
नई दिल्ली। देश में लोकतांत्रिक प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी और सटीक बनाने की दिशा में भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने एक बड़ा कदम उठाया है। आयोग ने 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में ‘स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन’ (SIR) के तीसरे चरण की शुरुआत करने की घोषणा की है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची (Voter List) से फर्जी नामों को हटाना और पात्र मतदाताओं के नाम जोड़कर इसे पूरी तरह शुद्ध बनाना है।
जनगणना के साथ तालमेल: फील्ड मशीनरी का बेहतर उपयोग
चुनाव आयोग ने इस बार SIR का कार्यक्रम चल रही जनगणना की ‘हाउस लिस्टिंग’ प्रक्रिया को ध्यान में रखकर तैयार किया है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि फील्ड में तैनात मशीनरी और सरकारी अमले का दोनों ही महत्वपूर्ण कार्यों (जनगणना और मतदाता सूची संशोधन) के लिए कुशलतापूर्वक उपयोग किया जा सके।
इन 19 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में शुरू होगा काम
तीसरे चरण के तहत जिन प्रमुख क्षेत्रों को कवर किया जा रहा है, उनमें शामिल हैं:
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उत्तर भारत: दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड, चंडीगढ़।
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दक्षिण भारत: आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक।
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पूर्व और उत्तर-पूर्व: ओडिशा, मिजोरम, सिक्किम, मणिपुर, मेघालय, नगालैंड, त्रिपुरा।
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पश्चिम भारत: महाराष्ट्र, दादर नागर हवेली एवं दमन दीव।
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अन्य: झारखंड और अरुणाचल प्रदेश।
हिमाचल, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख फिलहाल बाहर
आयोग ने स्पष्ट किया है कि हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को अभी इस चरण से बाहर रखा गया है। इसका प्रमुख कारण इन राज्यों का कठिन मौसम और बर्फबारी है, जो फील्ड वर्क में बाधा डाल सकता है। इन राज्यों के लिए जनगणना के दूसरे चरण के पूरा होने और मौसम सामान्य होने के बाद अलग से शेड्यूल जारी किया जाएगा।
जमीनी स्तर पर बड़ी तैयारी: 3.94 लाख BLO संभालेंगे मोर्चा
मतदाता सूची को दुरुस्त करने के लिए चुनाव आयोग एक विशाल तंत्र का उपयोग कर रहा है:
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घर-घर संपर्क: 3.94 लाख से अधिक बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) सीधे 36.73 करोड़ मतदाताओं के घर जाकर जानकारी की पुष्टि करेंगे।
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राजनीतिक भागीदारी: प्रक्रिया की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए 3.42 लाख बूथ स्तरीय एजेंट (BLA) उनकी सहायता करेंगे, जिन्हें विभिन्न राजनीतिक दलों ने नियुक्त किया है।
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आयोग की अपील: ECI ने सभी दलों से आग्रह किया है कि वे हर बूथ पर अपने एजेंट (BLA) जरूर तैनात करें ताकि भविष्य में किसी भी शिकायत या भ्रम की स्थिति से बचा जा सके।
पहले दो चरणों का रिपोर्ट कार्ड और विवाद
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व्यापक कवरेज: पहले दो चरणों में 13 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के 59 करोड़ मतदाताओं को कवर किया जा चुका है। इसमें 6.3 लाख BLOs और 9.2 लाख BLAs ने हिस्सा लिया था।
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नाम कटने पर विवाद: SIR की यह प्रक्रिया विवादों से भी घिरी रही है। पिछले चरणों के दौरान उत्तर प्रदेश में 2 करोड़ से ज्यादा और पश्चिम बंगाल में 83 लाख से अधिक मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए, जिस पर राजनीतिक दलों ने तीखी प्रतिक्रिया दी थी।
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