2 फ्लॉप के बाद भी काम मिल रहा है, नेपोटिज्म पर आमिर खान के बेटे जुनैद का बेबाक कुबूलनामा

मुंबई: बॉलीवुड के मिस्टर परफेक्शनिस्ट आमिर खान के बेटे जुनैद खान इन दिनों अपनी फिल्मों से ज्यादा अपने बयानों को लेकर चर्चा में हैं। हाल ही में रिलीज हुई उनकी फिल्म ‘एक दिन’ बॉक्स ऑफिस पर उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाई। इससे पहले उनकी फिल्म ‘लवयापा’ भी दर्शकों को रिझाने में नाकाम रही थी। लगातार दो फिल्में फ्लॉप होने के बाद अब जुनैद ने नेपोटिज्म (भाई-भतीजावाद) और स्टार किड्स को मिलने वाले विशेषाधिकारों पर ऐसी बात कही है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है।

“स्टार किड होने का फायदा मिलता है, इसे क्यों नकारें?”

विक्की लालवानी को दिए एक हालिया इंटरव्यू में जुनैद खान ने नेपोटिज्म की बहस पर बड़ी ही ईमानदारी से अपनी राय रखी। उन्होंने बिना किसी हिचकिचाहट के स्वीकार किया कि इंडस्ट्री में पहचान होने का फायदा मिलता है। जुनैद ने कहा, “मुझे काम इसलिए मिलता है क्योंकि मैं आमिर खान का बेटा हूं। मुझे इस सच्चाई से कोई परेशानी नहीं है।” उन्होंने मजाकिया लहजे में आगे कहा, “सर, अभी दो फ्लॉप फिल्मों के बाद भी मुझे काम मिल रहा है, तो काम करने दीजिए ना।” जुनैद की इस बेबाकी और सादगी को सोशल मीडिया पर काफी सराहा जा रहा है।

फिल्म ‘बेचने’ के लिए प्रोड्यूसर्स की मजबूरी

जुनैद ने इंडस्ट्री के बिजनेस मॉडल पर बात करते हुए कहा कि प्रोड्यूसर्स अक्सर उन्हीं कलाकारों को चुनते हैं जिन्हें आसानी से ‘बेचा’ जा सके। उनके मुताबिक, फिल्मों में कई बार एक्टिंग टैलेंट से ज्यादा मार्केटिंग को अहमियत दी जाती है। उन्होंने कहा, “प्रोड्यूसर्स को अपनी फिल्म का मुनाफा देखना होता है, इसलिए वे ऐसे चेहरों को चुनते हैं जिन्हें लोग पहले से जानते हों।” हालांकि, जुनैद का मानना है कि कास्टिंग का आधार केवल ‘मार्केटिंग’ नहीं बल्कि ‘किरदार की जरूरत’ होनी चाहिए।

‘एक दिन’ की असफलता से आमिर खान भी थे तनाव में

जुनैद की फिल्म ‘एक दिन’ में उनके साथ साउथ की मशहूर अभिनेत्री साई पल्लवी नजर आई थीं। इस फिल्म का निर्माण खुद आमिर खान के प्रोडक्शन हाउस ने किया था। फिल्म के बॉक्स ऑफिस पर पिछड़ने से आमिर खान भी काफी परेशान थे। जुनैद ने बताया, “इतने सालों का अनुभव होने के बावजूद डैड अपनी फिल्मों को लेकर आज भी टेंशन लेते हैं। फिल्म के रिस्पॉन्स से वे थोड़े परेशान जरूर हुए थे, लेकिन उन्होंने जल्द ही खुद को संभाला और काम में जुट गए।”

इनसाइडर बनाम आउटसाइडर की बहस पर राय

जुनैद का मानना है कि इनसाइडर और आउटसाइडर की बहस से ज्यादा जरूरी यह है कि क्या कलाकार अपने रोल के साथ न्याय कर पा रहा है। उन्होंने मेकर्स से अपील करते हुए कहा कि किसी को सिर्फ इसलिए कास्ट न करें क्योंकि उसे प्रमोट करना आसान है, बल्कि उसे चुनें जो उस रोल के लिए सबसे ज्यादा फिट बैठता हो।

अब ‘रागिनी एमएमएस 3’ में आएंगे नजर

बॉक्स ऑफिस पर दो असफलताओं के बाद भी जुनैद के पास बड़े प्रोजेक्ट्स की कमी नहीं है। वे जल्द ही तमन्ना भाटिया के साथ फिल्म ‘रागिनी एमएमएस 3’ में नजर आएंगे। इस फिल्म से जुनैद को काफी उम्मीदें हैं और वे एक बार फिर अपनी एक्टिंग से दर्शकों का दिल जीतने की कोशिश करेंगे।