविक घटना से प्रेरित है। उन्होंने कहा, “मुझे दो असली परिवारों के बीच हुए एक गंभीर मनमुटाव से यह आइडिया आया था। मामला एक लड़के और एक लड़की के बीच का था, जो आगे चलकर बड़ा पुलिस केस बन गया। उस वक्त एक करीबी शख्स ने मुझे इस घटना के बारे में बताया था और कहा था कि इस केस में दोनों ही परिवार अपनी-अपनी जगह सही भी थे और गलत भी। सबसे बड़ा सवाल ये था कि अगर आप वहां होते, तो किसका पक्ष लेते?”

जीतू जोसेफ ने आगे बताया, “यह साल 2000 की बात है, जब मैं फिल्म इंडस्ट्री का हिस्सा भी नहीं बना था। मुझे लगा कि अगर इस तरह की पेचीदा सिचुएशन को बड़े पर्दे पर उतारा जाए, तो दर्शक किसे सपोर्ट करेंगे? उनका दिमाग दोनों तरफ झूलता रहेगा और यही विचार आगे चलकर ‘दृश्यम’ की पटकथा बना।”

जीतू जोसेफ ने स्वीकार की पहले पार्ट की ‘बैलेंस’ न बना पाने की गलती

इंटरव्यू के दौरान डायरेक्टर ने ईमानदारी से पहले पार्ट की एक ऐसी कमी या ‘गलती’ को स्वीकार किया, जो फिल्म रिलीज होने के बाद उन्हें महसूस हुई। जीतू जोसेफ ने बताया कि वह फिल्म में दोनों पक्षों को बराबर दिखाना चाहते थे, लेकिन पर्दे पर वह बैलेंस (संतुलन) नहीं बन पाया।

उन्होंने आईजी गीता प्रभाकर (हिंदी में तबु का किरदार) के नजरिये से बात करते हुए कहा, “फिल्म देखने के बाद मुझे लगा कि हर कोई केवल जॉर्जकुट्टी और उसके परिवार के साथ ही खड़ा था। लेकिन अगर हम गहराई से सोचें, तो क्या हम सच में उस मां (आईजी गीता प्रभाकर) को दोष दे सकते हैं? उसका जवान बेटा अचानक गायब हो गया था और एक मां के तौर पर वह बेचैनी से केवल सच जानना चाहती थी। उसके बेटे ने कभी अपनी मां को अपनी काली करतूतों (लड़की का एमएमएस बनाना) के बारे में नहीं बताया था, इसलिए वह यकीन ही नहीं कर पा रही थी कि उसका बेटा ऐसा कुछ कर सकता है। उसके नजरिये से जॉर्जकुट्टी कानून और पुलिस को मैनीप्युलेट कर रहा था, जिसे सहना उसके लिए नामुमकिन था। यही एक मां का दर्द इस कहानी के पीछे का असली स्पार्क (चिनगारी) था।”

‘दृश्यम 3’ में क्या होगा खास? हिंदी दर्शकों के लिए मेकर्स का बड़ा प्लान

साउथ में रिलीज हो चुकी ‘दृश्यम 3’ को लेकर मेकर्स पहले ही साफ कर चुके हैं कि इस बार की कहानी पिछले दोनों पार्ट से काफी अलग होने वाली है। जहां पार्ट 1 और पार्ट 2 में जॉर्जकुट्टी और आईजी के परिवार के बीच की जंग दिखाई गई थी, वहीं तीसरे पार्ट में कहानी एक बिल्कुल नए किरदार और नए सस्पेंस के इर्द-गिर्द बुनी गई है।

हिंदी के दर्शकों के लिए खुशखबरी: हिंदी दर्शकों को निराश होने की जरूरत नहीं है। मेकर्स ने संकेत दिए हैं कि जब ‘दृश्यम 3’ का हिंदी रीमेक अजय देवगन के साथ आएगा, तो उसकी कहानी और क्लाइमेक्स को बिल्कुल अलग ढंग से पेश किया जा सकता है, ताकि थ्रिल और सस्पेंस का लेवल हिंदी दर्शकों के लिए एकदम फ्रेश और अनप्रेडिक्टेबल रहे।